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नाबालिग छात्रा ने आग लगाकर दी जान
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फफूंद (औरैया)। गांव खगीपुर में रविवार की सुबह एक नाबालिग छात्रा ने संदिग्ध परिस्थितियों में आग लगा ली। कमरे से धुआं उठते देख परिजन पहुंचे तो छात्रा गंभीर रूप से झुलसने से तड़पती हुई मिली। घर वाले उसे अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहे थे, तभी उसने दम तोड़ दिया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
गांव खगीपुर निवासी गौरीशंकर की पुत्री भारती उर्फ सलोनी (16) फफूंद में राम शंकर गौरीशंकर इंटर कालेज में ग्यारहवीं कक्षा की छात्रा थी। रविवार को वह अपनी भाभी नीतू के साथ घर पर थी। मां राम जानकी गांव में ही किसी काम से गई हुई थी। इसी बीच भारती ने घर के अंदर कमरे में जाकर आग लगा ली।
घर के बाहर काम कर रही उसकी भाभी नीतू ने कमरे से धुआं उठता देखकर शोर मचाया। इस पर मां व आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। आग बुझाने को कमरे में जाकर देखा तो वहां भारती गंभीर रूप से झुलसने से तड़प रही थी। परिजनों और ग्रामीणों ने रजाई आदि डालकर उसकी आग बुझाई और उसे अस्पताल ले जाने की तैयारी करने लगे, लेकिन तब तक उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
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छात्रा की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। गांव के चौकीदार की सूचना पर मौके पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। छात्रा भारती उर्फ सलोनी तीन भाइयों के बीच इकलौती बहन थी। सभी भाई बाहर रहकर मजदूरी कर रहे है। मृतका के विकलांग पिता गौरीशंकर कानपुर में मजदूरी करते हैं। सूचना पर विकलांग पिता व भाई भी गांव पहुंच गए थे।
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गांव खगीपुर निवासी गौरीशंकर की पुत्री भारती उर्फ सलोनी (16) फफूंद में राम शंकर गौरीशंकर इंटर कालेज में ग्यारहवीं कक्षा की छात्रा थी। रविवार को वह अपनी भाभी नीतू के साथ घर पर थी। मां राम जानकी गांव में ही किसी काम से गई हुई थी। इसी बीच भारती ने घर के अंदर कमरे में जाकर आग लगा ली।
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घर के बाहर काम कर रही उसकी भाभी नीतू ने कमरे से धुआं उठता देखकर शोर मचाया। इस पर मां व आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। आग बुझाने को कमरे में जाकर देखा तो वहां भारती गंभीर रूप से झुलसने से तड़प रही थी। परिजनों और ग्रामीणों ने रजाई आदि डालकर उसकी आग बुझाई और उसे अस्पताल ले जाने की तैयारी करने लगे, लेकिन तब तक उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
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छात्रा की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। गांव के चौकीदार की सूचना पर मौके पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। छात्रा भारती उर्फ सलोनी तीन भाइयों के बीच इकलौती बहन थी। सभी भाई बाहर रहकर मजदूरी कर रहे है। मृतका के विकलांग पिता गौरीशंकर कानपुर में मजदूरी करते हैं। सूचना पर विकलांग पिता व भाई भी गांव पहुंच गए थे।