{"_id":"5cc3501e867a5547743b263a","slug":"111556303902-auraiya-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"घरेलू गैस सिलिंडर फटने से दूल्हे की मां और ममेरी बहन की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घरेलू गैस सिलिंडर फटने से दूल्हे की मां और ममेरी बहन की मौत
विज्ञापन
बिधूना/एरवाकटरा (औरैया)। शादी के एक घर में शुक्रवार सुबह दो छोटे सिलिंडर फटने से दूल्हे की मां और ममेरी बहन की मौके पर ही मौत हो गई। दो रिश्तेदार महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। दोनों को सैफई मेडिकल कालेज रेफर कर दिया गया है। धमाका इतना तेज था कि घर भी क्षतिग्रस्त हो गया।
एरवाकटरा थाना क्षेत्र के ग्राम चिकटा गुलालपुर में श्यामसुंदर शर्मा लकड़ी का काम करते हैं। इनके तीन पुत्र हैं मुकेश कुमार, नारायण और अनूप। बड़े बेटे मुकेश की गुरुवार को कानपुर देहात के कहिंझरी गांव में बारात गई थी। शुक्रवार सुबह बहू को आना था। मुकेश की मां राजा बेटी (50), भतीजी और दूल्हे की ममेरी बहन राजरानी (40) पत्नी चंद्रप्रकाश निवासी एरवाटिकटा के साथ घर के आंगन में रसोईघर में खाना बना रही थी। रसोईघर के ऊपर छप्पर था और किचिन में एक बड़े सिलिंडर के साथ पांच-पांच किलो के दो छोटे सिलिंडर भी रखे थे। माना जा रहा है कि सिलिंडर लीक हो रहे थे। जैसे ही गैस चूल्हा जलाया गया दोनों छोटे सिलिंडरों ने आग पकड़ ली और जोरदार धमाके के साथ दोनों फट गए।
इससे सिलिंडर फटने से आग लग गई और जलता हुआ छप्पर राजाबेटी और राजरानी के ऊपर गिर गया। दोनों की जलकर मौके पर ही मौत हो गई। पास में ही बैठीं रिश्तेदार मिथलेश कुमारी (40) पत्नी राकेश कुमार और सुनीता देवी (35) पत्नी संजीव कुमार गंभीर रूप से घायल हो गईं। इन्हें सीएचसी एरवाकटरा में भर्ती कराया गया, जहां से सैफई रेफर कर दिया गया। मौके पर एसडीएम बिधूना रामजीवन, एरवाकटरा थानाध्यक्ष अवधेश कुमार व उमरैन चौकी इंचार्ज कालीचरन कुशवाहा मौके पर पहुंचे और घटनास्थल की जांच-पड़ताल की। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
विज्ञापन
शुक्रवार को सुबह 11 बजे जब यह हादसा हुआ तब दूल्हा मुकेश अपने पिता श्यामसुंदर और अन्य बारातियों के साथ दुल्हन को विदा कराकर नए सपने बुनता हुआ वापस घर आ रहेा था। उसे क्या पता था कि घर पहुंचने पर मां और ममेरी बहन के शव देखने को मिलेंगे। घर पहुंचने पर मुकेश के विलाप से सभी की आंखें नम हो गईं। नई दुल्हन भी घर का मंजर देख गुमसुम हो गई। उसे परिवार के रिश्तेदार एक बाइक पर बैठा कर गांव में ही एक अन्य रिश्तेदारों के यहां छोड़ आए। इधर दुल्हन के घर वालों को भी सूचना होने पर वे भी दौड़े चले आए।
धमाका इतना तेज था कि श्यामसुंदर का घर तो क्षतिग्रस्त हुआ ही, आसपास के मकान भी हिल गए। फायर ब्रिगेड को और डॉयल 100 नंबर पुलिस को सूचना दी गई। जब तक फायरब्रिगेड मौके पर पहुंचती तब तक गांव के लोगों ने आग को काबू कर लिया था। इस दौरान एसडीएम बिधूना रामजीवन, एरवाकटरा थानाध्यक्ष अवधेश कुमार यादव और चौकी इंचार्ज कालीचरन कुशवाहा खुद मौके पर पहुंच गए।
