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गौशाला में बने गड्ढे गोवंशों के लिए बने आफत
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गड्ढे से मरे गोवंश को बाहर निकालता कर्मचारी
- फोटो : AURAIYA
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औरैया। सदर ब्लॉक की ग्राम पंचायत जैतापुर के मजरा मिर्जापुर बैरमशाह स्थित स्थायी गोशाला में मनरेगा से खुदवाए गए गड्ढों में गिरकर गोवंश घायल हो रहे हैं। गुरुवार को बीमार गोवंश की गड्ढे में गिरकर मौत हो गई।
गोशाला में दो दर्जन से ज्यादा पांच से छह फीट गहरे और चौड़े गड्ढे खोदे गए हैं। ये गड्ढे गोवंशों को चारे के रूप में दी जाने वाली घास उगाने के लिए खोदे गए थे। जिसमें प्रतिदिन पानी भरा जाता है। गर्मी में गोवंशों के बैठने की समुचित व्यवस्था भी नहीं है। गोवंश इन गड्ढों में गिरकर मौत का शिकार हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि गोवंशों के लिए हरे चारे की समुचित व्यवस्था नहीं हुई है। गड्ढे बेजुबानों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। गोशाला का निर्माण हुए एक वर्ष बीत चुका है, लेकिन पौधारोपण का नामोनिशान तक नहीं है। गुरुवार देर शाम बीमार गोवंश ने दम तोड़ दिया। शुक्रवार को सीडीओ अशोक बाबू मिश्रा ने गोशाला का फिर निरीक्षण किया। उन्होंने गड्ढों को चारों ओर से कवर करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पंचायत सचिव को गोशाला परिसर में पौधारोपण के लिए भी इंतजाम करने के निर्देश दिए।
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वर्जन
मनरेगा विभाग ने गड्ढे खोदे हैं, जिनमें अजारा घास लगाई गई है, जो दस दिन में तैयार हो जाती है। इससे दो जानवरों के लिए हरे चारे का आसानी से इंतजाम हो सकेगा। इसके आसपास गोवंश न आ सके, इसके लिए घेरा बनाने के निर्देश पंचायत सचिव को दिए गए हैं। -अशोक बाबू मिश्रा, सीडीओ
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गोशाला में दो दर्जन से ज्यादा पांच से छह फीट गहरे और चौड़े गड्ढे खोदे गए हैं। ये गड्ढे गोवंशों को चारे के रूप में दी जाने वाली घास उगाने के लिए खोदे गए थे। जिसमें प्रतिदिन पानी भरा जाता है। गर्मी में गोवंशों के बैठने की समुचित व्यवस्था भी नहीं है। गोवंश इन गड्ढों में गिरकर मौत का शिकार हो रहे हैं।
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ग्रामीणों ने बताया कि गोवंशों के लिए हरे चारे की समुचित व्यवस्था नहीं हुई है। गड्ढे बेजुबानों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। गोशाला का निर्माण हुए एक वर्ष बीत चुका है, लेकिन पौधारोपण का नामोनिशान तक नहीं है। गुरुवार देर शाम बीमार गोवंश ने दम तोड़ दिया। शुक्रवार को सीडीओ अशोक बाबू मिश्रा ने गोशाला का फिर निरीक्षण किया। उन्होंने गड्ढों को चारों ओर से कवर करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पंचायत सचिव को गोशाला परिसर में पौधारोपण के लिए भी इंतजाम करने के निर्देश दिए।
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मनरेगा विभाग ने गड्ढे खोदे हैं, जिनमें अजारा घास लगाई गई है, जो दस दिन में तैयार हो जाती है। इससे दो जानवरों के लिए हरे चारे का आसानी से इंतजाम हो सकेगा। इसके आसपास गोवंश न आ सके, इसके लिए घेरा बनाने के निर्देश पंचायत सचिव को दिए गए हैं। -अशोक बाबू मिश्रा, सीडीओ