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तीन माह बाद भी हत्या का खुलासा नहीं
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गुरुवार रात दिबियापुर थाने में मौजूद रजनीश दीक्षित एवं उनकी मां। संवाद
- फोटो : AURAIYA
दिबियापुर। थाना क्षेत्र के गहेसर में तीन माह पूर्व हुई युवक की हत्या की विवेचना एक बार फिर से जिले में आ गई है। इस बार मामले की विवेचना अपर पुलिस अधीक्षक की निगरानी में हो रही है। गुरुवार शाम एएसपी एवं सीओ ने मृतक के भाई एवं मां को बुलाकर घटना के संबंध में जानकारियां जुटाईं।
24 फरवरी की रात लगभग नौ बजे गांव गहेसर निवासी विनय दीक्षित घर से टहलने की बात कहकर घर से निकला था, फिर घर नहीं लौटा। 25 फरवरी को साधौ सिंह के खेत में बनी नाली में विनय का शव मिला था। विनय को गोलियां मारी गईं थीं। मृतक के भाई रजनीश दीक्षित ने गांव के ही राहुल उर्फ पंडा, गौरव यादव, संजीव व राजकुमार यादव के खिलाफ रंजिशन हत्या किए जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
26 मार्च को रजनीश ने एसपी को शिकायती पत्र सौंपकर पुलिस के दो अधिकारियों पर आरोपियों के जाति के होने का आरोप लगाकर शिकायत की थी। साथ ही घटना की विवेचना गैर जनपद स्थानांतरित किए जाने की मांग की थी। इस पर घटना की विवेचना कन्नौज जिले के लिए स्थानांतरित हो गई थी। इस बीच रजनीश अपनी मां के साथ प्रदेश सरकार के मंत्रियों एवं पुलिस विभाग के प्रदेश के आला अधिकारियों से मिला।
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बताते हैं कि अब एक बार फिर से घटना की विवेचना औरैया पुलिस को मिली है। विवेचना अपर पुलिस अधीक्षक शिष्यपाल की निगरानी में हो रही है। 21 मई को पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने मामले को लेकर दिबियापुर थाने के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक रहे इंस्पेक्टर को भी थाने बुलाकर पूछताछ की थी। गुरुवार रात दिबियापुर थाने पहुंचे एएसपी शिष्यपाल एवं सीओ सुरेंद्र नाथ ने थाना पुलिस से कई बिंदुओं पर पड़ताल की। साथ ही पीड़ित रजनीश दीक्षित से भी जानकारी जुटाई।
एएसपी शिष्यपाल ने बताया कि गहेसर हत्याकांड औरैया जिले में ही हुआ था। इसकी विवेचना फिर से यहीं पर आ गई है। अधिकारियों पर आरोप प्रत्यारोप चलते रहते हैं, विवेचना चल रही। विवेचना के बाद ही कुछ कहना संभव होगा।
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24 फरवरी की रात लगभग नौ बजे गांव गहेसर निवासी विनय दीक्षित घर से टहलने की बात कहकर घर से निकला था, फिर घर नहीं लौटा। 25 फरवरी को साधौ सिंह के खेत में बनी नाली में विनय का शव मिला था। विनय को गोलियां मारी गईं थीं। मृतक के भाई रजनीश दीक्षित ने गांव के ही राहुल उर्फ पंडा, गौरव यादव, संजीव व राजकुमार यादव के खिलाफ रंजिशन हत्या किए जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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26 मार्च को रजनीश ने एसपी को शिकायती पत्र सौंपकर पुलिस के दो अधिकारियों पर आरोपियों के जाति के होने का आरोप लगाकर शिकायत की थी। साथ ही घटना की विवेचना गैर जनपद स्थानांतरित किए जाने की मांग की थी। इस पर घटना की विवेचना कन्नौज जिले के लिए स्थानांतरित हो गई थी। इस बीच रजनीश अपनी मां के साथ प्रदेश सरकार के मंत्रियों एवं पुलिस विभाग के प्रदेश के आला अधिकारियों से मिला।
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बताते हैं कि अब एक बार फिर से घटना की विवेचना औरैया पुलिस को मिली है। विवेचना अपर पुलिस अधीक्षक शिष्यपाल की निगरानी में हो रही है। 21 मई को पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने मामले को लेकर दिबियापुर थाने के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक रहे इंस्पेक्टर को भी थाने बुलाकर पूछताछ की थी। गुरुवार रात दिबियापुर थाने पहुंचे एएसपी शिष्यपाल एवं सीओ सुरेंद्र नाथ ने थाना पुलिस से कई बिंदुओं पर पड़ताल की। साथ ही पीड़ित रजनीश दीक्षित से भी जानकारी जुटाई।
एएसपी शिष्यपाल ने बताया कि गहेसर हत्याकांड औरैया जिले में ही हुआ था। इसकी विवेचना फिर से यहीं पर आ गई है। अधिकारियों पर आरोप प्रत्यारोप चलते रहते हैं, विवेचना चल रही। विवेचना के बाद ही कुछ कहना संभव होगा।