{"_id":"5f64f2ec8ebc3eb7096d8021","slug":"crime-auraiya-news-knp5834492169","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुठभेड़ में हत्यारोपी के पैर में लगी गोली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुठभेड़ में हत्यारोपी के पैर में लगी गोली
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औरैया। दिबियापुर रोड निवासी रिटायर्ड पशु डॉक्टर व धान व्यापारी डॉ. कैलाश नारायण दीक्षित की हत्या का मुख्य आरोपी 25 हजार का इनामी सुधीर शुक्ला शुक्रवार को तड़के जलोखर नहर पटरी मार्ग पर पुलिस मुठभेड़ में पकड़ा लगा।
मुठभेड़ में दोनों ओर से हुई फायरिंग में पैर में गोली लगने से हत्यारोपी गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने उसे 50 शय्या जिला अस्पताल में भर्ती कराया। वहां से डॉक्टरों ने उसे सैफई रेफर कर दिया। मुठभेड़ के दौरान एक सिपाही सुमित के बांह में भी खरोच आई है। पकड़े गए हत्यारोपी पर इलाहाबाद में दो साधुओं की हत्या का भी आरोप है।
दिबियापुर रोड निवासी रिटायर्ड पशु डॉक्टर व धान व्यापारी डॉ. कैलाश नारायण दीक्षित की 9 सितंबर को धान मिल में हत्या कर दी गई थी। इसमें धान मिल मालिक समेत तीन की गिरफ्तारी हो चुकी है। मुख्य आरोपी सुधीर शुक्ला फरार चल रहा था। शुक्रवार की सुबह तकरीबन छह बजे जलोखर नहर पटरी मार्ग पर वन विभाग की नर्सरी के पास इटावा जिले के बकेवर थाना क्षेत्र के निवासी हत्यारोपी सुधीर शुक्ला पुत्र आनंद स्वरूप से पुलिस की मुठभेड़ हो गई।
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दोनों तरफ से हुई फायरिंग में सुधीर के पैर में गोली लगी। घटना स्थल पर तीन खोखे व एक पिस्टल तथा कार मिली है। पुलिस के मुताबिक इसी कार से डॉ. कैलाश नारायण दीक्षित को ले जाया गया था।
एसपी सुनीति ने बताया कि हत्यारोपी सुधीर शुक्ला शातिर अपराधी है। उसके ऊपर कई प्रदेशों में लगभग 19 मुकदमे दर्ज हैं। हत्यारोपी 2007 में औरैया आ गया था। यहां बिधूना में वह नाम बदलकर एक किराए पर मकान में रह रहा था।
औरैया में उसका सबसे अच्छा जानने वाला धान मिल मालिक कुंवर बहादुर राठौर था। इस दौरान हत्यारोपी ने एक सिक्योरिटी कंपनी भी शुरू की। झांसी व जालौन में मूर्ति चोरी का भी मामला दर्ज है, जिसमें घटना के दौरान घायल एक साधु की बाद में मौत भी हो गई थी। एसपी ने बताया कि वह जगह-जगह नाम बदल बदल कर रहता था, जिसमें सुधीर शुक्ला, संस्कार श्रीवास्तव, अरविंद उर्फ गुरुजी, उर्फ पाठक जी व कप्तान शुक्ला आदि नाम शामिल हैं।
चित्तौड़गढ़ में नाम बदलकर वारदात को अंजाम दिया
औरैया। पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार हत्यारोपी सुधीर शुक्ला के खिलाफ उत्तर प्रदेश के अलावा राजस्थान में भी हत्या के मामले दर्ज हैं। पुलिस ने बताया कि राजस्थान के चित्तौड़ गढ़ में हत्यारोपी ने अपनी पत्नी के साथ एक पेट्रोल पंप मालिक को पानी में नींद की गोलियां पिलाकर उससे रुपये व गले में पड़ी चेन पार कर दी थी। पंट्रोल पंप मालिक ने दम तोड़ दिया था।
इस प्रकरण में पुलिस ने उसे व उसकी पत्नी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। चित्तौड़गढ़ पुलिस की फाइल में हत्यारोपी का नाम कप्तान पुत्र मंगल शुक्ला व पत्नी राधा शुक्ला के नाम मुकदमा दर्ज है। पत्नी के ऊपर पांच हजार रुपये का इनाम है, जो इन दिनों बांसवाड़ा में जेल में बंद है।
