फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Auraiya News ›   Anticipatory bail granted to accused of encroaching on Police Lines land.

Auraiya News: पुलिस लाइन की जमीन पर कब्जा करने के आरोपी को अग्रिम जमानत

Sat, 18 Jul 2026 12:15 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया Updated Sat, 18 Jul 2026 12:15 AM IST
विज्ञापन
Anticipatory bail granted to accused of encroaching on Police Lines land.
औरैया। थाना फफूंद क्षेत्र में बन रही निर्माणाधीन पुलिस लाइन की भूमि पर कब्जा करने के आरोप थे। मामले में नामजद आरोपी विनय तिवारी को अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम की कोर्ट ने अग्रिम जमानत दे दी है।
विज्ञापन

अभियोजन पक्ष के अनुसार, 24 अगस्त 2023 को पुलिस लाइन औरैया की गार्द में तैनात मुहर्रिर आरक्षी इरफान अली ने सूचना दी थी। उन्होंने बताया था कि शेरपुर सरैया मौजा स्थित पुलिस लाइन की जमीन पर विनय तिवारी, बबलू पाल और कृपाल सिंह ने अवैध रूप से कब्जा कर उसे जोत लिया है।
विज्ञापन

मामले में थाना फफूंद में मुकदमा सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम की धाराओं में दर्ज किया गया था। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि उसे साजिश के तहत झूठा फंसाया गया है। अधिवक्ता ने बताया कि वादी पक्ष ने घटना का कोई समय अंकित नहीं किया है और न ही कब्जे वाली भूमि का कोई नक्शा प्रस्तुत किया है। सह अभियुक्त बबलू पाल और कृपाल सिंह को पहले ही अग्रिम जमानत मिल चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम, पारुल जैन ने परिस्थितियों को देखते हुए आरोपी विनय तिवारी को 50 हजार रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र और इतनी ही धनराशि के जमानती दाखिल करने की शर्त पर अग्रिम जमानत दे दी।
-----
दुष्कर्म के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज
औरैया। फफूंद थाना क्षेत्र में 16 वर्षीय किशोरी को अगवा कर दुष्कर्म करने के आरोपी शिवजी तिवारी की जमानत याचिका विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) अखिलेश्वर प्रसाद मिश्र की अदालत ने खारिज कर दी है। वादी के अनुसार, पांच जून 2026 को आरोपी किशोरी को ले गया था।
पीड़िता ने बयानों में बताया कि आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी देकर कानपुर ले जाकर आठ दिन तक बंधक बनाया और शारीरिक शोषण किया। कोर्ट ने स्कूल दस्तावेजों के आधार पर पीड़िता को नाबालिग माना। न्यायाधीश ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को जमानत देने से इन्कार कर दिया।(संवाद)
----
हमले में तीन की अग्रिम जमानत याचिका खारिज
औरैया। युवक पर जानलेवा हमला करने के आरोपी बृजेश कुमार, राहुल कुमार और लोकेश कुमार की अग्रिम जमानत याचिका को अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम की अदालत ने खारिज कर दिया है। घटना अछल्दा थाना क्षेत्र की है। रंजिश में हमला किया गया था।
वादी मुकेश दोहरे के अनुसार, 17 अप्रैल 2026 को उनका बेटा अंशु जब ट्रैक्टर से भूसा लेकर लौट रहा था, तब आरोपियों ने उसे रोककर उसके सिर पर कुल्हाड़ी से वार कर दिया। न्यायालय ने केस डायरी, मेडिकल रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए तीनों की जमानत याचिका निरस्त कर दी। (संवाद)
----
किशोरी के अपहरण में आरोपी को अग्रिम जमानत
औरैया। थाना अछल्दा क्षेत्र में 13 वर्षीय किशोरी के अपहरण के आरोपी शिवम को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने अग्रिम जमानत दे दी है। वादी ने घटना के 16 दिन बाद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। न्यायालय ने पाया कि अपहृता ने अपने बयानों में कहा कि वह अपनी मर्जी से गई थी और घर के दबाव में उसने झूठा मुकदमा दर्ज कराया।
किशोरी ने पिता पर दबाव बनाने और मारपीट के भी आरोप लगाए हैं। आरोपी का कोई आपराधिक इतिहास न होने और साक्ष्यों में विरोधाभास को देखते हुए कोर्ट ने 50-50 हजार के मुचलके पर यह राहत दी है।(संवाद)
----
अपहरण में बाल अपचारी को नहीं मिली जमानत
औरैया। फफूंद थाना क्षेत्र में 15 वर्षीय किशोरी को ले जाने के बाल अपचारी को न्यायालय से राहत नहीं मिली है। बाल न्यायालय ने किशोर की जमानत याचिका खारिज कर दी है। मामले में किशोरी ने अपने बयानों में आरोप लगाया था कि किशोर और उसके परिजनों ने उसे डरा-धमकाकर अलग-अलग शहरों में रखा।
पीठासीन अधिकारी अखिलेश्वर प्रसाद मिश्र ने कहा कि किशोर का कृत्य उसकी परिपक्वता को दर्शाता है। न्यायालय ने टिप्पणी की कि गंभीर अपराधों में जमानत देना न्याय के उद्देश्य को विफल कर सकता है, बाल अपचारी को संप्रेक्षण गृह में ही रहना होगा।(संवाद)
-----
साक्ष्य न देने पर परिवाद खारिज
औरैया। बिधूना थाना क्षेत्र से जुड़े एक मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए परिवाद खारिज कर दिया है। विशेष न्यायाधीश (डकैती प्रभावित क्षेत्र) ने साक्ष्य के अभाव में दीक्षा की ओर से राकेश सिंह आदि के विरुद्ध दायर परिवाद को निरस्त कर दिया है।
न्यायालय ने बताया कि वादिनी 29 मई 2025 से साक्ष्य हेतु नियत होने के बावजूद लगातार अनुपस्थित रहीं। वादिनी की ओर से न तो कोई अधिवक्ता पेश हुआ और न ही कोई स्थगन प्रार्थना पत्र दिया गया। रुचि न लेने के कारण कोर्ट ने धारा 226 के तहत परिवाद को खारिज कर दिया है। (संवाद)
-----
एससी/एसटी एक्ट के मामले में चार आरोपी दोषमुक्त
औरैया। विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी) की अदालत ने फैसले में बिधूना थाना क्षेत्र के चार आरोपियों सुघर सिंह, नीरज, जीतू और अंबुज को दोषमुक्त करार दिया है।

वादिनी ने आरोप लगाया था कि 12 दिसंबर 2017 को इन लोगों ने उसके घर में घुसकर जातिसूचक गालियां दीं और मारपीट की। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष अपना केस साबित करने में विफल रहा। साक्ष्यों में कमी और देरी से की गई शिकायत के कारण अदालत ने आरोपितों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। (संवाद)
----
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed