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Auraiya News: घर पर डांट पड़ने के डर से रात भर भूसे के पीछे छिपी रही नौ साल की बच्ची
Sat, 03 May 2025 11:38 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Sat, 03 May 2025 11:38 PM IST
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एरवाकटरा (औरैया)। थाना क्षेत्र के गांव हिरमी में घर देर से पहुंचने पर डांट पड़ने के डर से नौ साल की एक बच्ची भूसे के ढेर के पीछे छिप गई। बच्ची के न मिलने से परेशान परिजनों ने मामले में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई।
इस दौरान पुलिस रात भर बच्ची को आसपास के खेतों में तलाशते रहे। शनिवार सुबह बच्ची भूसे के ढेर के पीछे सोती मिली। पुलिस ने बच्ची को परिजनों को सौंप दिया। हिरमी निवासी कौशल किशोर ने बताया कि उनकी पौत्री शीतल (9) गांव के परिषदीय विद्यालय में कक्षा चार की छात्रा है।
शुक्रवार रात आठ बजे के करीब वह अपनी मां रिंकी देवी से रुपये लेकर दुकान से शीतल पेय खरीदने गई थी। काफी देर तक वापस न लौटने पर परिजनों ने उसे दुकान व आसपास में खोजा, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला।
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अनहोनी की आशंका जाहिर करने पर पुलिस ने रात में ही उसके अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कर ली। मौके पर पहुंचे सीओ बिधूना पी. पुनीत मिश्रा, एसआई प्रदीप अवस्थी, प्रेम कुमार सिंह और सुखवीर सिंह की टीम ने बच्ची की तलाश की। रात भर पुलिस गांव के पास के खेत, झाड़ी, पोखर, बंबे की पटरी पर खोजती रही मगर सफलता हाथ नहीं लगी। शनिवार सुबह छह बजे पुलिस ने बच्ची को उसके घर के पास खाली जगह पर लगे भूसे के ढेर के पीछे बोरी पर सोते हुए पाया।
बच्ची ने पुलिस को बताया कि वह दुकान पर शीतल पेय खरीदने गई थी। वापस लौटने के दौरान वह रास्ते में पड़ोसियों के बच्चों के साथ मोबाइल देखने लगी। इससे उसे घर पहुंचने में देर हो गई। डांट पड़ने के डर से वह घर न जाकर भूसे के ढेर के पीछे छिपकर सो गई।
प्रभारी थानाध्यक्ष एरवाकटरा शूरवीर सिंह ने बताया कि शिकायत मिलने पर रात में ही मासूम के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। ऑपरेशन मुस्कान के तहत उसे सकुशल ढूंढकर परिजनों को सौंप दिया गया है।
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इस दौरान पुलिस रात भर बच्ची को आसपास के खेतों में तलाशते रहे। शनिवार सुबह बच्ची भूसे के ढेर के पीछे सोती मिली। पुलिस ने बच्ची को परिजनों को सौंप दिया। हिरमी निवासी कौशल किशोर ने बताया कि उनकी पौत्री शीतल (9) गांव के परिषदीय विद्यालय में कक्षा चार की छात्रा है।
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शुक्रवार रात आठ बजे के करीब वह अपनी मां रिंकी देवी से रुपये लेकर दुकान से शीतल पेय खरीदने गई थी। काफी देर तक वापस न लौटने पर परिजनों ने उसे दुकान व आसपास में खोजा, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला।
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अनहोनी की आशंका जाहिर करने पर पुलिस ने रात में ही उसके अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कर ली। मौके पर पहुंचे सीओ बिधूना पी. पुनीत मिश्रा, एसआई प्रदीप अवस्थी, प्रेम कुमार सिंह और सुखवीर सिंह की टीम ने बच्ची की तलाश की। रात भर पुलिस गांव के पास के खेत, झाड़ी, पोखर, बंबे की पटरी पर खोजती रही मगर सफलता हाथ नहीं लगी। शनिवार सुबह छह बजे पुलिस ने बच्ची को उसके घर के पास खाली जगह पर लगे भूसे के ढेर के पीछे बोरी पर सोते हुए पाया।
बच्ची ने पुलिस को बताया कि वह दुकान पर शीतल पेय खरीदने गई थी। वापस लौटने के दौरान वह रास्ते में पड़ोसियों के बच्चों के साथ मोबाइल देखने लगी। इससे उसे घर पहुंचने में देर हो गई। डांट पड़ने के डर से वह घर न जाकर भूसे के ढेर के पीछे छिपकर सो गई।
प्रभारी थानाध्यक्ष एरवाकटरा शूरवीर सिंह ने बताया कि शिकायत मिलने पर रात में ही मासूम के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। ऑपरेशन मुस्कान के तहत उसे सकुशल ढूंढकर परिजनों को सौंप दिया गया है।