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आंवला, नीबू, मौसमी की फसल पर अनुदान
औरैया
Updated Sun, 05 Mar 2017 11:36 PM IST
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किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए उद्यान विभाग कई योजनाएं चला रहा है। इसके तहत आंवला, नीबू और मौसमी का उत्पादन बढ़ाने के लिए महकमा अनुदान दे रहा है। गर्मी के मौसम में इन फलों की खूब मांग रहती है।
औरैया व अजीतमल क्षेत्र में नीबू, मौसमी आदि की पैदावार की जा रही है। करीब 40 हेक्टेयर में इसकी बागवानी की जाती है। आंवला, नीबू और मौसमी की मांग ग्रीष्म ऋतु में सबसे अधिक होती है। किसानों को बागवानी के लिए उद्यान विभाग प्रेरित भी कर रहा है। महकमे के अधिकारी किसानों को अनुदान राशि और सुविधाओं के बारे में जानकारी दे रहे हैं। किसानों को फलों के उत्पादन से होने वाले फायदों केे बारे में बताया जा रहा है।
फलों के उद्यान लगाने पर विभाग लागत का 50 फीसदी अनुदान देता है। एक वर्ष बाद तक रोपे गए 75 फीसदी पौधे सुरक्षित रहते हैं तो फिर से किसान को 20 फीसद अनुदान दिया जाता है। तीसरे वर्ष 90 फीसदी पौधे बढ़ जाने पर उद्यान विभाग अधिक से अधिक अनुदान देता है।
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खेतों के किनारे लगा सकते हैं पेड़
खेतों में फसल के अलावा नीबू, आंवला और मौसमी आदि के पौधे मेड़ और छोटे से स्थान पर भी लगाए जा सकते हैं। किसान बागवानी के लिए खेत के बड़े भाग में पौधरोपण करना चाहते हैं तो बड़ी आय हो सकती है।
जिला उद्यान अधिकारी धर्मेंद्र ने बताया कि आंवला, अमरूद, आम, बेल, बेर, नीबू और मौसमी आदि की बागवानी के लिए किसानों को प्रेरित किया जा रहा है। किसान उद्यान विभाग के सहयोग से बागवानी कर रहे हैं। बागवानी से फल उत्पाद के साथ ही पर्यावरण की रक्षा भी होती है।
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औरैया व अजीतमल क्षेत्र में नीबू, मौसमी आदि की पैदावार की जा रही है। करीब 40 हेक्टेयर में इसकी बागवानी की जाती है। आंवला, नीबू और मौसमी की मांग ग्रीष्म ऋतु में सबसे अधिक होती है। किसानों को बागवानी के लिए उद्यान विभाग प्रेरित भी कर रहा है। महकमे के अधिकारी किसानों को अनुदान राशि और सुविधाओं के बारे में जानकारी दे रहे हैं। किसानों को फलों के उत्पादन से होने वाले फायदों केे बारे में बताया जा रहा है।
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फलों के उद्यान लगाने पर विभाग लागत का 50 फीसदी अनुदान देता है। एक वर्ष बाद तक रोपे गए 75 फीसदी पौधे सुरक्षित रहते हैं तो फिर से किसान को 20 फीसद अनुदान दिया जाता है। तीसरे वर्ष 90 फीसदी पौधे बढ़ जाने पर उद्यान विभाग अधिक से अधिक अनुदान देता है।
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खेतों के किनारे लगा सकते हैं पेड़
खेतों में फसल के अलावा नीबू, आंवला और मौसमी आदि के पौधे मेड़ और छोटे से स्थान पर भी लगाए जा सकते हैं। किसान बागवानी के लिए खेत के बड़े भाग में पौधरोपण करना चाहते हैं तो बड़ी आय हो सकती है।
जिला उद्यान अधिकारी धर्मेंद्र ने बताया कि आंवला, अमरूद, आम, बेल, बेर, नीबू और मौसमी आदि की बागवानी के लिए किसानों को प्रेरित किया जा रहा है। किसान उद्यान विभाग के सहयोग से बागवानी कर रहे हैं। बागवानी से फल उत्पाद के साथ ही पर्यावरण की रक्षा भी होती है।