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Amroha News: प्रसाद में जहर मिलाकर खिलाने वाले को तीन साल की सजा
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अमरोहा। गजरौला में प्रसाद में जहरीला पदार्थ मिलाकर एक ही परिवार के चार लोगों को खिलाने के करीब दस साल पुराने मामले में न्यायालय ने दोषी आजाद उर्फ लाला को तीन साल की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। दोषी फिलहाल जमानत पर जेल से बाहर था।
मामला गजरौला के मोहल्ला शास्त्री नगर का है। यहां भानदेव सिंह का परिवार रहता है। उनके साले गणेश मूलरूप से पिथौरागढ़ जिले के बवेत के रहने वाले हैं और पत्नी-बच्चों के साथ शास्त्री नगर में किराये के मकान में रहते हैं। मोहल्ले का आजाद उर्फ लाला उनके घर आता-जाता था। चार जून 2016 की शाम करीब सात बजे आजाद घर पहुंचा और परिवार को प्रसाद दिया, जिसमें जहरीला पदार्थ मिला था। इसे खाने के बाद गणेश, उनकी पत्नी अनीता और बेटियां तनुष्का व दिव्यांशी की तबीयत बिगड़ गई। उल्टी-दस्त की शिकायत पर चारों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस ने आजाद उर्फ लाला के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बाद में वह जमानत पर बाहर आ गया। मामले की सुनवाई एडीजे तृतीय की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव कुमार ने पैरवी की। सुनवाई पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आजाद को दोषी करार देते हुए तीन साल की सजा और 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
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मामला गजरौला के मोहल्ला शास्त्री नगर का है। यहां भानदेव सिंह का परिवार रहता है। उनके साले गणेश मूलरूप से पिथौरागढ़ जिले के बवेत के रहने वाले हैं और पत्नी-बच्चों के साथ शास्त्री नगर में किराये के मकान में रहते हैं। मोहल्ले का आजाद उर्फ लाला उनके घर आता-जाता था। चार जून 2016 की शाम करीब सात बजे आजाद घर पहुंचा और परिवार को प्रसाद दिया, जिसमें जहरीला पदार्थ मिला था। इसे खाने के बाद गणेश, उनकी पत्नी अनीता और बेटियां तनुष्का व दिव्यांशी की तबीयत बिगड़ गई। उल्टी-दस्त की शिकायत पर चारों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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पुलिस ने आजाद उर्फ लाला के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बाद में वह जमानत पर बाहर आ गया। मामले की सुनवाई एडीजे तृतीय की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव कुमार ने पैरवी की। सुनवाई पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आजाद को दोषी करार देते हुए तीन साल की सजा और 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
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