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औरैयाः लाखों खर्च, फिर भी नहीं मिली जलभराव से मुक्ति
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गंदगी व जलभराव होने से उफनाता नरायनपुर मोहल्ले में बना तालाब। संवाद
- फोटो : AURAIYA
औरैया। लंबे समय से जलभराव की समस्या से जूझ रहे शहर के मोहल्ला नरायनपुर के बाशिंदों को लाखों रुपये खर्च होने के बाद भी समस्या से निजात नहीं मिल सकी है। 24 लाख रुपये के बजट से गंदगी से पटे तालाब को खाली कराने का ठेका उठा। एक माह तक काम चला, पर जलभराव से निजात नहीं मिली। इधर, बारिश होने के बाद हालात फिर पहले जैसे हो गए हैं।
शहर के मोहल्ला नरायनपुर के उत्तरी व दक्षिणी वार्ड में लगभग 16 हजार मतदाताओं के साथ 35 हजार की आबादी है। मोहल्ले में बारिश के वक्त जलभराव के कारण टापू जैसे हालात हो जाते हैं। मोहल्ले के लोगों ने कई बार पालिका प्रशासन को लिखित व मौखिक देकर समस्या का समाधान कराने की मांग की पर हर बार उन्हें जल भराव के संकट को झेलने को मजबूर होना पड़ता है।
हालांकि इस बार तत्कालीन अधिशासी अधिकारी बलवीर सिंह ने नरायनपुर मोहल्ले की जलभराव की समस्या को देखकर गंदगी से पटे पड़े तालाब को खाली कराने के लिए लगभग 24 लाख रुपये का ठेका उठाया था। इस बजट से तालाब को खाली कराने का काम किया गया। तब तालाब तो खाली हो गया पर उसमें नीचे से फिर से गंदा पानी निकलने लगा। उधर, बरसात भी शुरू हो गई।
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जिससे मोहल्लों के नालों से आने वाले पानी से तालाब में पानी भरने लगा। लगभग एक माह बाद आज तालाब पूरी तरह से गंदगी और पानी से भरने के कारण उफनाने लगा है। इससे वहां का गंदा पानी सड़क पर आने लगा है। ऐसे में यदि एक-दो दिन में फिर से बारिश हो गई तो निश्चित ही घरों में गंदा पानी घुसने लगेगा। मोहल्ला निवासी अखिलेश सक्सेना एडवोकेट, पंकज पोरवाल, सुशील शर्मा आदि ने बताया कि जलभराव के कारण बारिश में हम लोगों को घर से निकलना दूभर हो जाता है। बावजूद इसके पालिका प्रशासन के पास कोई स्थायी समाधान नहीं है।
जेई नगर पालिका परिषद पीपी सिंह का कहना है कि तालाब को खाली कराकर मोहल्ले के लोगों की जलभराव की समस्या को दूर कराने का प्रयास किया गया है। इस पर लगभग 24 लाख रुपये का खर्च आया था। हालांकि अभी संबंधित ठेकेदार को इसका भुगतान नहीं किया गया है। अभी उसमें और काम होना बाकी है। तालाब के भरने के बाद उसे फिर से खाली कराया जा रहा है।
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शहर के मोहल्ला नरायनपुर के उत्तरी व दक्षिणी वार्ड में लगभग 16 हजार मतदाताओं के साथ 35 हजार की आबादी है। मोहल्ले में बारिश के वक्त जलभराव के कारण टापू जैसे हालात हो जाते हैं। मोहल्ले के लोगों ने कई बार पालिका प्रशासन को लिखित व मौखिक देकर समस्या का समाधान कराने की मांग की पर हर बार उन्हें जल भराव के संकट को झेलने को मजबूर होना पड़ता है।
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हालांकि इस बार तत्कालीन अधिशासी अधिकारी बलवीर सिंह ने नरायनपुर मोहल्ले की जलभराव की समस्या को देखकर गंदगी से पटे पड़े तालाब को खाली कराने के लिए लगभग 24 लाख रुपये का ठेका उठाया था। इस बजट से तालाब को खाली कराने का काम किया गया। तब तालाब तो खाली हो गया पर उसमें नीचे से फिर से गंदा पानी निकलने लगा। उधर, बरसात भी शुरू हो गई।
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जिससे मोहल्लों के नालों से आने वाले पानी से तालाब में पानी भरने लगा। लगभग एक माह बाद आज तालाब पूरी तरह से गंदगी और पानी से भरने के कारण उफनाने लगा है। इससे वहां का गंदा पानी सड़क पर आने लगा है। ऐसे में यदि एक-दो दिन में फिर से बारिश हो गई तो निश्चित ही घरों में गंदा पानी घुसने लगेगा। मोहल्ला निवासी अखिलेश सक्सेना एडवोकेट, पंकज पोरवाल, सुशील शर्मा आदि ने बताया कि जलभराव के कारण बारिश में हम लोगों को घर से निकलना दूभर हो जाता है। बावजूद इसके पालिका प्रशासन के पास कोई स्थायी समाधान नहीं है।
जेई नगर पालिका परिषद पीपी सिंह का कहना है कि तालाब को खाली कराकर मोहल्ले के लोगों की जलभराव की समस्या को दूर कराने का प्रयास किया गया है। इस पर लगभग 24 लाख रुपये का खर्च आया था। हालांकि अभी संबंधित ठेकेदार को इसका भुगतान नहीं किया गया है। अभी उसमें और काम होना बाकी है। तालाब के भरने के बाद उसे फिर से खाली कराया जा रहा है।