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मैं अभी मरा नहीं हूं: अतीक ने बिल्डर से कहा था- मुझसे जेल में आकर मिलो, आखिरी बार समझा रहा हूं, हिसाब कर दो...
Wed, 19 Apr 2023 09:39 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 19 Apr 2023 09:39 AM IST
सार
साबरमती जेल से माफिया अतीक अहमद ने अपने करीबी बिल्डर मोहम्मद मुस्लिम खान से पांच करोड़ रुपये मांगे थे। बेटे उमर और असद के पैसों का हिसाब करने के लिए भी धमकाया था। व्हाट्सएप चैट वायरल हो रही हैं।
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Atiq Ashraf Murder
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
माफिया अतीक अहमद ने अपने करीबी बिल्डर मोहम्मद मुस्लिम खान को साबरमती जेल से पांच करोड़ रुपये देने के लिए धमकाया था। दावा है कि उसने व्हाट्सएप के जरिए बिल्डर को मैसेज किया था कि मेरे बेटे उमर का हिसाब कर दो। पुलिस अधिकारी हालांकि इन व्हाट्सएप संदेशों की सत्यता की पुष्टि नहीं कर रहे हैं।
सोशल मीडिया में वायरल व्हाट्सएप चैट के स्क्रीन शॉट में अतीक कथित तौर पर बिल्डर से कह रहा है, ‘मैं अभी मरा नहीं हूं। मुझसे जेल में आकर मिलो। मेरे बेटे न डॉक्टर बनेंगे, न ही वकील। ज्यादा ईडी-ईडी मत करो। अभी तुम्हारे घर पर ईडी ने छापा नहीं मारा है। तुम्हारा कोई पैसा सीज नहीं किया गया है।
उमर और असद तुमसे पैसा लेने आएंगे। मुझे इलेक्शन के लिए पैसों की जरूरत है। हमारा जो पैसा है, उसे तुरंत दे दो। वो इस वक्त हमारे बहुत काम आएगा। शायद आपकी तरफ से ध्यान हट जाए। आपको आखिरी बार समझा रहा हूं। बहुत जल्दी सारे हालात बदल रहे हैं। मैंने सब्र कर लिया है।
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बहुत जल्दी सबका हिसाब शुरू कर दूंगा। जहां तक आपका घर है, कोई मारने लायक नहीं है। लेकिन मैं एक वादा कर रहा हूं आपसे। अच्छे मुस्लिम और मुस्लिम का ससुर मार खाएंगे। कम लफ्जों में ज्यादा समझ लो।’
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सोशल मीडिया में वायरल व्हाट्सएप चैट के स्क्रीन शॉट में अतीक कथित तौर पर बिल्डर से कह रहा है, ‘मैं अभी मरा नहीं हूं। मुझसे जेल में आकर मिलो। मेरे बेटे न डॉक्टर बनेंगे, न ही वकील। ज्यादा ईडी-ईडी मत करो। अभी तुम्हारे घर पर ईडी ने छापा नहीं मारा है। तुम्हारा कोई पैसा सीज नहीं किया गया है।
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उमर और असद तुमसे पैसा लेने आएंगे। मुझे इलेक्शन के लिए पैसों की जरूरत है। हमारा जो पैसा है, उसे तुरंत दे दो। वो इस वक्त हमारे बहुत काम आएगा। शायद आपकी तरफ से ध्यान हट जाए। आपको आखिरी बार समझा रहा हूं। बहुत जल्दी सारे हालात बदल रहे हैं। मैंने सब्र कर लिया है।
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बहुत जल्दी सबका हिसाब शुरू कर दूंगा। जहां तक आपका घर है, कोई मारने लायक नहीं है। लेकिन मैं एक वादा कर रहा हूं आपसे। अच्छे मुस्लिम और मुस्लिम का ससुर मार खाएंगे। कम लफ्जों में ज्यादा समझ लो।’
वहीं एक और मैसेज में अतीक ने लिखा कि मुस्लिम साहब, पूरे इलाहाबाद में बहुतों ने हमसे फायदा उठाया, लेकिन सबसे ज्यादा तुम्हारे घर ने उठाया। आज......(अपशब्द) लोग हमारे खिलाफ एफआईआर लिखा रहे हैं। पुलिस की शह पर काम कर रहे हैं।
