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Auraiya News: वैसुंधरा में 4.73 एकड़ जमीन ग्राम सभा में दर्ज होगी
Tue, 20 May 2025 12:10 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Tue, 20 May 2025 12:10 AM IST
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औरैया। ग्राम पंचायत वैसुंधरा में चार दशक पहले हुई चकबंदी में 48 एकड़ जमीन कुछ लोगों ने फर्जी प्रविष्टि के सहारे हथिया ली थी।
इस मामले में जांच के बाद सदर एसडीएम कोर्ट में दर्ज हुए एक वाद में 4.73 एकड़ जमीन को अब फिर से ग्राम सभा की बंजर भूमि में दर्ज करने के आदेश हुए हैं। इस आदेश से साजिश के तहत काबिज हुए आठ लोगों में खलबली मच गई है।
साल 1987-88 में सदर तहसील के दिबियापुर कस्बे से सटे गांवों में चकबंदी प्रकि्रया अपनाई गई थी। इस प्रकि्रया में वैसुंधरा मौजा भी शामिल था। चकबंदी के दौरान यहां के करीब 50 लोगों ने जालसाजी कर करीब 48 एकड़ जमीन हथिया ली थी। यह फर्जीवाड़ा अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद सुर्खियों में आया था।
डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने 31 जुलाई 2024 को प्रकरण में जांच के आदेश दिए थे। कमेटी गठित करते हुए जांच रिपोर्ट मांगी थी। जांच पूरी होने के बाद डीएम तक रिपोर्ट पहुंचती इससे पहले ही जालसाज लोग कोर्ट में पहुंच गए थे। ये मामले सदर तहसील से लेकर डीएम, एडीएम व चकबंदी न्यायालय में दर्ज हुए थे।
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वहीं, 30 अक्तूबर 2024 को सदर एसडीएम कोर्ट में 4.73 एकड़ से जुड़ा आठ लोगों का मामला दर्ज हुआ था। इस मामले में न्यायालय में 24 तारीखों के जरिए सुनवाई की गई। इसके बाद एसडीएम सदर राकेश कुमार ने फैसला सुनाया है।
फैसले में उन्होंने वैसुंधरा के दिनेश चंद्र, सतीश चंद्र, कलावती, सत्यदेव, सुरेश, महेश, गंगा देवी व थान सिंह समेत आठ लोगों के नाम चढ़ी 4.73 एकड़ जमीन को ग्राम सभा की बंजर जमीन में दर्ज करने का आदेश दिया है।
जमीन हथियाने वाले रसूखदारों की उड़ी नींद
एसडीएम कोर्ट के जारी हुए आदेश में आठ लोगों के हिस्से फर्जी तरीके से चढ़ी 4.73 एकड़ जमीन को बंजर में दर्ज कराने का आदेश दिया गया है। इस आदेश के बाद जमीन हथियाने वाले रसूखदारों की नींद उड़ गई है। ये वो लोग हैं, जिन्होंने सालों पहले फर्जी तरीके से बेशकीमती जमीन हथियाई। यहां तक कि 15 लोगों ने हथियाई गई जमीन को पाता पेट्रो केमिकल्स एवं आवासीय कॉलोनी को बेचकर करोड़ों का मुआवजा भी पा लिया था।
सदर एसडीएम कोर्ट से आदेश जारी हुआ है। फर्जी प्रविष्टि के सहारे आठ लोगों के नाम चढ़ी 4.73 एकड़ जमीन को ग्राम सभा की बंजर भूमि में दर्ज कराया जाएगा। अन्य मामलों में भी जल्द फैसले आएंगे।
-डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी, जिलाधिकारी
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इस मामले में जांच के बाद सदर एसडीएम कोर्ट में दर्ज हुए एक वाद में 4.73 एकड़ जमीन को अब फिर से ग्राम सभा की बंजर भूमि में दर्ज करने के आदेश हुए हैं। इस आदेश से साजिश के तहत काबिज हुए आठ लोगों में खलबली मच गई है।
साल 1987-88 में सदर तहसील के दिबियापुर कस्बे से सटे गांवों में चकबंदी प्रकि्रया अपनाई गई थी। इस प्रकि्रया में वैसुंधरा मौजा भी शामिल था। चकबंदी के दौरान यहां के करीब 50 लोगों ने जालसाजी कर करीब 48 एकड़ जमीन हथिया ली थी। यह फर्जीवाड़ा अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद सुर्खियों में आया था।
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डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने 31 जुलाई 2024 को प्रकरण में जांच के आदेश दिए थे। कमेटी गठित करते हुए जांच रिपोर्ट मांगी थी। जांच पूरी होने के बाद डीएम तक रिपोर्ट पहुंचती इससे पहले ही जालसाज लोग कोर्ट में पहुंच गए थे। ये मामले सदर तहसील से लेकर डीएम, एडीएम व चकबंदी न्यायालय में दर्ज हुए थे।
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वहीं, 30 अक्तूबर 2024 को सदर एसडीएम कोर्ट में 4.73 एकड़ से जुड़ा आठ लोगों का मामला दर्ज हुआ था। इस मामले में न्यायालय में 24 तारीखों के जरिए सुनवाई की गई। इसके बाद एसडीएम सदर राकेश कुमार ने फैसला सुनाया है।
फैसले में उन्होंने वैसुंधरा के दिनेश चंद्र, सतीश चंद्र, कलावती, सत्यदेव, सुरेश, महेश, गंगा देवी व थान सिंह समेत आठ लोगों के नाम चढ़ी 4.73 एकड़ जमीन को ग्राम सभा की बंजर जमीन में दर्ज करने का आदेश दिया है।
जमीन हथियाने वाले रसूखदारों की उड़ी नींद
एसडीएम कोर्ट के जारी हुए आदेश में आठ लोगों के हिस्से फर्जी तरीके से चढ़ी 4.73 एकड़ जमीन को बंजर में दर्ज कराने का आदेश दिया गया है। इस आदेश के बाद जमीन हथियाने वाले रसूखदारों की नींद उड़ गई है। ये वो लोग हैं, जिन्होंने सालों पहले फर्जी तरीके से बेशकीमती जमीन हथियाई। यहां तक कि 15 लोगों ने हथियाई गई जमीन को पाता पेट्रो केमिकल्स एवं आवासीय कॉलोनी को बेचकर करोड़ों का मुआवजा भी पा लिया था।
सदर एसडीएम कोर्ट से आदेश जारी हुआ है। फर्जी प्रविष्टि के सहारे आठ लोगों के नाम चढ़ी 4.73 एकड़ जमीन को ग्राम सभा की बंजर भूमि में दर्ज कराया जाएगा। अन्य मामलों में भी जल्द फैसले आएंगे।
-डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी, जिलाधिकारी