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परिषदीय विद्यालयों में पढ़ाई के साथ कमाई भी

Sat, 04 Dec 2021 11:45 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 04 Dec 2021 11:45 PM IST
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Earning along with studies in council schools
शिवगंज स्थित पूर्व माध्यमिक स्कूल में पुस्तक अध्ययन में मगन बच्चे। संवाद - फोटो : AURAIYA
परिषदीय विद्यालयों में पढ़ाई के साथ कमाई भी
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दिबियापुर (औरैया)। अब परिषदीय स्कूलों के बच्चे पढ़ाई के साथ कमाई भी कर रहे हैं। राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक मनीष कुमार ने बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुझान पैदा करने के लिए पूर्व माध्यमिक विद्यालय शिवगंज सहार में अपने नए आइडिया, करो पढ़ाई-करो कमाई लागू किया है। शिक्षक ज्ञान प्रकाश ने भी प्राथमिक विद्यालय जैतपुर फफूंद में इसे लागू किया है। इस अभियान से जुड़कर बच्चों के बीच पुस्तक पढ़ने की होड़ मची है। जिसके बदले उन्हें प्रोत्साहन राशि दी जा रही है।
मनीष कुमार के अनुसार पढ़े भारत, बढ़े भारत लक्ष्य को पूरा करने के लिए सरकार की ओर से सभी विद्यालयों में पुस्तकालय की स्थापना की जा चुकी है। ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे घरेलू समस्याओं के कारण अक्सर स्कूल में नियमित नहीं आते। कारण पूछने पर पता लगता है कि कहीं कोई बच्चा फसल कटाई में व्यस्त है, तो कभी बुवाई में व्यस्तता है। आर्थिक तंगी के कारण बच्चे कई बार दूसरों के खेतों में कार्य करने जाते हैं। मनीष के अनुसार बच्चों के विद्यालय में नियमित आने और पढ़ाई में रुचि के लिए करो पढ़ाई, करो कमाई का यह आइडिया लागू किया है। इसके शुरू होने से बच्चों को विद्यालय के साथ घर, खेत-खलिहान कहीं भी पुस्तकें पढ़कर ज्ञानार्जन व धनार्जन कर सकेंगे। शिक्षकों के सहयोग से जिले के अन्य विद्यालयों में भी इस मुहिम को लागू कराने की योजना है।
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बताया कि पुस्तक को पुस्तकालय से लेकर जमा करते समय शिक्षक बच्चे से उस पुस्तक की कहानी को संक्षिप्त रूप में सुनते हैं। शिक्षक छात्र से पुस्तक से जुड़े आठ से लेकर 12 मौखिक प्रश्न पूछते हैं। 75 फीसदी सही जवाब देने पर उस पुस्तक के मूल्य की 10 प्रतिशत धनराशि बच्चे को प्रोत्साहन राशि के रूप में खाता पंजिका में अंकित कर दी जाती है। न्यूनतम 100 रुपये खाता पंजिका में अंकित होने के बाद प्रोत्साहन धनराशि छात्र को अभिभावक की मौजूदगी में दी जाती है।
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ये बच्चे पा चुके प्रोत्साहन राशि
मनीष कुमार के अनुसार इस प्रयोग से बच्चे नियमित रूप से पुस्तकें पढ़ने के लिए प्रेरित हों रहे हैं। इस अभियान में सितंबर माह के प्रथम सप्ताह में कुल 8 बच्चों ने 28 पुस्तकें पढ़ीं। फिर बच्चे अपने नाम से रजिस्टर में दर्ज धनराशि को देखकर बेहद खुश हुए। छात्र उपस्थिति भी बढ़ी। नवंबर माह में आलिया, रेनू, साक्षी, साहिबा, विभा पाल, सारिका, प्रांशू, दीक्षा ने सर्वाधिक पुस्तकें पढ़कर विद्यालय प्रबंध समिति व शिक्षकों के माध्यम से सौ-सौ रुपये प्रोत्साहन राशि प्राप्त की है।

20 दिसंबर को दिया जाएगा मिस्टर और मिस पढ़ाकू का खिताब
शिक्षक मनीष कुमार के अनुसार पूर्व माध्यमिक विद्यालय शिवगंज में 20 दिसंबर को पुस्तक मेला लगेगा। इसकी थीम करो पढ़ाई, करो कमाई होगी। उस दिन अधिक प्वाइंट पाने वाले तीन विजेताओं को मिस्टर और मिस पढ़ाकू का खिताब दिया जाएगा।
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