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Auraiya News: विकास भवन की वायरिंग धांधली, डीएम ने बैठाई जांच
Sun, 09 Aug 2026 11:36 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Sun, 09 Aug 2026 11:36 PM IST
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फोटो-14- ककोर स्थित विकास भवन की बिल्डिंग। संवाद
औरैया। विकास भवन में करीब 2025 अगस्त में हुए बिजली के काम की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। इसमें धांधली की आशंका जताई जा रही है। जिलाधिकारी बृजेश कुमार ने इस मामले की विस्तृत जांच शुरू करा दी है। रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विकास भवन की बिल्डिंग भूतल सहित दो मंजिल की है। इसमें लंबे समय से बिजली की वायरिंग, स्विच बोर्ड और अन्य उपकरण खराब थे। गर्मी के दिनों में एसी और इन्वर्टर के अधिक लोड से अक्सर बिजली की खराबी हो जाती थी। इन समस्याओं को देखते हुए तत्कालीन मुख्य विकास अधिकारी ने 13 लाख रुपये से बिजली का काम कराया था। करीब 2026 जुलाई में जिलाधिकारी बृजेश कुमार ने विकास भवन का जायजा लिया।
इस दौरान उन्हें कई विभागों में वायरिंग में गड़बड़ी मिली। 13 लाख रुपये खर्च होने के बाद भी यह स्थिति हैरत का विषय बनी। जिलाधिकारी ने तुरंत विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता को जांच सौंप दी। अधीक्षण अभियंता ने भी वायरिंग की गुणवत्ता की जांच शुरू कर दी है। एक सप्ताह में वह अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को देंगे। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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वायरिंग में अनियमितताएं
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार विकास भवन में बिछाई गई वायरिंग ठीक नहीं है। कहीं ब्रांडेड तारों का इस्तेमाल किया गया है। वहीं, कुछ जगहों पर बिना कंपनी के नाम वाले तारों का उपयोग हुआ है। अधीक्षण अभियंता की जांच में यह बात आधिकारिक रूप से सामने आएगी।
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विभागीय कार्यों में बाधा
विकास भवन की बिल्डिंग में वायरिंग की गड़बड़ी से विभागीय कार्यों में अक्सर बाधा आती थी। सूत्रों के अनुसार, दूसरी मंजिल के कुछ विभागों में बिजली अक्सर गुल रहती थी। अधिकारी और कर्मचारी मरम्मत के सहारे किसी तरह काम चला रहे थे। इस समस्या के समाधान के लिए कराए गए काम में ही धांधली हो गई। यही कारण है कि काम पूरा होने के बाद भी व्यवस्था पटरी पर नहीं आ सकी।
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वर्जन-- -
कई जगह वायरिंग की खुली होने की जानकारी मिली थी। इसके चलते विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता से जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-बृजेश कुमार, जिलाधिकारी
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विकास भवन की बिल्डिंग भूतल सहित दो मंजिल की है। इसमें लंबे समय से बिजली की वायरिंग, स्विच बोर्ड और अन्य उपकरण खराब थे। गर्मी के दिनों में एसी और इन्वर्टर के अधिक लोड से अक्सर बिजली की खराबी हो जाती थी। इन समस्याओं को देखते हुए तत्कालीन मुख्य विकास अधिकारी ने 13 लाख रुपये से बिजली का काम कराया था। करीब 2026 जुलाई में जिलाधिकारी बृजेश कुमार ने विकास भवन का जायजा लिया।
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इस दौरान उन्हें कई विभागों में वायरिंग में गड़बड़ी मिली। 13 लाख रुपये खर्च होने के बाद भी यह स्थिति हैरत का विषय बनी। जिलाधिकारी ने तुरंत विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता को जांच सौंप दी। अधीक्षण अभियंता ने भी वायरिंग की गुणवत्ता की जांच शुरू कर दी है। एक सप्ताह में वह अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को देंगे। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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वायरिंग में अनियमितताएं
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार विकास भवन में बिछाई गई वायरिंग ठीक नहीं है। कहीं ब्रांडेड तारों का इस्तेमाल किया गया है। वहीं, कुछ जगहों पर बिना कंपनी के नाम वाले तारों का उपयोग हुआ है। अधीक्षण अभियंता की जांच में यह बात आधिकारिक रूप से सामने आएगी।
विभागीय कार्यों में बाधा
विकास भवन की बिल्डिंग में वायरिंग की गड़बड़ी से विभागीय कार्यों में अक्सर बाधा आती थी। सूत्रों के अनुसार, दूसरी मंजिल के कुछ विभागों में बिजली अक्सर गुल रहती थी। अधिकारी और कर्मचारी मरम्मत के सहारे किसी तरह काम चला रहे थे। इस समस्या के समाधान के लिए कराए गए काम में ही धांधली हो गई। यही कारण है कि काम पूरा होने के बाद भी व्यवस्था पटरी पर नहीं आ सकी।
वर्जन
कई जगह वायरिंग की खुली होने की जानकारी मिली थी। इसके चलते विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता से जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-बृजेश कुमार, जिलाधिकारी