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वापस करो जिला अस्पताल का स्टाफ
Auraiya, Uttar pradesh, India
Updated Sun, 08 May 2016 12:41 AM IST
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मैनपावर और संसाधनों के अभाव से जूझ रहे जिला अस्पताल के सीएमएस ने सौ शैय्या अस्पताल से संबद्ध जिला अस्पताल के स्टाफ को वापस किए जाने की मांग की है। बिना शासन के आदेश के सौ शैय्या अस्पताल में ड्यूटी कर रहे डाक्टरों और पैरा मेडिकल स्टाफ को वापस भेजने के लिए सीएमएस ने सौ शैय्या अस्पताल के अधीक्षक को पत्र लिखा है।
ग्राम चिचौली में जिला अस्पताल (अब सौ शैय्या अस्पताल) बनने के बाद 10 दिसंबर 2015 को शहर के जिला संयुक्त अस्पताल के मेडिकल स्टाफ को वहां संबद्ध कर दिया गया। इससे शहर के अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर ग्रहण लग गया। शहर के इस अस्पताल से जुड़ी 2.5 लाख आबादी के इलाज के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को पटरी पर लाने के लिए शासन ने शहरी अस्पताल को जिला अस्पताल का दर्जा तो प्रदान कर दिया है।
लेकिन इसके संचालन के लिए सौ शैय्या अस्पताल आए संसाधान और मेडिकल स्टाफ को वापस नहीं किया। संसाधनों के अभाव में दोनों अस्पतालों में मरीजों को इलाज नहीं मिल पा रहा है। शनिवार को जिला अस्पताल के सीएमएस ने सौ शैय्या अस्पताल के अधीक्षक डा. नवीन कुमार मिश्रा को पत्र लिखा है। पत्र में सीएमएस ने डा. मिश्रा से बिना शासन के आदेश के सौ शैय्या अस्पताल से संबद्ध जिला अस्पताल और ब्लड बैंक के मेडिकल स्टाफ को वापस किए जाने का अनुरोध किया है।
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सौ शैय्या में जरूरत से ज्यादा स्टाफ
औरैया। शासकीय फरमान और डीएम के दवाब पर जिला अस्पताल के मेडिकल संसाधन और स्टाफ संबद्धता के साथ ही चिचौली गांव के नवनिर्मित सौ शैय्या अस्पताल में एनजीओ के माध्यम से स्टाफ की कमी को पूरा कर लिया गया है। मौजूदा समय में सौ शैय्या अस्पताल में मेडिकल स्टाफ जरूरत से अधिक है। इसके बावजूद जिला अस्पताल संसाधन और स्टाफ की मार झेल रहा है।
बिना शासन के आदेश के सौ शैय्या अस्पताल से संबद्ध जिला अस्पताल के स्टाफ को वापस भेजने को पत्र लिखा है। नियम के अनुसार और मानवता के आधार पर सौ शैय्या अस्पताल प्रशासन को हमारा स्टाफ वापस कर देना चाहिए।
डा. प्रमोद कटियार, सीएमएस, जिला अस्पताल
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ग्राम चिचौली में जिला अस्पताल (अब सौ शैय्या अस्पताल) बनने के बाद 10 दिसंबर 2015 को शहर के जिला संयुक्त अस्पताल के मेडिकल स्टाफ को वहां संबद्ध कर दिया गया। इससे शहर के अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर ग्रहण लग गया। शहर के इस अस्पताल से जुड़ी 2.5 लाख आबादी के इलाज के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को पटरी पर लाने के लिए शासन ने शहरी अस्पताल को जिला अस्पताल का दर्जा तो प्रदान कर दिया है।
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लेकिन इसके संचालन के लिए सौ शैय्या अस्पताल आए संसाधान और मेडिकल स्टाफ को वापस नहीं किया। संसाधनों के अभाव में दोनों अस्पतालों में मरीजों को इलाज नहीं मिल पा रहा है। शनिवार को जिला अस्पताल के सीएमएस ने सौ शैय्या अस्पताल के अधीक्षक डा. नवीन कुमार मिश्रा को पत्र लिखा है। पत्र में सीएमएस ने डा. मिश्रा से बिना शासन के आदेश के सौ शैय्या अस्पताल से संबद्ध जिला अस्पताल और ब्लड बैंक के मेडिकल स्टाफ को वापस किए जाने का अनुरोध किया है।
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सौ शैय्या में जरूरत से ज्यादा स्टाफ
औरैया। शासकीय फरमान और डीएम के दवाब पर जिला अस्पताल के मेडिकल संसाधन और स्टाफ संबद्धता के साथ ही चिचौली गांव के नवनिर्मित सौ शैय्या अस्पताल में एनजीओ के माध्यम से स्टाफ की कमी को पूरा कर लिया गया है। मौजूदा समय में सौ शैय्या अस्पताल में मेडिकल स्टाफ जरूरत से अधिक है। इसके बावजूद जिला अस्पताल संसाधन और स्टाफ की मार झेल रहा है।
बिना शासन के आदेश के सौ शैय्या अस्पताल से संबद्ध जिला अस्पताल के स्टाफ को वापस भेजने को पत्र लिखा है। नियम के अनुसार और मानवता के आधार पर सौ शैय्या अस्पताल प्रशासन को हमारा स्टाफ वापस कर देना चाहिए।
डा. प्रमोद कटियार, सीएमएस, जिला अस्पताल