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कहीं पहले दिन ही न फुंक जाए नया बिजलीघर!
Auraiya, Uttar pradesh, India
Updated Wed, 13 Apr 2016 11:45 PM IST
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नव निर्मित 132 देवकली उप संस्थान
- फोटो : amar ujala beuro
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132 देवकली बिजली उप संस्थान के अधिकारियों की गैर जिम्मेदाराना प्लानिंग बिजली उपकरणों पर भारी पड़ सकती है। 40 एमवीए क्षमता वाले इस उप संस्थान पर पांच उप केंद्रों का 60 एमवीए लोड रखने का खाका तैयार कर लिया गया है। जिससे केंद्र पर लगे ट्रांसफार्मरों के फुंकने की पूरी आशंका है।
शहर से पांच किलोमीटर दूर देवकली मंदिर के पास निर्मित 132 केवी बिजली उप संस्थान संचालन पर अभी से खतरा मंडराने लगा है।। इसका सीधा कारण विभागीय अधिकारियों की खराब प्लानिंग है। देवकली के पास नव निर्मित 132 केवी बिजली उप संस्थान पर 20 एमवीए के दो ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। इस पर 40 एमवीए से अधिक लोड नहीं रखा जा सकता है। खासकर गर्मियों के दिनों में निर्धारित क्षमता से कम ही लोड रखा जाता है।
इसके बावजूद बिजली अधिकारियों की ओर से इस केंद्र से आनेपुर, औरैया प्रथम व द्वितीय, भगौतीपुर सरैयां, अयाना के अलावा जिला जजी के लिए एक निर्बाध आपूर्ति की केबिल डाली जाएगी। ऐसे में सभी केंद्रों को अगर एक साथ चलाया गया तो शुरुआती दौर में ही उप संस्थान ओवरलोड की स्थिति में पहुंच जाएगा। जो केंद्र के लिए घातक साबित हो सकता है। देवकली बिजली उप संस्थान से जोड़े जाने वाले उप केंद्रों के लोड पर नजर डाले तो हकीकत सामने आ जाएगी।
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बिजली केंद्र लोड
औरैया प्रथम 20 एमवीए
औरैया द्वितीय 10 एमवीए
आनेपुर 10 एमवीए
भगौतीपुर सरैयां 10 एमवीए
अयाना 10 एमवीए
जिला जजी 400 केवीए
प्लानिंग करते समय 132 केवी उप संस्थान के अधिकारियों को पूरी जानकारी दे दी गई है। एक साथ सभी उप केंद्रों को चलाए जाने पर यह उप संस्थान ओवरलोड हो जाएगा। ऐसे बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है। शुरुआती दौर में क्षमता के अनुरुप ही केंद्र चलाए जा सकेेगा। वहीं लोड को देखते हुए 132 देवकली उप संस्थान की क्षमता वृद्धि की जरूरत है। जिसके लिए उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। हालांकि अभी अन्य केंद्राें की लाइनें बनने में दो माह का समय लग सकता है।
पंकज शर्मा
एक्सईएन, डिस्ट्रीब्यूशन
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शहर से पांच किलोमीटर दूर देवकली मंदिर के पास निर्मित 132 केवी बिजली उप संस्थान संचालन पर अभी से खतरा मंडराने लगा है।। इसका सीधा कारण विभागीय अधिकारियों की खराब प्लानिंग है। देवकली के पास नव निर्मित 132 केवी बिजली उप संस्थान पर 20 एमवीए के दो ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। इस पर 40 एमवीए से अधिक लोड नहीं रखा जा सकता है। खासकर गर्मियों के दिनों में निर्धारित क्षमता से कम ही लोड रखा जाता है।
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इसके बावजूद बिजली अधिकारियों की ओर से इस केंद्र से आनेपुर, औरैया प्रथम व द्वितीय, भगौतीपुर सरैयां, अयाना के अलावा जिला जजी के लिए एक निर्बाध आपूर्ति की केबिल डाली जाएगी। ऐसे में सभी केंद्रों को अगर एक साथ चलाया गया तो शुरुआती दौर में ही उप संस्थान ओवरलोड की स्थिति में पहुंच जाएगा। जो केंद्र के लिए घातक साबित हो सकता है। देवकली बिजली उप संस्थान से जोड़े जाने वाले उप केंद्रों के लोड पर नजर डाले तो हकीकत सामने आ जाएगी।
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औरैया प्रथम 20 एमवीए
औरैया द्वितीय 10 एमवीए
आनेपुर 10 एमवीए
भगौतीपुर सरैयां 10 एमवीए
अयाना 10 एमवीए
जिला जजी 400 केवीए
प्लानिंग करते समय 132 केवी उप संस्थान के अधिकारियों को पूरी जानकारी दे दी गई है। एक साथ सभी उप केंद्रों को चलाए जाने पर यह उप संस्थान ओवरलोड हो जाएगा। ऐसे बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है। शुरुआती दौर में क्षमता के अनुरुप ही केंद्र चलाए जा सकेेगा। वहीं लोड को देखते हुए 132 देवकली उप संस्थान की क्षमता वृद्धि की जरूरत है। जिसके लिए उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। हालांकि अभी अन्य केंद्राें की लाइनें बनने में दो माह का समय लग सकता है।
पंकज शर्मा
एक्सईएन, डिस्ट्रीब्यूशन