{"_id":"5c09664abdec22419302169e","slug":"171544119882-auraiya-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्राणघातक हमले के दोषी को दस वर्ष की कैद","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
प्राणघातक हमले के दोषी को दस वर्ष की कैद
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
औरैया। सत्र न्यायाधीश सुशील कुमार ने थाना अजीतमल क्षेत्र में तमंचे से प्राणघातक हमला करने के दोषी एक व्यक्ति को दस वर्ष के कठोर कारावास व पचास हजार रुपये अर्थदंड की सजा दी है।
अभियोजन के अनुसार, बैरीकपरिया निवासी प्रांशू ने कोतवाली अजीतमल में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 25 जुलाई 2007 की रात करीब आठ बजे वह अपने पिता इच्छाराम गुप्ता के साथ मोटर साइकिल से बाबरपुर से अपने गांव जा रहा था। पिता मोटर साइकिल चला रहे थे। गांव निवासी शिवशंकर के खेत के सामने पहुंचे तो शिवशंकर, उसके पुत्र ने लाठी व तमंचा लेकर रास्ता घेर लिया। पुत्र के ललकारने पर शिवशंकर ने तमंचे से फायर किया, जो इच्छाराम की बाई जांघ में लगा। विवेचना के अनुसार, शिवशंकर व उसके पुत्र के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल किया गया। पुत्र को किशोर अपचारी घोषित किए जाने के लिए उसकी पत्रावली पृथक की गई। शिवशंकर के विरुद्ध सत्र न्यायालय में मामले का विचारण हुआ।
अभियोजन की ओर से डीजीसी अभिषेक मिश्रा व सुरेंद्र शुक्ला तथा बचाव पक्ष को सुनने के बाद सत्र न्यायाधीश सुशील कुमार ने शिवशंकर को दस वर्ष के कठोर कारावास व 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया। कोर्ट ने वसूले गए अर्थदंड में से 40 हजार रुपये घायल को बतौर प्रतिकर देने का भी आदेश दिया। दोषी को जिला कारागार इटावा भेज दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
अभियोजन के अनुसार, बैरीकपरिया निवासी प्रांशू ने कोतवाली अजीतमल में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 25 जुलाई 2007 की रात करीब आठ बजे वह अपने पिता इच्छाराम गुप्ता के साथ मोटर साइकिल से बाबरपुर से अपने गांव जा रहा था। पिता मोटर साइकिल चला रहे थे। गांव निवासी शिवशंकर के खेत के सामने पहुंचे तो शिवशंकर, उसके पुत्र ने लाठी व तमंचा लेकर रास्ता घेर लिया। पुत्र के ललकारने पर शिवशंकर ने तमंचे से फायर किया, जो इच्छाराम की बाई जांघ में लगा। विवेचना के अनुसार, शिवशंकर व उसके पुत्र के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल किया गया। पुत्र को किशोर अपचारी घोषित किए जाने के लिए उसकी पत्रावली पृथक की गई। शिवशंकर के विरुद्ध सत्र न्यायालय में मामले का विचारण हुआ।
विज्ञापन
अभियोजन की ओर से डीजीसी अभिषेक मिश्रा व सुरेंद्र शुक्ला तथा बचाव पक्ष को सुनने के बाद सत्र न्यायाधीश सुशील कुमार ने शिवशंकर को दस वर्ष के कठोर कारावास व 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया। कोर्ट ने वसूले गए अर्थदंड में से 40 हजार रुपये घायल को बतौर प्रतिकर देने का भी आदेश दिया। दोषी को जिला कारागार इटावा भेज दिया गया।
विज्ञापन