उधर, जानकारी मिली है कि सुधीर शुक्ला कई मामलों में पुलिस की गिरफ्त में आ चुका है। तीन बार वह पेशी पर आने के दौरान पुलिस वालों को खाने में नशीला पदार्थ खिलाकर उन्हें चकमा देकर भागने में सफल रहा। सुधीर शुक्ला प्रयागराज में दो साधुओं की हत्या में भी वांछित है।
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मुठभेड़ में दोनों ओर से हुई फायरिंग में पैर में गोली लगने से हत्यारोपी गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने उसे 50 शय्या जिला अस्पताल में भर्ती कराया। वहां से डॉक्टरों ने उसे सैफई रेफर कर दिया। मुठभेड़ के दौरान एक सिपाही सुमित के बांह में भी खरोच आई है। पकड़े गए हत्यारोपी पर इलाहाबाद में दो साधुओं की हत्या का भी आरोप है।
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दिबियापुर रोड निवासी रिटायर्ड पशु डॉक्टर व धान व्यापारी डॉ. कैलाश नारायण दीक्षित की 9 सितंबर को धान मिल में हत्या कर दी गई थी। इसमें धान मिल मालिक समेत तीन की गिरफ्तारी हो चुकी है। मुख्य आरोपी सुधीर शुक्ला फरार चल रहा था। शुक्रवार की सुबह तकरीबन छह बजे जलोखर नहर पटरी मार्ग पर वन विभाग की नर्सरी के पास इटावा जिले के बकेवर थाना क्षेत्र के निवासी हत्यारोपी सुधीर शुक्ला पुत्र आनंद स्वरूप से पुलिस की मुठभेड़ हो गई।
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दोनों तरफ से हुई फायरिंग में सुधीर के पैर में गोली लगी। घटना स्थल पर तीन खोखे व एक पिस्टल तथा कार मिली है। पुलिस के मुताबिक इसी कार से डॉ. कैलाश नारायण दीक्षित को ले जाया गया था।
एसपी सुनीति ने बताया कि हत्यारोपी सुधीर शुक्ला शातिर अपराधी है। उसके ऊपर कई प्रदेशों में लगभग 19 मुकदमे दर्ज हैं। हत्यारोपी 2007 में औरैया आ गया था। यहां बिधूना में वह नाम बदलकर एक किराए पर मकान में रह रहा था।
औरैया में उसका सबसे अच्छा जानने वाला धान मिल मालिक कुंवर बहादुर राठौर था। इस दौरान हत्यारोपी ने एक सिक्योरिटी कंपनी भी शुरू की। झांसी व जालौन में मूर्ति चोरी का भी मामला दर्ज है, जिसमें घटना के दौरान घायल एक साधु की बाद में मौत भी हो गई थी। एसपी ने बताया कि वह जगह-जगह नाम बदल बदल कर रहता था, जिसमें सुधीर शुक्ला, संस्कार श्रीवास्तव, अरविंद उर्फ गुरुजी, उर्फ पाठक जी व कप्तान शुक्ला आदि नाम शामिल हैं।
चित्तौड़गढ़ में नाम बदलकर वारदात को अंजाम दिया
औरैया। पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार हत्यारोपी सुधीर शुक्ला के खिलाफ उत्तर प्रदेश के अलावा राजस्थान में भी हत्या के मामले दर्ज हैं। पुलिस ने बताया कि राजस्थान के चित्तौड़ गढ़ में हत्यारोपी ने अपनी पत्नी के साथ एक पेट्रोल पंप मालिक को पानी में नींद की गोलियां पिलाकर उससे रुपये व गले में पड़ी चेन पार कर दी थी। पंट्रोल पंप मालिक ने दम तोड़ दिया था।
इस प्रकरण में पुलिस ने उसे व उसकी पत्नी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। चित्तौड़गढ़ पुलिस की फाइल में हत्यारोपी का नाम कप्तान पुत्र मंगल शुक्ला व पत्नी राधा शुक्ला के नाम मुकदमा दर्ज है। पत्नी के ऊपर पांच हजार रुपये का इनाम है, जो इन दिनों बांसवाड़ा में जेल में बंद है।
उधर, जानकारी मिली है कि सुधीर शुक्ला कई मामलों में पुलिस की गिरफ्त में आ चुका है। तीन बार वह पेशी पर आने के दौरान पुलिस वालों को खाने में नशीला पदार्थ खिलाकर उन्हें चकमा देकर भागने में सफल रहा। सुधीर शुक्ला प्रयागराज में दो साधुओं की हत्या में भी वांछित है।