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Amroha News: सिपाही प्रमोद की दूसरी जमानत अर्जी पर अब 31 को होगी सुनवाई
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अमरोहा। हरियाणा के फतेहाबाद निवासी युवती से दुष्कर्म के आरोप में जेल में बंद सिपाही प्रमोद कुमार की दूसरी जमानत अर्जी पर बृहस्पतिवार को भी सुनवाई नहीं हो सकी। पुलिस की रिपोर्ट दाखिल नहीं होने के कारण अदालत में सुनवाई टल गई। अब मामले में अगली सुनवाई 31 अक्तूबर को होगी। एससी-एसटी एक्ट की धाराएं बढ़ाए जाने के बाद आरोपी की ओर से अधिवक्ता कपिल चिकारा ने दूसरी जमानत अर्जी दाखिल की थी।
मामला 22 सितंबर की रात उत्तराखंड के खानपुर से निर्दलीय विधायक उमेश शर्मा के हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव झुलपुरी स्थित फार्म हाउस का है। हरियाणा के फतेहाबाद निवासी युवती ने सीआरपीएफ के हेड कांस्टेबल मोहित, निरीक्षक लालाराम यादव, हसनपुर कोतवाली में तैनात दारोगा संजय तोमर और सिपाही प्रमोद कुमार पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। शिकायत के आधार पर चारों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया था। फिलहाल चारों आरोपित बिजनौर जेल में बंद हैं।
मामले की शुरुआती प्राथमिकी में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धाराएं शामिल नहीं थीं। पीड़िता के अनुसूचित जाति से होने के कारण अमरोहा पुलिस ने फतेहाबाद पुलिस से उसका जाति प्रमाणपत्र मंगवाया था। इसके बाद मामले में एससी-एसटी एक्ट की धाराएं बढ़ाई गई थीं। इसके बाद पहली अर्जी वापस ले ली गई। इसके बाद नई धाराओं के आधार पर दूसरी जमानत अर्जी दाखिल की गई। इस पर बृहस्पतिवार को सुनवाई होनी थी, लेकिन पुलिस की रिपोर्ट नहीं मिलने के कारण अदालत में सुनवाई आगे नहीं बढ़ सकी। अधिवक्ता कपिल चिकारा ने बताया कि मामले में अब 31 अक्तूबर को सुनवाई होगी।
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मामला 22 सितंबर की रात उत्तराखंड के खानपुर से निर्दलीय विधायक उमेश शर्मा के हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव झुलपुरी स्थित फार्म हाउस का है। हरियाणा के फतेहाबाद निवासी युवती ने सीआरपीएफ के हेड कांस्टेबल मोहित, निरीक्षक लालाराम यादव, हसनपुर कोतवाली में तैनात दारोगा संजय तोमर और सिपाही प्रमोद कुमार पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। शिकायत के आधार पर चारों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया था। फिलहाल चारों आरोपित बिजनौर जेल में बंद हैं।
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मामले की शुरुआती प्राथमिकी में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धाराएं शामिल नहीं थीं। पीड़िता के अनुसूचित जाति से होने के कारण अमरोहा पुलिस ने फतेहाबाद पुलिस से उसका जाति प्रमाणपत्र मंगवाया था। इसके बाद मामले में एससी-एसटी एक्ट की धाराएं बढ़ाई गई थीं। इसके बाद पहली अर्जी वापस ले ली गई। इसके बाद नई धाराओं के आधार पर दूसरी जमानत अर्जी दाखिल की गई। इस पर बृहस्पतिवार को सुनवाई होनी थी, लेकिन पुलिस की रिपोर्ट नहीं मिलने के कारण अदालत में सुनवाई आगे नहीं बढ़ सकी। अधिवक्ता कपिल चिकारा ने बताया कि मामले में अब 31 अक्तूबर को सुनवाई होगी।
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