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Auraiya News: 30 करोड़ की जमीन कब्जाई, भाजपा नेता, तीन भाइयों और मां पर केस

Wed, 23 Apr 2025 11:49 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया Updated Wed, 23 Apr 2025 11:49 PM IST
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Land worth Rs 30 crores was encroached upon, case filed against BJP leader, three brothers and mother
दिबियापुर। कस्बे से सटी सेहुद ग्राम पंचायत में औरैया रोड कंप्रेसर बंबा किनारे 30 करोड़ की सरकारी जमीन पर कब्जा कर लिया गया था। मामले में भाजपा नेता, उनके तीन भाइयों व मां के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। लेखपाल की तहरीर पर यह मुकदमा दर्ज किया गया है।
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यह जमीन 11.69 एकड़ में है। इसमें छह सदस्यीय टीम ने फर्जी प्रविष्टि के सहारे जमीन हथियाने की बात पकड़ी थी। मामले में डीएम के आदेश पर सरकारी जमीन के दुरुपयोग समेत धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
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खास बात यह है कि तत्कालीन राजस्व कर्मियों को भी लपेटे में लिया गया है। जमीन ग्राम सभा के ऊसर के नाम से दर्ज थी। सेहुद में तैनात क्षेत्रीय लेखपाल जय प्रताप सिंह गौर ने मंगलवार रात दिबियापुर थाना में तहरीर दी।
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इसमें गांव मेरखपुर निवासी भाजपा नेता (पुराने स्थानीय कार्यकर्ता) भगवती कुमार व उनके भाई नरेंद्र कुमार, देवेंद्र कुमार, रविशंकर समेत मां किशन देवी पर मुकदमा दर्ज किया गया। तहरीर में बताया गया कि फर्जी प्रविष्टि के सहारे मेरखपुर निवासी शिवकुमार (भाजपा नेता के पिता) ने दशकों पहले इस जमीन के कागजों में अपना नाम चढ़वा लिया था।

यह करामात चकबंदी के दौरान हुई। खास बात यह रही कि तथ्यों को छिपाकर शिवकुमार की मौत के बाद भाजपा नेता व तीन भाइयों समेत मां के नाम वरासत के जरिए जमीन चढ़वा ली गई। जबकि इस मामले में उपसंचालक चकबंदी की ओर से 1992 में फर्जी प्रविष्टि की सूचना दर्ज कराई गई थी। जमीन ग्राम सभा के ऊसर के नाम से दर्ज थी।

जमीन के फर्जीवाड़े को लेकर 31 जुलाई 2024 को डीएम ने एसडीएम सदर की अध्यक्षता वाली छह सदस्यीय टीम को जांच सौंपी। इस जांच टीम ने 17 फरवरी 2025 को अपनी रिपोर्ट दी। जिसमें इस बेशकीमती जमीन को फर्जी प्रविष्टि के सहारे हथियाए जाने की बात सामने आई। मामले को लेकर नायब तहसीलदार ने भाजपा नेता व उनके परिवार की वरासत को निरस्त कर दिया।

बताया गया कि सालों से इस जमीन पर फसल उगाई जा रही है। कंप्रेसर बंबे से सटी इस जमीन के इर्दगिर्द भाव भी आसमान छू रहे हैं। मामले में सरकारी जमीन के दुरुपयोग समेत धोखाधड़ी व अन्य गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। इस संबंध में दिबियापुर थानाध्यक्ष मुकेश बाबू चौहान ने बताया कि लेखपाल की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। विवेचना शुरू की गई है।


दशकों से बोई जा रही फसल

11.69 एकड़ जमीन का मामला अपने आप में संवेदनशील है। एनटीपीसी से यह जमीन सटी हुई है। इस जमीन के इर्दगिर्द बहुतायत में प्लाटिंग हुई है। हालांकि कागजों की गड़बड़ी के चलते कब्जेदारों की ओर से महज जमीन का प्रयोग खेती-बाड़ी के लिए किया जा रहा था। स्थानीय व राजस्व कर्मियों की मानें तो सालों से यह जमीन प्रयोग में लाई जा रही थी। ऐसे में सरकारी जमीन के दुरुपयोग के मामले में मोटी रिकवरी होने का अंदेशा जताया जा रहा है।
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