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जिल में 16 मरीजों में हुई क्षय रोग की पुष्टि, 105 में मिले लक्ष्ण
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जनपद में क्षय रोगियों को ढूंढने के लिए एसीएफ अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत जब तक रोगी का इलाज चलता है तब तक उसे 500 रुपये महीना मिलता है।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ.मुमताज अंसारी ने बताया कि जनपद में चले एसीएफ अभियान के दौरान टीबी के मरीजों की भी पहचान की जा रही है। सीएचओ के द्वारा लोगों की स्क्रीनिंग की गई तो पता चला कि 105 लोगों में क्षय रोग से मिलते-जुलते लक्षण है। जांच के बाद इनमें से 16 लोगों में टीबी की पुष्टि हुई है। सभी मरीजों का उपचार शुरू करने के साथ ही उन्हें निक्षय पोषण योजना से भी जोड़ दिया गया है।
डॉ. मुमताज ने बताया की टीबी की बीमारी जीवाणु से होती है। यह अधिकतर फेफड़ों को प्रभावित करती है, हालांकि टीबी शरीर के किसी भी अंग में हो सकती है। फेफड़ों की टीबी संक्रामक होती है। और सीएचओ को स्क्रीनिंग और टीबी के लक्षण के बारे में बताया गया था कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक समय से खांसी है, खांसते समय बलगम या खून आता है, वजन कम हो रहा है, बुखार रहता है, सीने में दर्द रहता है, थकान अधिक रहती है, तो ऐसे व्यक्ति की टीबी की जांच अवश्य कराएं।
जनपद में 324 टीबी के मरीजों को गोद लिया जा चुका है। 88 मरीज एकदम सही हो चुके हैं, बाकी मरीजों का इलाज चल रहा है। इन मरीजों को पोष्टिक आहार भी दिया जा रहा है। जनपद की सभी तहसीलों पर हर दिवस पर टीबी कैंप का आयोजन किया जाएगा। जिससे कि ज्यादा से ज्यादा व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की जा सके। और हर रविवार को मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले में टीबी कैंप भी लगाया जाएगा।
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जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ.मुमताज अंसारी ने बताया कि जनपद में चले एसीएफ अभियान के दौरान टीबी के मरीजों की भी पहचान की जा रही है। सीएचओ के द्वारा लोगों की स्क्रीनिंग की गई तो पता चला कि 105 लोगों में क्षय रोग से मिलते-जुलते लक्षण है। जांच के बाद इनमें से 16 लोगों में टीबी की पुष्टि हुई है। सभी मरीजों का उपचार शुरू करने के साथ ही उन्हें निक्षय पोषण योजना से भी जोड़ दिया गया है।
डॉ. मुमताज ने बताया की टीबी की बीमारी जीवाणु से होती है। यह अधिकतर फेफड़ों को प्रभावित करती है, हालांकि टीबी शरीर के किसी भी अंग में हो सकती है। फेफड़ों की टीबी संक्रामक होती है। और सीएचओ को स्क्रीनिंग और टीबी के लक्षण के बारे में बताया गया था कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक समय से खांसी है, खांसते समय बलगम या खून आता है, वजन कम हो रहा है, बुखार रहता है, सीने में दर्द रहता है, थकान अधिक रहती है, तो ऐसे व्यक्ति की टीबी की जांच अवश्य कराएं।
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जनपद में 324 टीबी के मरीजों को गोद लिया जा चुका है। 88 मरीज एकदम सही हो चुके हैं, बाकी मरीजों का इलाज चल रहा है। इन मरीजों को पोष्टिक आहार भी दिया जा रहा है। जनपद की सभी तहसीलों पर हर दिवस पर टीबी कैंप का आयोजन किया जाएगा। जिससे कि ज्यादा से ज्यादा व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की जा सके। और हर रविवार को मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले में टीबी कैंप भी लगाया जाएगा।
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