{"_id":"68d58259148ca6d74205e258","slug":"investigation-ordered-on-recovery-of-more-than-the-fine-auraiya-news-c-12-1-knp1080-1278430-2025-09-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Auraiya News: जुर्माने से ज्यादा वसूली पर जांच के आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Auraiya News: जुर्माने से ज्यादा वसूली पर जांच के आदेश
Thu, 25 Sep 2025 11:27 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Thu, 25 Sep 2025 11:27 PM IST
सार
औरैया में परिवहन विभाग द्वारा कथित अधिक जुर्माना वसूली के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एसपी को सीओ स्तर से जांच के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने तीन माह में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।
विज्ञापन
विस्तार
औरैया। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने परिवहन विभाग की ओर से जुर्माना से अधिक वसूली करने के मामले में एसपी को जांच के आदेश दिए हैं। इसमें सीओ स्तर से तीन माह के अंदर जांच पूरी कर रिपोर्ट दर्ज करने को कहा है। याचिकाकर्ता ने गलत जुर्माना वसूल किए जाने पर हाईकोर्ट में शरण ली थी।
करीब चार माह पहले का यह मामला बताया गया है। याचिका कर्ता के मुताबिक 17 मई को तत्कालीन एआरटीओ ने ट्रक को रोक लिया था। जिसे छुडवाने के लिए उस पर जुर्माना लगाया गया था। वाहन छुड़वाने के लिए याचिकाकर्ता ने 1.40 लाख रुपये तीन लोगों के बैंक खाते में जमा कराया था जबकि रिलीज आर्डर महज 36.5 हजार रुपये जमा हुआ दर्शाया गया। इसका याचिका कर्ता ने विरोध किया था। जिस पर ट्रक को रिलीज नहीं किया गया था। इस मामले में पीड़ित ने रिपोर्ट दर्ज कराने का प्रयास किया तो पुलिस ने किनारा कर लिया था।
इसके बाद में याचिका कर्ता ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश अमिताभ कुमार राय ने एसपी औरैया को मामले की जांच कराने के आदेश दिए हैं। यह जांच सीओ स्तर से कराई जाएगी। तीन माह में पूरी जांच रिपोर्ट प्रेषित की जाए। उधर, तत्कालीन एआरटीओ सुधेश कुमार तिवारी ने बताया कि याचिकाकर्ता की ओर से बेबुनियाद आरोप लगाए गए थे। इस पर उन्होंने कोर्ट से स्वयं ही मामले की जांच कराने का आग्रह किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
करीब चार माह पहले का यह मामला बताया गया है। याचिका कर्ता के मुताबिक 17 मई को तत्कालीन एआरटीओ ने ट्रक को रोक लिया था। जिसे छुडवाने के लिए उस पर जुर्माना लगाया गया था। वाहन छुड़वाने के लिए याचिकाकर्ता ने 1.40 लाख रुपये तीन लोगों के बैंक खाते में जमा कराया था जबकि रिलीज आर्डर महज 36.5 हजार रुपये जमा हुआ दर्शाया गया। इसका याचिका कर्ता ने विरोध किया था। जिस पर ट्रक को रिलीज नहीं किया गया था। इस मामले में पीड़ित ने रिपोर्ट दर्ज कराने का प्रयास किया तो पुलिस ने किनारा कर लिया था।
विज्ञापन
इसके बाद में याचिका कर्ता ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश अमिताभ कुमार राय ने एसपी औरैया को मामले की जांच कराने के आदेश दिए हैं। यह जांच सीओ स्तर से कराई जाएगी। तीन माह में पूरी जांच रिपोर्ट प्रेषित की जाए। उधर, तत्कालीन एआरटीओ सुधेश कुमार तिवारी ने बताया कि याचिकाकर्ता की ओर से बेबुनियाद आरोप लगाए गए थे। इस पर उन्होंने कोर्ट से स्वयं ही मामले की जांच कराने का आग्रह किया था।
विज्ञापन