{"_id":"5ce986a8bdec220742622135","slug":"15588082815-auraiya-news110","type":"story","status":"publish","title_hn":"सघन दस्त पखवाड़ा की तैयारियों को लेकर कार्यशाला का आयोजन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सघन दस्त पखवाड़ा की तैयारियों को लेकर कार्यशाला का आयोजन
विज्ञापन
औरैया। सघन दस्त नियंत्रण पखवारा की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए सीएमओ कार्यालय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह पखवारा 28 मई से नौ जून के बीच मनाया जाएगा। पखवारे में पांच वर्ष के रोगग्रस्त बच्चों को ओआरएस घोल व जिंक की दवाई के प्रति लोगों को जागरूक करने के साथ उपचार किया जाएगा। जिले के प्रत्येक ब्लाक में एक लाख 38 हजार जिंक की गोली पहुंचाई जा चुकी है।
सीएमओ कार्यालय पर बैठक में नोडल अधिकारी डा. शिशिर पुरी ने कहा कि शिशु मृत्यु दर में कमी लाना राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन का प्रमुख लक्ष्य है। बाल्यावस्था में पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों में मृत्यु दर 10 फीसदी मृत्यु दस्त के कारण हो जाती है। इसका उपचार ओआरएस व जिंक की गोली मात्र से किया जा सकता है। इस रोग के फैलने की प्रमुख वजह दूषित पेयजल, स्वच्छता, शौचालय का अभाव तथा पांच वर्ष तक के बच्चों का कुपोषित होना है। सीएमओ एके राय ने बताया कि अभियान के दौरान ऐसे उपकेंद्र जहां पर एएनएम न हो अथवा लंबे समय पर अवकाश पर होने, अरबन स्लम, दूरस्थ (हार्ड टू रीच ऐरिया), खाना बदोस, निर्माण कार्य, ईट भट्टों में लगे परिवार, कम सफाई वाले स्थान, ऐसे क्षेत्र जहां पहले डायरिया अटैक हुआ हो, को शामिल किया जाएगा। सीएमओ ने बताया कि जिले के औरैया, अजीतमल, भाग्यनगर, अछल्दा, एरवाकटरा, बिधूना व सहार ब्लाक में 45 हजार ओआरएस के पैकिट व एक लाख 38 हजार गोलियों का वितरण प्रत्येक ब्लाक में किया जा चुका है। कार्यशाला में डा.राजीव रस्तोगी, डा.लाखन सिंह, डीपीआरओ राम अभिलाख आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
सीएमओ कार्यालय पर बैठक में नोडल अधिकारी डा. शिशिर पुरी ने कहा कि शिशु मृत्यु दर में कमी लाना राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन का प्रमुख लक्ष्य है। बाल्यावस्था में पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों में मृत्यु दर 10 फीसदी मृत्यु दस्त के कारण हो जाती है। इसका उपचार ओआरएस व जिंक की गोली मात्र से किया जा सकता है। इस रोग के फैलने की प्रमुख वजह दूषित पेयजल, स्वच्छता, शौचालय का अभाव तथा पांच वर्ष तक के बच्चों का कुपोषित होना है। सीएमओ एके राय ने बताया कि अभियान के दौरान ऐसे उपकेंद्र जहां पर एएनएम न हो अथवा लंबे समय पर अवकाश पर होने, अरबन स्लम, दूरस्थ (हार्ड टू रीच ऐरिया), खाना बदोस, निर्माण कार्य, ईट भट्टों में लगे परिवार, कम सफाई वाले स्थान, ऐसे क्षेत्र जहां पहले डायरिया अटैक हुआ हो, को शामिल किया जाएगा। सीएमओ ने बताया कि जिले के औरैया, अजीतमल, भाग्यनगर, अछल्दा, एरवाकटरा, बिधूना व सहार ब्लाक में 45 हजार ओआरएस के पैकिट व एक लाख 38 हजार गोलियों का वितरण प्रत्येक ब्लाक में किया जा चुका है। कार्यशाला में डा.राजीव रस्तोगी, डा.लाखन सिंह, डीपीआरओ राम अभिलाख आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन