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बीटीसी: मनचाहे जिलों में छात्रों को आवेदन की छूट
लखनऊ/ब्यूरो
Updated Wed, 24 Jul 2013 12:03 AM IST
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उत्तर प्रदेश में बीटीसी प्रवेश प्रक्रिया का आदेश जारी हो गया है। इस बार मनचाहे जिलों में छात्रों को आवेदन की छूट दी गई है।
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इसके साथ ही प्रवेश के लिए छात्रों से 10 जिलों का विकल्प भी लिया जाएगा। इससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस बार प्रवेश के लिए पिछले अन्य सालों की अपेक्षा अधिक मारामारी होगी।
इसलिए सरकारी सीटें तो तुरंत ही भर जाएंगी और छात्रों के पास सहारा बचेगा तो निजी कॉलेजों का। सरकारी में जहां 10,400 सीटें हैं, वहीं निजी कॉलेजों में इसकी संख्या ठीक दोगुनी 22,550 है।
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सरकारी कॉलेजों में जहां 4600 रुपये ही फीस है, वहीं निजी कॉलेजों में फ्री सीट की 22,000 और पेड सीट की फीस 44,000 रुपये है।
उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा परिषद के प्राइमरी स्कूलों में शिक्षक बनने की योग्यता स्नातक व बीटीसी है।
राज्य सरकार इसके पहले बीएड वालों को भी गाहे-बगाहे विशिष्ट बीटीसी का प्रशिक्षण देकर प्राइमरी स्कूलों में शिक्षक बनाती रही है लेकिन इस बार जो टीईटी आयोजित की गई, उसमें बीएड वालों को केवल उच्च प्राइमरी के लिए ही पात्र माना गया है यानी प्राइमरी स्कूलों से उनका पत्ता कट हो गया है।
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इसलिए स्नातक करने वाले और 18 से 30 वर्ष की आयु वाले बीटीसी के लिए जमकर आवेदन करेंगे। प्रदेश में बीटीसी की मौजूदा समय 32,950 सीटें हैं।
इसमें से सरकारी जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डायटों) में 10,400 सीटें हैं। इसमें से कांशीरामनगर, फर्रुखाबाद, चंदौली, संतकबीरनगर, अंबेडकरनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, हमीरपुर, छत्रपतिशाहूजी महाराजनगर, गाजियाबाद, शामली और संभल में बीटीसी की सीटें नहीं हैं।
इसलिए इनके पूर्ववर्ती जिलों की आधी सीटों पर इन जिलों में प्रवेश दिया जाता है। इसलिए सरकारी सीटें तो तुरंत भर जाएंगी और निजी कॉलेजों में प्रवेश का सहारा बचेगा।