फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Amroha News ›   There is a crisis on setting up of new industrial units due to non-registration of acquired land

Amroha News: अधिगृहीत जमीन का बैनामा न हाेने से नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना पर संकट

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 19 Nov 2024 02:44 AM IST
विज्ञापन
There is a crisis on setting up of new industrial units due to non-registration of acquired land
गजरौला (अमरोहा)।
विज्ञापन

उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) के तीन रिटायर्ड अफसरों ने किसानों की जमीन के अधिग्रहण के एवज में 30 करोड़ रुपये मुआवजे बांटने के मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। वहीं, औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए अधिग्रहण की गई जमीन का बैनामा न होने से यह समस्या खड़ी हो गई है कि नई औद्योगिक इकाइयां कहां लगाई जाएंगी।
यूपीसीडा ने 2013-14 में नाईपुरा और फाजिलपुर गौसाईं में भूमि का अधिग्रहण किया था, जिससे भविष्य में उस पर नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित हो सकें। भूमि अधिग्रहण करने के बाद किसानों को 30 करोड़ रुपये का मुआवजा भी बांट दिया गया। मगर, अधिग्रहण की गई भूमि का बैनामा नहीं कराया गया। इसके बाद किसान बैनामा कराने से मुकर गए। उधर, अधिग्रहण करने वाले अलीगढ़ निर्माण खंड-4 के तत्कालीन क्षेत्रीय प्रबंधक तेजवीर सिंह, अधिशासी अभियंता अजीत सिंह और दीपचंद सेवानिवृत्त हो गए है।
विज्ञापन

यूपीसीडा के प्रबंधक गोपाल प्रसाद ने बीते रविवार को मामले में उक्त तीनों अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है। उधर, अब किसान अधिग्रहित की गई जमीन देने को तैयार नहीं हैं। जबकि, दो साल पहले गजरौला के एक होटल में इंवेस्टर समिट हुई थी। जिसमें नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने पर जोर दिया गया था। मगर, यूपीसीडा के पास क्षेत्र में नई औद्योगिक इकाइयां लगाने के लिए जमीन ही नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

मुआवजे के लिए मुकदमा लड़ते-लड़ते दुनिया छोड़ गए कई किसान

गजरौला।
यूपीसीडा ने किसानों की जमीन तो अधिग्रहण कर ली, लेकिन किसानों को सर्किल रेट के हिसाब से मुआवजा देने की बजाय औने-पौने रुपये दिए। मामला उजागर होने के बाद किसान यह आरोप लगा रहे हैं। जबकि, कई किसान उचित मुआवजे के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट चले गए। ग्रामीणों के मुताबिक, कोर्ट में लड़ाई लड़ते-लड़ते कई किसानों की मौत भी हो चुकी हैं। लेकिन, उनको उचित मुआवजा नहीं मिला। किसानों का आरोप है कि शासन से मिली रकम को यूपीसीडा के अधिकारी खा गए।
- यूपीसीडा ने 1981 से 1990 के बीच जमीन का अधिग्रहण किया। उनके दादा वंशी सिंह के नाम की जमीन अधिग्रहण की गई, तो उन्होंने उस समय के सर्किल रेट के हिसाब से मुआवजा मांगा। लेकिन, यूपीसीडा ने नहीं दिया। जिस पर वह कोर्ट चले गए। इस बीच उनके दादा का निधन हो गया। अब नए सर्किल रेट पर मुआवजा मिलेगा तो जमीन दी जाएगी। अन्यथा नहीं।
- लाला उर्फ वीरेंद्र गुर्जर, पूर्व सभासद, निवासी तिगरिया भूड़


- पिता किशन लाल सैनी के नाम खेती की जमीन थी। जिसका अधिग्रहण किया गया। सर्किल रेट के हिसाब से मुआवजा दिलाए जाने के लिए उन्होंने कई साल तक केस लड़ा। उनका निधन हो जाने पर बड़े भाई तेजपाल ने कोर्ट में लड़ाई जारी रखी। पिछले साल तेजपाल सैनी भी गुजर गए। मगर अभी तक सर्किल रेट के हिसाब से मुआवजा नहीं मिला है। चाचा खचेड़ू सैनी भी मुआवजे की लड़ाई लड़ रहे हैं।
- रवि सैनी, निवासी नाईपुरा

- यूपीसीडा के जमीन अधिग्रहण करने पर मुआवजा मांग गया था। जिस पर उन्हें सिर्फ छह से सात हजार रुपये दे रहे थे। उक्त रकम को लेने से उन्होंने मना कर दिया था। उनका इलाहाबाद हाईकोर्ट में केस चल रहा है। सर्किल रेट के मुताबिक मुआवजा दिए जाने पर ही भूमि देंगे। - धर्मवीर सिंह, किसान, निवासी तिगरिया भूड़
- बरेली टीम द्वारा जांच करने के बाद यह घोटाला सामने आया है। कई किसानों को मुआवजा भी मिला है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कितने किसानों को कितना मुआवजा मिला। प्रकरण में हमें अधिक जानकारी नहीं है। बरेली टीम की ओर से मामले में जांच की जा रही है। - राजीव कुमार, वरिष्ठ प्रबंधक निर्माण खंड, यूपीसीडा

- गजरौला में यूपीसीडा के तीन रिटायर्ड अफसरों द्वारा गबन करने की जानकारी मिली है। अभी हमें पूरा प्रकरण की जानकारी नहीं है। इस संबंध में यूपीसीडा के अधिकारियों से वार्ता की जाएगी। यदि किसानों को मुआवजा नहीं दिया गया है तो बड़ा मामला है। फिलहाल गजरौला थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। - निधि गुप्ता वत्स, डीएम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article