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साइकिल, लोडर से पानी ढोने को मजबूर ग्रामीण
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18 एयूआरपी 02 गांव के बाहर लगे हैंडपंप से लोडर में लाद रहे पानी।
- फोटो : AURAIYA
अयाना(औरैया)। अयाना के लोग पीने के पानी की दिक्कत से जूझ रहे हैं। गांव में लगे हैंडपंपों का पानी खारा है। गांव में पानी की टंकी है, लेकिन बिजली व्यवस्था सही न होने से ग्रामीण गांव से आधा किमी दूर से पानी ढोने को मजबूर हैं। ग्रामीण साइकिल और लोडर से पानी ढो रहे हैं।
गांव के कल्लू, मोहित, राजेंद्र भदौरिया, विपिन, सुनील दीक्षित, योगेंद्र दीक्षित, अतुल कुशवाहा, सुबेंद्र भदौरिया आदि ने बताया कि पानी की टंकी तो चालू हालत में है, लेकिन इसके लिए बिजली निजी नलकूप की लाइन से दी गई है। लाइन बड़ी होने के कारण अक्सर फाल्ट हो जाता है।
इसके चलते महीने में टंकी से सिर्फ 5 से 6 दिन ही पानी मिल पाता है। पानी की टंकी की सप्लाई अयाना और उसके 3 मजरों भूरेपुर खुर्द, भूरेपुर, रूपुरा में है। वहीं गांव में लगे नलों का पानी खारा होने से उससे न तो खाना बना सकते हैं और न ही पी सकते हैं।
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वह साफ-सफाई और नहाने-धोने के काम ही आता है। इसी के चलते ग्रामीण गांव के बाहर करीब आधा किमी दूर से पानी लाने को मजबूर हैं। कोई साइकिल से तो गांव के चार-पांच लोग लोडर में लादकर पानी लाते हैं। ग्रामीणों ने गांव की लाइन से टंकी को विद्युत आपूर्ति दिए जाने की मांग की है।
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गांव के कल्लू, मोहित, राजेंद्र भदौरिया, विपिन, सुनील दीक्षित, योगेंद्र दीक्षित, अतुल कुशवाहा, सुबेंद्र भदौरिया आदि ने बताया कि पानी की टंकी तो चालू हालत में है, लेकिन इसके लिए बिजली निजी नलकूप की लाइन से दी गई है। लाइन बड़ी होने के कारण अक्सर फाल्ट हो जाता है।
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इसके चलते महीने में टंकी से सिर्फ 5 से 6 दिन ही पानी मिल पाता है। पानी की टंकी की सप्लाई अयाना और उसके 3 मजरों भूरेपुर खुर्द, भूरेपुर, रूपुरा में है। वहीं गांव में लगे नलों का पानी खारा होने से उससे न तो खाना बना सकते हैं और न ही पी सकते हैं।
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वह साफ-सफाई और नहाने-धोने के काम ही आता है। इसी के चलते ग्रामीण गांव के बाहर करीब आधा किमी दूर से पानी लाने को मजबूर हैं। कोई साइकिल से तो गांव के चार-पांच लोग लोडर में लादकर पानी लाते हैं। ग्रामीणों ने गांव की लाइन से टंकी को विद्युत आपूर्ति दिए जाने की मांग की है।