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Auraiya News: ईंट-पत्थर फेंक कर चोटिल करने के दोषी पिता-पुत्र को चार साल की कैद
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औरैया। अजीतमल कोतवाली क्षेत्र के गांव चिटकापुर में 17 वर्ष पूर्व पारिवारिक रंजिश को लेकर ईंट-पत्थर फेंक कर लोगों को चोटिल करने की घटना के दोषी पिता-पुत्र को अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम विकास गोस्वामी ने चार साल के कठोर कारावास की सजा से दंडित किया है। साथ ही सात-सात हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
गांव चिटकापुर निवासी वादी नाथूराम ने अजीतमल कोतवाली में मामला पंजीकृत कराया गया। इसमें वादी ने बताया कि 27 / 28 मई 2007 को उसकी लड़की की शादी थी। उसके घर पर जैसे ही बारात आई, वैसे ही कुछ पारिवारिक रंजिश को लेकर चंद्रभान व उसके बेटे श्रीपत ने गाली-गलौज करते हुए छत पर चढ़ आए और आंगन में बहन-बेटी पर ईंट-पत्थर फेंकने लगे। जिससे वादी के पुत्र सत्यप्रकाश के सिर में ईट लग गई ओर उसकी बहन ऊषा के हाथ में ईट लगी। इससे उसे काफी चोटें आईं।
पुलिस ने रिपोर्ट लिखकर विवेचना की व दोनों के विरुद्ध चार्जशीट कोर्ट में प्रस्तुत की। यह मुकदमा अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम विकास गोस्वामी की कोर्ट में शुक्रवार को फैसला हुआ। दोनों पक्षकारों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश विकास गोस्वामी ने दोषी चंद्रभान व उसके पुत्र श्रीपत को चार-चार साल के कठोर कारावास की सजा से दंडित किया। दोनों पर 7250-7250 रुपये अर्थदंड भी लगाया गया। कोर्ट ने जमा कराए गए अर्थदंड में से पांच हजार रुपये घायल सत्यप्रकाश को तथा एक हजार रुपये घायल ऊषा देवी को बतौर प्रतिकर राशि में देने का भी आदेश दिया।
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गांव चिटकापुर निवासी वादी नाथूराम ने अजीतमल कोतवाली में मामला पंजीकृत कराया गया। इसमें वादी ने बताया कि 27 / 28 मई 2007 को उसकी लड़की की शादी थी। उसके घर पर जैसे ही बारात आई, वैसे ही कुछ पारिवारिक रंजिश को लेकर चंद्रभान व उसके बेटे श्रीपत ने गाली-गलौज करते हुए छत पर चढ़ आए और आंगन में बहन-बेटी पर ईंट-पत्थर फेंकने लगे। जिससे वादी के पुत्र सत्यप्रकाश के सिर में ईट लग गई ओर उसकी बहन ऊषा के हाथ में ईट लगी। इससे उसे काफी चोटें आईं।
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पुलिस ने रिपोर्ट लिखकर विवेचना की व दोनों के विरुद्ध चार्जशीट कोर्ट में प्रस्तुत की। यह मुकदमा अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम विकास गोस्वामी की कोर्ट में शुक्रवार को फैसला हुआ। दोनों पक्षकारों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश विकास गोस्वामी ने दोषी चंद्रभान व उसके पुत्र श्रीपत को चार-चार साल के कठोर कारावास की सजा से दंडित किया। दोनों पर 7250-7250 रुपये अर्थदंड भी लगाया गया। कोर्ट ने जमा कराए गए अर्थदंड में से पांच हजार रुपये घायल सत्यप्रकाश को तथा एक हजार रुपये घायल ऊषा देवी को बतौर प्रतिकर राशि में देने का भी आदेश दिया।
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