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चौकी पड़ी खाली, यह कैसी रखवाली
Auraiya, Uttar pradesh, India
Updated Mon, 28 Mar 2016 11:41 PM IST
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शहर की खाली पड़ी इंडियन आयल पुलिस चौकी
- फोटो : amar ujala beuro
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शहर की अधिकतर रिर्पोटिंग पुलिस चौकी खाली पड़ी रहती हैं। चौकी इंचार्जों के मौके पर न मिलने से पीड़ितों को कोतवाली और एसपी कार्यालय जाने पर मजबूर होना पड़ता है। शहर की सबसे महत्वपूर्ण ब्रह्मनगर पुलिस चौकी का तो कोई ठिकाना ही नही है।
सदर कोतवाली में संचालित देवकली, इंडियन आयल, नारायनपुर, निझाई एवं ब्रहमनगर चौकियां संचालित हैं। लेकिन चौकी इंचार्जों के चौकियों पर मौजूद न रहने से पीड़ितों को न्याय के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। जब रिपोर्टिंग पुलिस चौकी में कोई सुनवाई नहीं होती है तो मजबूरी में पीड़ित कोतवाली तक पहुंचता है। सोमवार की अमर उजाला टीम ने चौकियों की पड़ताल की तो हकीकत कुछ इस तरह नजर आई। शहर के ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़ी इंडियन आयल पुलिस चौकी के बाहर सिपाही उमेश कुमार बैठे नजर आए, जबकि चौकी के अंदर न ही कोई सिपाही था न ही चौकी इंचार्ज।
पूछे जाने पर चौकी इंचार्ज के कोतवाली में होने की जानकारी दी गई। इसके अलावा नारायनपुर पुलिस चौकी में कोई मौजूद नहीं था। चौकी के अंदर कुंडी बंद थी, जब चौकी इंचार्ज से फोन पर बात करनी चाही तो बात नहीं हो सकी। ब्रह्मनगर चौकी को ढूंढने का प्रयास किया तो चौकी का पता नहीं लग सका। फोन पर हुई वार्ता पर ब्रह्मनगर चौकी इंचार्ज संगम भदौरिया ने बताया कि रिपोर्टिंग चौकी का कोई स्थाई स्थान नहीं है। फिलहाल अभी कोतवाली से ही ब्रह्मनगर पुलिस चौकी संचालित हो रही है।
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एसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने बताया कि पीड़ितों की समस्याएं सुनने के लिए रिपोर्टिंग पुलिस चौकी संचालित की जा रही हैं। मैं स्वयं पुलिस चौकियों का निरीक्षण करूंगा। कार्य के प्रति लापरवाही बरतने वालोें के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं ब्रह्मनगर चौकी को स्थाई करवाए जाने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है।
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सदर कोतवाली में संचालित देवकली, इंडियन आयल, नारायनपुर, निझाई एवं ब्रहमनगर चौकियां संचालित हैं। लेकिन चौकी इंचार्जों के चौकियों पर मौजूद न रहने से पीड़ितों को न्याय के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। जब रिपोर्टिंग पुलिस चौकी में कोई सुनवाई नहीं होती है तो मजबूरी में पीड़ित कोतवाली तक पहुंचता है। सोमवार की अमर उजाला टीम ने चौकियों की पड़ताल की तो हकीकत कुछ इस तरह नजर आई। शहर के ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़ी इंडियन आयल पुलिस चौकी के बाहर सिपाही उमेश कुमार बैठे नजर आए, जबकि चौकी के अंदर न ही कोई सिपाही था न ही चौकी इंचार्ज।
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पूछे जाने पर चौकी इंचार्ज के कोतवाली में होने की जानकारी दी गई। इसके अलावा नारायनपुर पुलिस चौकी में कोई मौजूद नहीं था। चौकी के अंदर कुंडी बंद थी, जब चौकी इंचार्ज से फोन पर बात करनी चाही तो बात नहीं हो सकी। ब्रह्मनगर चौकी को ढूंढने का प्रयास किया तो चौकी का पता नहीं लग सका। फोन पर हुई वार्ता पर ब्रह्मनगर चौकी इंचार्ज संगम भदौरिया ने बताया कि रिपोर्टिंग चौकी का कोई स्थाई स्थान नहीं है। फिलहाल अभी कोतवाली से ही ब्रह्मनगर पुलिस चौकी संचालित हो रही है।
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एसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने बताया कि पीड़ितों की समस्याएं सुनने के लिए रिपोर्टिंग पुलिस चौकी संचालित की जा रही हैं। मैं स्वयं पुलिस चौकियों का निरीक्षण करूंगा। कार्य के प्रति लापरवाही बरतने वालोें के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं ब्रह्मनगर चौकी को स्थाई करवाए जाने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है।