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Auraiya News: बिगड़ते खानपान से छह माह में दोगुने से ज्यादा हो गए किडनी के रोगी
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औरैया। बिगड़े हुए खानपान के चलते किडनी रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। छह माह पहले महज 40 मरीज ही डायलिसिस करा रहे थे। अब यह आंकड़ा बढ़ाकर 90 तक पहुंच चुका है। 10 बेड के डायलिसिस सेंटर में तीन शिफ्टों में इन मरीजों का डायलिसिस सप्ताह में छह दिन किया जा रहा है।
मेडिकल कॉलेज में डायलिसिस की सुविधा पीपीपी मॉडल के तहत डीसीडीसी कंपनी की ओर से मुहैया कराई जा रही है। इसमें सामान्य किडनी रोगियों के साथ ही हेपेटाइटिस- बी व सी के मरीजों के लिए भी डायलिसिस की सुविधा दी जा रही है। जिसके लिए 10 बेड की सुविधा है। एक साथ 10 रोगियों का डायलिसिस किया जा सकता है।
इसमें दो बेड हेपेटाइटिस बी व सी के 15 मरीजों के लिए आरक्षित हैं। जबकि आठ बेड पर 75 सामान्य किडनी रोगियों का डायलिसिस किया जा रहा है। इन मरीजों का दो से तीन दिन के अंतराल से डायलिसिस किया जा रहा है। ऐसे में सीमित बेड के बीच दिन में तीन शिफ्टों में चार-चार घंटे के अंतराल से मरीजों का डायलिसिस किया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. पवन कुमार शर्मा ने बताया कि तीन शिफ्टों में मरीजों का डायलिसिस किया जा रहा है। किसी भी रोगी को दिक्कत न हो इसे लेकर जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं।
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मेडिकल कॉलेज में डायलिसिस की सुविधा पीपीपी मॉडल के तहत डीसीडीसी कंपनी की ओर से मुहैया कराई जा रही है। इसमें सामान्य किडनी रोगियों के साथ ही हेपेटाइटिस- बी व सी के मरीजों के लिए भी डायलिसिस की सुविधा दी जा रही है। जिसके लिए 10 बेड की सुविधा है। एक साथ 10 रोगियों का डायलिसिस किया जा सकता है।
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इसमें दो बेड हेपेटाइटिस बी व सी के 15 मरीजों के लिए आरक्षित हैं। जबकि आठ बेड पर 75 सामान्य किडनी रोगियों का डायलिसिस किया जा रहा है। इन मरीजों का दो से तीन दिन के अंतराल से डायलिसिस किया जा रहा है। ऐसे में सीमित बेड के बीच दिन में तीन शिफ्टों में चार-चार घंटे के अंतराल से मरीजों का डायलिसिस किया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. पवन कुमार शर्मा ने बताया कि तीन शिफ्टों में मरीजों का डायलिसिस किया जा रहा है। किसी भी रोगी को दिक्कत न हो इसे लेकर जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं।
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