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आचार संहिता के बाद सात लाख लीटर शराब गटक गए लोग
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औरैया। चुनावी में संहिता लगने के बाद जिले में शराब की बिक्री तेजी से बढ़ी है। जो शराब एक माह में बिकनी चाहिए थी, वह सिर्फ 15 दिनों में बिक गई। संहिता लगने से अब तक सात लाख लीटर लोग शराब गटक गए। इसे चुनावी माहौल से जोड़ कर देखा जा रहा है।
चुनाव शुरू होते ही जिला निर्वाचन विभाग और आबकारी विभाग ने शराब बिक्री पर शिकंजा कसने और नियम के तहत शराब बेचने के निर्देश दिए। लेकिन इसका पालन होता नजर नहीं आया। यहीं कारण रहा ठेकों पर खूब धड़ल्ले से मन मुताबिक शराब बेची गई।
आंकड़ों पर नजर डाले तो एक जनवरी से 31 जनवरी तक देशी शराब की 388125 बल्क लीटर बिक्री हुई थी। वहीं, 15 फरवरी तक 2,12, 643 बल्क लीटर की बिक्री हुई। इस तरह ही 1-31 जनवरी के बीच अंग्रेजी शराब 50,361 लीटर बिक्री हुई थी। फरवरी में 34, 799 लीटर अंग्रेजी शराब की बिक्री हुई है।
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यदि बियर की बिक्री की बात करें तो जनवरी माह में 60,766 लीटर की खपत हुई तो 15 फरवरी तक 53, 788 बल्क लीटर की बिक्री हुई। इस तरह जनवरी में 4,99, 252.29 शराब की बिक्र हुई थी। जबकि 15 फरवरी तक मतदान से पहले ही 3,01,231 बल्क लीटर हुई है। जो कि जनवरी की कुल बिक्री का 75 प्रतिशत से ज्यादा है हुई है। इसलिए यह माना जा रहा है कि चुनाव के कारण बिक्री अभी और शराब गटकी जाएगी। जो जनवरी में हुई कुल बिक्री में ज्यादा है।
जनवरी के मुकाबले फरवरी में अंग्रेजी, देशी शराब, बियर की बिक्री में बढ़ोतरी देखी जा रही है। चुनाव को देखते हुए शराब की पेटी देने पर रोक थी। इसलिए ठेकों से बोतल, आधा व पव्वा ही बिके हैं। उम्मीद है कि फरवरी माह के आखिरी तक जनवरी ज्यादा बिक्री हो सकती है। साथ ही राजस्व भी पूरा होने की उम्मीद है।
ज्ञानेंद्र पांडेय, जिला आबकारी अधिकारी
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चुनाव शुरू होते ही जिला निर्वाचन विभाग और आबकारी विभाग ने शराब बिक्री पर शिकंजा कसने और नियम के तहत शराब बेचने के निर्देश दिए। लेकिन इसका पालन होता नजर नहीं आया। यहीं कारण रहा ठेकों पर खूब धड़ल्ले से मन मुताबिक शराब बेची गई।
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आंकड़ों पर नजर डाले तो एक जनवरी से 31 जनवरी तक देशी शराब की 388125 बल्क लीटर बिक्री हुई थी। वहीं, 15 फरवरी तक 2,12, 643 बल्क लीटर की बिक्री हुई। इस तरह ही 1-31 जनवरी के बीच अंग्रेजी शराब 50,361 लीटर बिक्री हुई थी। फरवरी में 34, 799 लीटर अंग्रेजी शराब की बिक्री हुई है।
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यदि बियर की बिक्री की बात करें तो जनवरी माह में 60,766 लीटर की खपत हुई तो 15 फरवरी तक 53, 788 बल्क लीटर की बिक्री हुई। इस तरह जनवरी में 4,99, 252.29 शराब की बिक्र हुई थी। जबकि 15 फरवरी तक मतदान से पहले ही 3,01,231 बल्क लीटर हुई है। जो कि जनवरी की कुल बिक्री का 75 प्रतिशत से ज्यादा है हुई है। इसलिए यह माना जा रहा है कि चुनाव के कारण बिक्री अभी और शराब गटकी जाएगी। जो जनवरी में हुई कुल बिक्री में ज्यादा है।
जनवरी के मुकाबले फरवरी में अंग्रेजी, देशी शराब, बियर की बिक्री में बढ़ोतरी देखी जा रही है। चुनाव को देखते हुए शराब की पेटी देने पर रोक थी। इसलिए ठेकों से बोतल, आधा व पव्वा ही बिके हैं। उम्मीद है कि फरवरी माह के आखिरी तक जनवरी ज्यादा बिक्री हो सकती है। साथ ही राजस्व भी पूरा होने की उम्मीद है।
ज्ञानेंद्र पांडेय, जिला आबकारी अधिकारी