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जनपद में 5000 महिलाओं की पसंद बनी अंतरा
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औरैया। परिवार नियोजन के अस्थायी साधन त्रैमासिक अंतरा इंजेक्शन और साप्ताहिक गोली छाया की सुविधा अब लाभार्थियों को घर के नजदीक ही मिल सकेगी। जिले के सभी एएनएम सब सेंटर पर भी हर शुक्रवार को अंतराल दिवस पर अंतरा और छाया की सुविधा मुहैया कराई जा रही है।
कोरोना काल में दंपतियों के लिए परिवार नियोजन के अस्थायी साधन पहली पसंद बन रहे हैं। इसी माह जिले के 20 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर और एएनएम सब सेंटर पर इसकी सुविधा शुरू की दी गई है। अंतरा और छाया की जनपद में लांचिंग होने के बाद से अब तक पांच हजार से अधिक महिलाओं ने इस सुविधा को अपनाया है।
सीएमओ डॉ. अर्चना श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में 31 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर क्रियाशील हैं। इनमें से फिलहाल 20 केंद्रों और तीन ब्लॉक दिबियापुर, अछल्दा और अजीतमल के सभी एएनएम सब सेंटर पर स्टाफ को प्रशिक्षित कर अंतरा और छाया की लांचिंग की जा चुकी है । बाकी केंद्रों पर उत्तर प्रदेश टेक्निकल सपोर्ट यूनिट (यूपीटीएसयू) के ड्रिस्ट्रिक्ट फैमिली प्लानिंग एक्सपर्ट (डीएफपीएस) के सहयोग से इसी माह प्रशिक्षण कराया जाएगा और सुविधा शुरू की जाएगी।
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अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शशिबाला सिंह ने बताया कि लाभार्थियों का रूझान अस्थायी साधनों की तरफ बढ़ रहा है। लाभार्थियों तक सुविधा पहुंचाने में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की जिला एवं ब्लॉक स्तरीय टीम, आशा कार्यकर्ता और एएनएम की अहम भूमिका है।
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कोरोना काल में दंपतियों के लिए परिवार नियोजन के अस्थायी साधन पहली पसंद बन रहे हैं। इसी माह जिले के 20 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर और एएनएम सब सेंटर पर इसकी सुविधा शुरू की दी गई है। अंतरा और छाया की जनपद में लांचिंग होने के बाद से अब तक पांच हजार से अधिक महिलाओं ने इस सुविधा को अपनाया है।
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सीएमओ डॉ. अर्चना श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में 31 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर क्रियाशील हैं। इनमें से फिलहाल 20 केंद्रों और तीन ब्लॉक दिबियापुर, अछल्दा और अजीतमल के सभी एएनएम सब सेंटर पर स्टाफ को प्रशिक्षित कर अंतरा और छाया की लांचिंग की जा चुकी है । बाकी केंद्रों पर उत्तर प्रदेश टेक्निकल सपोर्ट यूनिट (यूपीटीएसयू) के ड्रिस्ट्रिक्ट फैमिली प्लानिंग एक्सपर्ट (डीएफपीएस) के सहयोग से इसी माह प्रशिक्षण कराया जाएगा और सुविधा शुरू की जाएगी।
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अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शशिबाला सिंह ने बताया कि लाभार्थियों का रूझान अस्थायी साधनों की तरफ बढ़ रहा है। लाभार्थियों तक सुविधा पहुंचाने में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की जिला एवं ब्लॉक स्तरीय टीम, आशा कार्यकर्ता और एएनएम की अहम भूमिका है।