फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Auraiya News ›   Investigation begins into disproportionate assets of DM's former OSD

Auraiya News: डीएम के पूर्व ओएसडी की आय से अधिक संपत्ति की जांच शुरू

Thu, 31 Jul 2025 10:56 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया Updated Thu, 31 Jul 2025 10:56 PM IST
विज्ञापन
Investigation begins into disproportionate assets of DM's former OSD
औरैया। डीएम के पूर्व ओएसडी राजकुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की जांच शुरू कर दी गई है। जांच अपर आयुक्त प्रशासन कानपुर ब्रज मोहन कर रहे हैं। साल 2000 में सदर एसडीएम के स्टेनो रहते हुए उन्होंने पत्नी को जमीन का पट्टा दिलवाया था।
विज्ञापन

अखबार में ये सुर्खियां बनने पर डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने संज्ञान लिया था। ओएसडी को हटाते हुए एडीएम कार्यालय में संबद्ध कर दिया था। मामले की जांच तत्कालीन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट राम औतार को सौंपी गई थी। उनकी जांच रिपोर्ट के बाद पत्नी के नाम पट्टा निरस्त कर दिया गया था।
विज्ञापन

जुलाई 2024 में जिला प्रशासन को मिली शिकायत में कहा गया था कि डीएम के पूर्व ओएसडी राजकुमार ने सदर एसडीएम के स्टेनो रहने के दौरान अपनी पत्नी गीता के नाम जमीन का पट्टा करा लिया था। सुमोटो के तहत यह पट्टा हुआ था। एक माह बाद वैसुंधरा में भी पट्टे कराने का प्रयास किया गया था। मामले में डीएम ने राजकुमार को ओएसडी पद से हटा कर एडीएम कार्यालय में संबद्ध कर दिया था। अतिरिक्त मजिस्ट्रेट राम औतार ने भी जांच रिपोर्ट में पट्टा आवंटन अवैध पाया था। इसके बाद आवासीय जमीन आवंटन को निरस्त कर दिया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

खास बात यह है कि पट्टा मिलते ही सेहुद की इस जमीन को बेचा भी गया था। इस पर अछल्दा निवासी एक युवक ने मकान भी बना है। बेशकीमती जमीन के हुए इस खुलासे में सरकारी पद पर रहते हुए राजकुमार की पत्नी को यह लाभ दिया गया था। अब पूर्व ओएसडी राजकुमार की आय से अधिक संपत्ति की जांच शुरू कर दी गई है। बताया जा रहा है कि सरकारी पद पर रहते हुए उन्होंने करोड़ों की संपत्ति आर्जित कर ली थी। वहीं (संवाद )

-------------
नौकरी की शुरुआत से औरैया में ही रही तैनाती
डीएम के पूर्व ओएसडी राजकुमार की नौकरी की शुरुआत साल 2000 से पहले हुई थी। पहले सदर तहसील में स्टेनो और फिर उसके बाद डीएम के ओएसडी बनाए गए थे। तब से वह औरैया में ही तैनात रहे हैं। इतने लंबे कार्यकाल के बीच उन्हें गैर जनपद तबादले को लेकर भी शिकायत हुई। लेकिन उन्हें अन्यत्र भेजा नहीं गया।
----------
बोले जिम्मेदार-----
की जा रही है जांच
पूर्व ओएसडी अपर आयुक्त प्रशासन कानपुर ने संपत्ति की जांच कर रहे हैं। जांच में में दोषी पाए जाने पर आयुक्त स्तर से उन पर कार्रवाई की जाएगी।
- नीरज प्रसाद, एडीएम न्यायिक
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed