{"_id":"635d70e272fdd9135a6a8853","slug":"health-auraiya-news-knp7255665114","type":"story","status":"publish","title_hn":"औरैयाः सीएचसी में आग से बचाव के बंदोबस्त ही नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
औरैयाः सीएचसी में आग से बचाव के बंदोबस्त ही नहीं
विज्ञापन
फोटो-29एयूआरपी-44- आग लगने की जानकारी पर लगी भीड़।संवाद
- फोटो : AURAIYA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिबियापुर। सीएचसी में आग से बचाव के बंदोबस्त ही नहीं थे। अस्पताल में लगी पाइप लाइन चालू न होने से आग बुझाने में दिक्कत हुई। जहरीले धुएं से लोगों का खांसते-खांसते बुरा हाल रहा। लोगों का कहना था कि घटना के समय ओपीडी चल रही होती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
50 शैय्या मातृ और शिशु चिकित्सालय में आग बुझाने के लिए पूरी बिल्डिंग में पानी की पाइप लाइन बिछाई गई है। पाइप लाइन चालू न होने से आग पर काबू पाने में देरी हुई। सीएचसी अधीक्षक डॉ. विजय आनंद ने बताया कि पाइप लाइन से जुड़ी पानी की टंकी बंदरों ने क्षतिग्रस्त कर दी है। सीएचसी में शार्ट सर्किट से आग लगने के अनुमान के कारण बिजली आपूर्ति बंद करा दी गई थी।
जननी सुरक्षा वार्ड में प्रसूताओं को भर्ती किया जाता है। शनिवार शाम आग लगने पर हड़कंप मच गया। हड़बड़ाए मरीज और तीमारदार बाहर भागते दिखाई दिए। यहां तीन गर्भवती महिलाएं और महिला स्टाफ मौजूद था। केमिकल में आग के कारण निकलते जहरीले धुएं के कारण फायर कर्मी अंदर नहीं घुस पा रहे थे। इस पर सीएचसी के सभी खिड़कियों के शीशे तोड़े गए। टूटी खिड़कियों से पानी की बौछार भी अंदर डाली गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
50 शैय्या मातृ और शिशु चिकित्सालय में आग बुझाने के लिए पूरी बिल्डिंग में पानी की पाइप लाइन बिछाई गई है। पाइप लाइन चालू न होने से आग पर काबू पाने में देरी हुई। सीएचसी अधीक्षक डॉ. विजय आनंद ने बताया कि पाइप लाइन से जुड़ी पानी की टंकी बंदरों ने क्षतिग्रस्त कर दी है। सीएचसी में शार्ट सर्किट से आग लगने के अनुमान के कारण बिजली आपूर्ति बंद करा दी गई थी।
विज्ञापन
जननी सुरक्षा वार्ड में प्रसूताओं को भर्ती किया जाता है। शनिवार शाम आग लगने पर हड़कंप मच गया। हड़बड़ाए मरीज और तीमारदार बाहर भागते दिखाई दिए। यहां तीन गर्भवती महिलाएं और महिला स्टाफ मौजूद था। केमिकल में आग के कारण निकलते जहरीले धुएं के कारण फायर कर्मी अंदर नहीं घुस पा रहे थे। इस पर सीएचसी के सभी खिड़कियों के शीशे तोड़े गए। टूटी खिड़कियों से पानी की बौछार भी अंदर डाली गई।
विज्ञापन