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गड्ढा भर रह गया, अब मवेशियों का क्या होगा
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Thu, 21 Apr 2016 01:08 AM IST
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अमरोहा ब्लाक के खंडसाल में सूखा पड़ा तालाब।
- फोटो : amar ujala
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क्षेत्र में तालाब सूखने से जल संकट खड़ा हो गया है। कभी पानी से लबालब भरे रहने वाले तालाबों में एक बूंद भी पानी नहीं है। पशु पालक और किसान परेशान हैं। तालाब सूखने से खेतों की नमी भी जाने लगी है। बावजूद इसके तालाबों को पानी से भरने के लिए जिला प्रशासन के पास योजना तक नहीं है।
क्षेत्र के छोटे-बड़े सभी तालाब सूखे पड़े होने से ग्रामीण परेशान हैं। इसका असर भूमिगत जल स्तर पर देखने को मिल रहा है। इसमें गिरावट से हैंडपंप, नलकूप सूखने की स्थिति में हैं। तालाब सूखने के बाद ग्रामीण और किसानों को मवेशियों की चिंता सताने लगी हैं।
उन्हें इस बात की आशंका है कि समय रहते पानी की व्यवस्था नहीं हुई तो मवेशियों को दिक्कत होगी। यही हाल खंडसाल कलां के तालाब का है, जो अब पूरी तरह सूख चुका है। बांसखेड़ी, खेड़का, नयागांव, कौराल, धनौरी मीर, गजस्थल समेत अधिकांश गांवों के तालाब में पानी तक नहीं है।
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मनरेगा से तालाबों की खुदाई तो हो गई, लेकिन उनमें पानी नहीं भरा जा सका। सीडीओ शिव कुमार मिश्र का कहना है कि, तालाबों के सूखने से प्रशासन भी परेशान है। शासन से धन की डिमांड की जा रही है। ताकि तालाबों को पानी से भरवाया जा सके।
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क्षेत्र के छोटे-बड़े सभी तालाब सूखे पड़े होने से ग्रामीण परेशान हैं। इसका असर भूमिगत जल स्तर पर देखने को मिल रहा है। इसमें गिरावट से हैंडपंप, नलकूप सूखने की स्थिति में हैं। तालाब सूखने के बाद ग्रामीण और किसानों को मवेशियों की चिंता सताने लगी हैं।
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उन्हें इस बात की आशंका है कि समय रहते पानी की व्यवस्था नहीं हुई तो मवेशियों को दिक्कत होगी। यही हाल खंडसाल कलां के तालाब का है, जो अब पूरी तरह सूख चुका है। बांसखेड़ी, खेड़का, नयागांव, कौराल, धनौरी मीर, गजस्थल समेत अधिकांश गांवों के तालाब में पानी तक नहीं है।
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मनरेगा से तालाबों की खुदाई तो हो गई, लेकिन उनमें पानी नहीं भरा जा सका। सीडीओ शिव कुमार मिश्र का कहना है कि, तालाबों के सूखने से प्रशासन भी परेशान है। शासन से धन की डिमांड की जा रही है। ताकि तालाबों को पानी से भरवाया जा सके।