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Auraiya News: मुरादगंज की गली-मोहल्लाें में बंदरों का उत्पात
Wed, 04 Jun 2025 12:03 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Wed, 04 Jun 2025 12:03 AM IST
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मुरादगंज में चौराहे पर बंदरों का झुंड।
- फोटो : मुरादगंज में चौराहे पर बंदरों का झुंड।
मुरादगंज। कस्बे में बंदरों का उत्पात दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है। आए दिन बंदर किसी न किसी को अपना निशाना बना रहे हैं। लोग घर से निकलने में कतरा रहे हैं।
लोगों को अपने घर की छत पर जाने से भी डर लग रहा है। कस्बा वासियों ने प्रशासन से समस्या के समाधान की गुहार लगाई है। कुछ साल पहले तक कस्बे के आसपास बड़े-बड़े बाग हुआ करते थे। इनमें बंदरों की टोलियां रहती थीं।
बाग में लगे पेड़ों के फल और सब्जी मंडी की बची हुई सब्जियों से उनका पेट भर जाता था। इसलिए बंदर कभी भी बस्ती में नहीं आते थे। फिर धीरे-धीरे बाग खत्म हो गए और उनकी जगह नई बस्तियां बस गईं। इससे बंदरों को खाना मिलना बंद हो गया।
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इधर, भूखे बंदरों ने खाने की तलाश में धीरे-धीरे आबादी की ओर रुख किया। बंदरों ने घरों में घुसकर खाना छीनने के लिए लोगों पर हमला करना शुरू कर दिया।
पिछले एक महीने में बंदरों ने कस्बावासी हाकिम सिंह, लक्ष्मी देवी, राम कुमार, ज्ञानवती विश्नोई, कमल विश्नोई और मीरा पोरवाल सहित कई लोगों को गंभीर रूप से घायल कर दिया। लोगों ने प्रशासन से बंदरों से छुटकारा दिलाने की मांग की है।
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लोगों को अपने घर की छत पर जाने से भी डर लग रहा है। कस्बा वासियों ने प्रशासन से समस्या के समाधान की गुहार लगाई है। कुछ साल पहले तक कस्बे के आसपास बड़े-बड़े बाग हुआ करते थे। इनमें बंदरों की टोलियां रहती थीं।
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बाग में लगे पेड़ों के फल और सब्जी मंडी की बची हुई सब्जियों से उनका पेट भर जाता था। इसलिए बंदर कभी भी बस्ती में नहीं आते थे। फिर धीरे-धीरे बाग खत्म हो गए और उनकी जगह नई बस्तियां बस गईं। इससे बंदरों को खाना मिलना बंद हो गया।
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इधर, भूखे बंदरों ने खाने की तलाश में धीरे-धीरे आबादी की ओर रुख किया। बंदरों ने घरों में घुसकर खाना छीनने के लिए लोगों पर हमला करना शुरू कर दिया।
पिछले एक महीने में बंदरों ने कस्बावासी हाकिम सिंह, लक्ष्मी देवी, राम कुमार, ज्ञानवती विश्नोई, कमल विश्नोई और मीरा पोरवाल सहित कई लोगों को गंभीर रूप से घायल कर दिया। लोगों ने प्रशासन से बंदरों से छुटकारा दिलाने की मांग की है।