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Auraiya News: ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ग्राउंड के लिए देवकली के पास जमीन चिह्नित
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औरैया। वाहन चलाने का लाइसेंस देने से पहले चालकों की दक्षता को परखने के लिए स्वचालित परीक्षण लेन (ऑटोमेटेड टेस्टिंग लेन) और स्वचालित ड्राइविंग परीक्षण ट्रैक (ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक) के लिए जमीन के लिए पांच सालों की तलाश पूरी हो गई है। देवकली मंदिर के पास जमीन को लेकर एआरटीओ प्रशासन ने सहमति जताई है।
केंद्र सरकार के सड़क सुरक्षा नियमों के तहत ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के लिए स्वचालित ड्राइविंग ट्रैक पर वाहन चालकों का परीक्षण होना चाहिए। जिले में स्वचालित परीक्षण ट्रैक न होने के कारण ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने के लिए वाहन चालकों का परीक्षण ड्राइविंग सिम्युलेटर मशीन पर किया जा रहा है। जिला प्रशासन और परिवहन विभाग पिछले करीब पांच सालों से स्वचालित ट्रैक बनाने के लिए जमीन तलाश रहे थे।
अब देवकली मंदिर समीप ढाई एकड़ जमीन को प्रशासन ने इसके लिए चिह्नित किया है। इसमें स्वचालित ड्राइविंग परीक्षण ट्रैक के साथ ही स्वचालित परीक्षण लेन भी बनाई जाएगी। परिवहन विभाग ने अपनी रिपोर्ट में इस भूमि को उपयुक्त बताया है। वहीं अब इस चिह्नित हुई जमीन को कागजों में पुख्ता करने की कवायद शुरू की गई है। बता दें कि अजीतमल में इससे पहले जमीन चिह्नित की गई थी। ककोर मुख्यालय से 40 किमी दूर जमीन होने पर परिवहन विभाग ने जमीन को अनुपयुक्त पाया था। इसके बाद यह जमीन देखी गई है।
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स्वचालित टेस्टिंग लेन में होगी वाहनों की फिटनेस
ककोर मुख्यालय स्थित एआरटीओ कार्यालय में प्रतिदिन करीब 25 लोग ड्राइविंग लाइसेंस के लिए वाहन चालन का टेस्ट देते हैं। कार्यालय में करीब 50-60 वाहनों की प्रतिदिन फिटनेस होती है। स्वचालित टेस्टिंग लेन बनने के बाद वाहनों की फिटनेस का कार्य टेस्टिंग लेन में होगा। ड्राइविंग लाइसेंस के लिए वाहन चालकों का परीक्षण स्वचालित ड्राइविंग ट्रैक पर किया जाएगा।
जिले में काफी दिनों से स्वचालित परीक्षण लेन और स्वचालित ड्राइविंग परीक्षण ट्रैक के लिए जमीन तलाश की जा रही थी। देवकली मंदिर समीप चिह्नित की गई ढाई एकड़ जमीन को परिवहन विभाग को ठीक लगी है।
-महेंद्र पाल सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व
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केंद्र सरकार के सड़क सुरक्षा नियमों के तहत ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के लिए स्वचालित ड्राइविंग ट्रैक पर वाहन चालकों का परीक्षण होना चाहिए। जिले में स्वचालित परीक्षण ट्रैक न होने के कारण ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने के लिए वाहन चालकों का परीक्षण ड्राइविंग सिम्युलेटर मशीन पर किया जा रहा है। जिला प्रशासन और परिवहन विभाग पिछले करीब पांच सालों से स्वचालित ट्रैक बनाने के लिए जमीन तलाश रहे थे।
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अब देवकली मंदिर समीप ढाई एकड़ जमीन को प्रशासन ने इसके लिए चिह्नित किया है। इसमें स्वचालित ड्राइविंग परीक्षण ट्रैक के साथ ही स्वचालित परीक्षण लेन भी बनाई जाएगी। परिवहन विभाग ने अपनी रिपोर्ट में इस भूमि को उपयुक्त बताया है। वहीं अब इस चिह्नित हुई जमीन को कागजों में पुख्ता करने की कवायद शुरू की गई है। बता दें कि अजीतमल में इससे पहले जमीन चिह्नित की गई थी। ककोर मुख्यालय से 40 किमी दूर जमीन होने पर परिवहन विभाग ने जमीन को अनुपयुक्त पाया था। इसके बाद यह जमीन देखी गई है।
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स्वचालित टेस्टिंग लेन में होगी वाहनों की फिटनेस
ककोर मुख्यालय स्थित एआरटीओ कार्यालय में प्रतिदिन करीब 25 लोग ड्राइविंग लाइसेंस के लिए वाहन चालन का टेस्ट देते हैं। कार्यालय में करीब 50-60 वाहनों की प्रतिदिन फिटनेस होती है। स्वचालित टेस्टिंग लेन बनने के बाद वाहनों की फिटनेस का कार्य टेस्टिंग लेन में होगा। ड्राइविंग लाइसेंस के लिए वाहन चालकों का परीक्षण स्वचालित ड्राइविंग ट्रैक पर किया जाएगा।
जिले में काफी दिनों से स्वचालित परीक्षण लेन और स्वचालित ड्राइविंग परीक्षण ट्रैक के लिए जमीन तलाश की जा रही थी। देवकली मंदिर समीप चिह्नित की गई ढाई एकड़ जमीन को परिवहन विभाग को ठीक लगी है।
-महेंद्र पाल सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व