नई बहू आने की बात से घर में खुशी का माहौल था। सुबह से ही इसकी तैयारियां चल रही थीं पर जैसे ही यह हादसा हुआ पूरा माहौल बदल गया। हर तरफ रोना पीटना मच गया॥ श्यामसुंदर तो जैसे गुमसुम हो गया। बेटे के साथ बहू को लेकर घर आया तो मंजर देख कर उसकी आंखें ही पथरा गईं। उसने कहा कि भगवान ने उसके साथ अन्याय किया। नारायण और अनूप का रो-रोकर बुरा हाल रहा। गांव वालों का कहना था कि एक झटके में पूरा परिवार बिखर गया।
विज्ञापन
एरवाकटरा थाना क्षेत्र के ग्राम चिकटा गुलालपुर में श्यामसुंदर शर्मा लकड़ी का काम करते हैं। इनके तीन पुत्र हैं मुकेश कुमार, नारायण और अनूप। बड़े बेटे मुकेश की गुरुवार को कानपुर देहात के कहिंझरी गांव में बारात गई थी। शुक्रवार सुबह बहू को आना था। मुकेश की मां राजा बेटी (50), भतीजी और दूल्हे की ममेरी बहन राजरानी (40) पत्नी चंद्रप्रकाश निवासी एरवाटिकटा के साथ घर के आंगन में रसोईघर में खाना बना रही थी। रसोईघर के ऊपर छप्पर था और किचिन में एक बड़े सिलिंडर के साथ पांच-पांच किलो के दो छोटे सिलिंडर भी रखे थे। माना जा रहा है कि सिलिंडर लीक हो रहे थे। जैसे ही गैस चूल्हा जलाया गया दोनों छोटे सिलिंडरों ने आग पकड़ ली और जोरदार धमाके के साथ दोनों फट गए।
विज्ञापन
इससे सिलिंडर फटने से आग लग गई और जलता हुआ छप्पर राजाबेटी और राजरानी के ऊपर गिर गया। दोनों की जलकर मौके पर ही मौत हो गई। पास में ही बैठीं रिश्तेदार मिथलेश कुमारी (40) पत्नी राकेश कुमार और सुनीता देवी (35) पत्नी संजीव कुमार गंभीर रूप से घायल हो गईं। इन्हें सीएचसी एरवाकटरा में भर्ती कराया गया, जहां से सैफई रेफर कर दिया गया। मौके पर एसडीएम बिधूना रामजीवन, एरवाकटरा थानाध्यक्ष अवधेश कुमार व उमरैन चौकी इंचार्ज कालीचरन कुशवाहा मौके पर पहुंचे और घटनास्थल की जांच-पड़ताल की। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
विज्ञापन
शुक्रवार को सुबह 11 बजे जब यह हादसा हुआ तब दूल्हा मुकेश अपने पिता श्यामसुंदर और अन्य बारातियों के साथ दुल्हन को विदा कराकर नए सपने बुनता हुआ वापस घर आ रहेा था। उसे क्या पता था कि घर पहुंचने पर मां और ममेरी बहन के शव देखने को मिलेंगे। घर पहुंचने पर मुकेश के विलाप से सभी की आंखें नम हो गईं। नई दुल्हन भी घर का मंजर देख गुमसुम हो गई। उसे परिवार के रिश्तेदार एक बाइक पर बैठा कर गांव में ही एक अन्य रिश्तेदारों के यहां छोड़ आए। इधर दुल्हन के घर वालों को भी सूचना होने पर वे भी दौड़े चले आए।
धमाका इतना तेज था कि श्यामसुंदर का घर तो क्षतिग्रस्त हुआ ही, आसपास के मकान भी हिल गए। फायर ब्रिगेड को और डॉयल 100 नंबर पुलिस को सूचना दी गई। जब तक फायरब्रिगेड मौके पर पहुंचती तब तक गांव के लोगों ने आग को काबू कर लिया था। इस दौरान एसडीएम बिधूना रामजीवन, एरवाकटरा थानाध्यक्ष अवधेश कुमार यादव और चौकी इंचार्ज कालीचरन कुशवाहा खुद मौके पर पहुंच गए।
नई बहू आने की बात से घर में खुशी का माहौल था। सुबह से ही इसकी तैयारियां चल रही थीं पर जैसे ही यह हादसा हुआ पूरा माहौल बदल गया। हर तरफ रोना पीटना मच गया॥ श्यामसुंदर तो जैसे गुमसुम हो गया। बेटे के साथ बहू को लेकर घर आया तो मंजर देख कर उसकी आंखें ही पथरा गईं। उसने कहा कि भगवान ने उसके साथ अन्याय किया। नारायण और अनूप का रो-रोकर बुरा हाल रहा। गांव वालों का कहना था कि एक झटके में पूरा परिवार बिखर गया।