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Auraiya News: हाईकोर्ट ने विद्युत विभाग पर 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया

Thu, 08 Feb 2024 11:55 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया Updated Thu, 08 Feb 2024 11:55 PM IST
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High Court imposed a fine of Rs 25 thousand on the Electricity Department
औरैया। विभागीय लापरवाही के कारण एक विद्युत उपभोक्ता को हुई परेशानी पर उच्च न्यायालय प्रयागराज ने पीड़ित की याचिका की सुनवाई की। जिसमें उच्च न्यायालय ने विद्युत विभाग पर 25 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। इस धनराशि को प्रताड़ित हुए उपभोक्ता को अदा करने का आदेश दिया। कोर्ट ने उपभोक्ता के विरूद्ध लिखाई एफआईआर, चार्जशीट व संबंधित अदालत में चल रही प्रक्रिया को भी निरस्त कर दिया। वहीं अधिकारियों को इस लापरवाही के लिए दोषी कर्मी का पता लगाकर उससे उक्त अर्थदंड की वसूली करने का भी आदेश दिया।
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वरिष्ठ अधिवक्ता महावीर शर्मा के अनुसार यह मामला शहर के पढ़ीन दरवाजा मुहल्ला निवासी विद्युत उपभोक्ता रामशंकर यादव की ओर से उच्च न्यायालय में दायर याचिका से संबंधित है। याची रामशंकर यादव के खिलाफ विद्युत विभाग ने एक एफआईआर कोतवाली औरैया में 22 दिसंबर 2017 को विद्युत अधिनियम के तहत पंजीकृत कराई थी। जिसमें उपभोक्ता पर बकाया बिल जमा न करने व इसी कारण एक सप्ताह पहले कनेक्शन अस्थाई रूप से काटने के बावजूद कटिया डालकर बिजली प्रयोग करने का आरोप लगाया था। इस रिपोर्ट पर पुलिस ने चार्जशीट लगा दी और याची पर कोर्ट में मुकदमा भी चलने लगा।
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न्यायालय में उपस्थित न होने पर उसके विरूद्ध गैर जमानतीय वारंट जारी किए गए। इस कार्रवाई को लेकर पीड़ित उपभोक्ता रामशंकर यादव ने हाईकोर्ट में याचिका प्रस्तुत की। हाईकोर्ट के अधिवक्ता केडी अवस्थी ने कोर्ट को बताया कि याची का घरेलू विद्युत कनेक्शन दो साल पहले नौ दिसंबर 2015 को स्थाई रूप से विभाग ने जब काटकर पीडी प्रमाण पत्र जारी कर दिया था। तो विभाग ने एफआईआर में उसे 15 दिसंबर 2017 को बकाया जमा न करने पर अस्थाई रूप से काटने की बात कैसे दर्शाई गई। उन्होंने दो साल पहले विभाग की ओर से उक्त कनेक्शन के पीडी प्रमाण पत्र को प्रस्तुत किया। जो कि तत्कालीन एसडीओ की ओर से जारी किया हुआ था।
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अधिवक्ता केडी अवस्थी ने सफाई दी कि जिस कनेक्शन को कटे हुए दो साल बीत गए, उस पर बकाया निकालने व अस्थाई रूप से काटे जाने की बात कहीं भी फिट नहीं बैठती। कोर्ट ने विभाग के वकीलों से जब जवाब मांगा तो विभाग को अपनी गलती का एहसास हो गया। विभाग ने गलती भी स्वीकार की है। इस याचिका पर न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल ने पांच फरवरी को निर्णय सुनाया। तथा दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम को आदेशित किया कि वह अनावश्यक रूप से विभाग की लापरवाही से परेशान याची को 25 हजार रुपये अर्थदंड अदा करें। तथा इस गलती के जिम्मेदारी कर्मी का पता लगाकर उस पर कार्यवाही करें व इस धनराशि को उससे वसूले।
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