बिल्डर ने उमेश हत्याकांड से पहले शाइस्ता को भेजे थे 80 लाख रुपये
पुलिस ने शह देना बंद कर दिया तो फिर क्या होगा....। सूत्रों के मुताबिक बिल्डर मोहम्मद मुस्लिम प्रयागराज का रहने वाला है। अतीक के डर से वह लखनऊ में बस गया था। अतीक के बार-बार धमकाने पर उसने उमेश पाल हत्याकांड से पहले शाइस्ता को 80 लाख रुपये भेजे थे।
दो ऑडियो भी वायरल
इसी तरह मंगलवार को सोशल मीडिया पर दो ऑडियो भी वायरल हुए। इनमें अतीक का बेटा असद बिल्डर को बार-बार जेल या कोर्ट आकर मिलने को कह रहा है। वह बिल्डर के घर पर जाने और दरवाजा न खुलने पर नाराजगी जताता हुआ भी सुनाई दे रहा है। वहीं बिल्डर उसे बार-बार समझाने का प्रयास कर रहा है।
जेल में बंद गुजरात और मुंबई के व्यापारियों से अतीक ने की पार्टनरशिप
वहीं, माफिया अतीक अहमद ने साबरमती जेल में बंद गुजरात और मुंबई के कुछ कारोबारियों के साथ पार्टनरशिप की थी। एक्सपोर्ट का कारोबार करने वाली इन व्यापारियों की कंपनियों में अतीक ने अपराध जगत से अर्जित काली कमाई को निवेश किया था।
वहीं, माफिया अतीक अहमद ने साबरमती जेल में बंद गुजरात और मुंबई के कुछ कारोबारियों के साथ पार्टनरशिप की थी। एक्सपोर्ट का कारोबार करने वाली इन व्यापारियों की कंपनियों में अतीक ने अपराध जगत से अर्जित काली कमाई को निवेश किया था।
वह अपने तीनों बेटों को कंपनियों में निदेशक बनाने की भूमिका भी बना रहा था। उमेश पाल हत्याकांड के बाद जब एसटीएफ ने साबरमती जेल में नजर रखनी शुरू की तो उसके हाथ इस पार्टनरशिप के पुख्ता सुराग लग गए। जेल से की गयी अतीक की कुछ फोन कॉल्स से भी इसकी पुष्टि हुई है।
अतीक ने राजस्थान में भी कुछ लोगों के साथ किया था निवेश
एसटीएफ के सूत्रों की मानें तो अतीक अहमद के एक दर्जन से ज्यादा गुर्गे अहमदाबाद और साबरमती में ठिकाना बनाए थे। अतीक और इन गुर्गों का सारा खर्च मुंबई और गुजरात के कारोबारी उठाते थे जिसकी वजह से वह प्रयागराज से पैसा नहीं मंगवाता था। एसटीएफ को ये भी पता चला है कि अतीक ने राजस्थान में भी कुछ लोगों के साथ अपनी काली कमाई को निवेश किया था।
यह भी पढ़ें: Atiq Ashraf Murder: लवलेश का गोलियां बरसाने का अंदाज देख पुलिस हैरान, किससे लिया पिस्टल चलाने का प्रशिक्षण?
एसटीएफ के सूत्रों की मानें तो अतीक अहमद के एक दर्जन से ज्यादा गुर्गे अहमदाबाद और साबरमती में ठिकाना बनाए थे। अतीक और इन गुर्गों का सारा खर्च मुंबई और गुजरात के कारोबारी उठाते थे जिसकी वजह से वह प्रयागराज से पैसा नहीं मंगवाता था। एसटीएफ को ये भी पता चला है कि अतीक ने राजस्थान में भी कुछ लोगों के साथ अपनी काली कमाई को निवेश किया था।
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व्यापारियों के बारे में छानबीन कर रही है एसटीएफ
एसटीएफ इन व्यापारियों के बारे में छानबीन कर रही है। अतीक जेल से ही प्रयागराज के व्यापारियों और बिल्डरों को भी धमकाता था। शाइस्ता को मेयर का चुनाव लड़ने के लिए बसपा का टिकट मिलने के बाद धमकियों का सिलसिला बढ़ता जा रहा था। ये रकम एक बैंक खाते में भी मंगवाई जाती थी। इसके भी पुख्ता सुराग एसटीएफ को मिल चुके हैं।