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तीन गांवों में जलभराव की समस्या जस की तस
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दिबियापुर (औरैया)। दिबियापुर क्षेत्र के जमुहां, केंजरी और घेरा गांव कई महीनों से जलभराव की समस्या से जूझ रहा है। खेतों में फसलें डूबी हैं। जमुहां में निर्माणाधीन बस अड्डे पर जलभराव के कारण काम नहीं हो पा रहा है। ग्रामीणों ने अधिकारियों से लेकर एनटीपीसी के अफसरों से मिलकर फरियाद की, मगर अभी भी समस्या जस की तस बनी है।
जलनिकासी न होने के कारण तीन वर्षों से घेरा, केंजरी, जमुहां के सैकड़ों किसान जलभराव की समस्या से जूझते हैं। इस वर्ष गांव के दर्जनों किसानों ने धान की पौध लगाई। धान की पौध तैयार होने के बाद कई किसानों ने धान की रोपाई कर दी। लेकिन बरसात होने के कारण पूरी फसल डूब गई। अभी तक जलनिकासी न होने के कारण उनकी फसलें डूबीं हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जलनिकासी न होने के कारण तैयार हो चुकी फसल खेतों में ही सड़ जाएगी। ग्रामीणों ने 18 सितंबर को औरैया में हुए तहसील दिवस में भी शिकायत की थी। तीनों गांव के लोगों ने एनटीपीसी परियोजना से प्रभावित होने के कारण एनटीपीसी के अधिकारियों से मिलकर भी फरियाद की थी। मगर अभी भी समस्या जस की तस है।
लगभग एक माह से घेरा दिबियापुर मार्ग पर गंदा पानी भरा है। इससे लोगों का निकलना दूभर है। बीमारियां भी फैल रही हैं। एनटीपीसी के मुख्य महाप्रबंधक अनिल कुमार सिंह का कहना है कि एनटीपीसी आवासीय कालोनी के बाहर बने नाले का प्रयोग एनटीपीसी ने बंद कर दिया है। इस नाले पर कई स्थानों पर अवैध कब्जे हैं। ग्रामीणों को जिला प्रशासन से फरियाद कर नाला साफ कराने की सलाह दी गई है। इधर, ग्रामीणों का कहना है कि वह जल्द ही इस समस्या के समाधान के लिए दोबारा जिलाधिकारी औरैया से मिलेंगे।
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जलनिकासी न होने के कारण तीन वर्षों से घेरा, केंजरी, जमुहां के सैकड़ों किसान जलभराव की समस्या से जूझते हैं। इस वर्ष गांव के दर्जनों किसानों ने धान की पौध लगाई। धान की पौध तैयार होने के बाद कई किसानों ने धान की रोपाई कर दी। लेकिन बरसात होने के कारण पूरी फसल डूब गई। अभी तक जलनिकासी न होने के कारण उनकी फसलें डूबीं हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जलनिकासी न होने के कारण तैयार हो चुकी फसल खेतों में ही सड़ जाएगी। ग्रामीणों ने 18 सितंबर को औरैया में हुए तहसील दिवस में भी शिकायत की थी। तीनों गांव के लोगों ने एनटीपीसी परियोजना से प्रभावित होने के कारण एनटीपीसी के अधिकारियों से मिलकर भी फरियाद की थी। मगर अभी भी समस्या जस की तस है।
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लगभग एक माह से घेरा दिबियापुर मार्ग पर गंदा पानी भरा है। इससे लोगों का निकलना दूभर है। बीमारियां भी फैल रही हैं। एनटीपीसी के मुख्य महाप्रबंधक अनिल कुमार सिंह का कहना है कि एनटीपीसी आवासीय कालोनी के बाहर बने नाले का प्रयोग एनटीपीसी ने बंद कर दिया है। इस नाले पर कई स्थानों पर अवैध कब्जे हैं। ग्रामीणों को जिला प्रशासन से फरियाद कर नाला साफ कराने की सलाह दी गई है। इधर, ग्रामीणों का कहना है कि वह जल्द ही इस समस्या के समाधान के लिए दोबारा जिलाधिकारी औरैया से मिलेंगे।
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