फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Amroha News ›   The bank branch will reimburse Rs 3.40 lakh fraudulently withdrawn from the farmer's account with nine percent interest.

Amroha News: किसान के खाते से फर्जी तरीके से निकाले 3.40 लाख रुपये नौ प्रतिशत ब्याज के साथ चुकाएगी बैंक शाखा

Wed, 24 Sep 2025 02:46 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा Updated Wed, 24 Sep 2025 02:46 AM IST
विज्ञापन
The bank branch will reimburse Rs 3.40 lakh fraudulently withdrawn from the farmer's account with nine percent interest.
अमरोहा। किसान के खाते से अचानक 3.60 लाख रुपये निकाल लिए गए। बाद में 20 हजार रुपये वापस कर दिए। किसान को जब इसकी भनक लगी तो उनके होश उड़ गए। मामले को गंभीरता से लेकर उपभोक्ता फोरम ने बैंक के अधिकारियों को नौ प्रतिशत ब्याज समेत 3.40 लाख रुपये लौटाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आर्थिक मानसिक पीड़ा और वाद व्यय खर्च के रूप में 25 हजार रुपये भी देने होंगे।
विज्ञापन


अमरोहा नगर के मोहल्ला पीरगढ़ में भगवानदास का परिवार रहता है। उनका एक नामचीन बैंक में खाता है। उनके खाते में 397131 रुपये जमा थे। जरूरत नहीं पड़ने पर उन्होंने काफी समय तक खाते से लेनदेन नहीं किया, लेकिन 24 मार्च 2022 को भगवान दास रुपये निकालने बैंक पहुंचे तो उनके खाते में सिर्फ 28356 रुपये बाकी थे। बैंक कर्मचारियों की बात सुनकर भगवान दास के होश उड़ गए।
विज्ञापन

जानकारी करने पर पता चला कि 14 अगस्त 2021 को उनके खाते से तीन बार में दस-दस हजार रुपये निकाले गए, जबकि 14 अगस्त 2021 से 8 अक्तूबर 2021 तक 3.60 लाख रुपये फर्जी तरीका से निकाल दिए। बैंक की ओर से भगवानदास को न तो एटीएम दिया था और न चेक बुक। पीड़ित ने कोई धनराशि ट्रांसफर भी नहीं कराई थी। इस मामले में पीड़ित ने साइबर सेल को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। साइबर सेल की जांच में पता चला कि उनके खाते से अंगूठे का क्लोन बनाकर जनसेवा केंद्र से धनराशि निकल गई है। जबकि भगवानदास ने जनसेवा केंद्र से कोई पैसा नहीं निकाला था।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 मई 2022 को उनके खाते में 20 हजार रुपये वापस आ गए, लेकिन बाकी 3.40 लाख रुपये नहीं आए। इस मामले में भगवान दास ने बैंक के अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया और उन्होंने अपने अधिवक्ता के माध्यम से 12 सितंबर 2022 को बैंक को नोटिस भेजा, जिसका बैंक के अधिकारियों ने कोई जवाब नहीं दिया। लिहाजा पीड़ित ने मामले की शिकायत जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग से की। मामले को गंभीरता से लेकर आयोग के अध्यक्ष रमाशंकर सिंह और महिला सदस्य अंजू रानी दीक्षित ने बैंक के अधिकारियों को तलब कर लिया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद उपभोक्ता आयोग ने बैंक को सेवा में कमी का दोषी पाया। आयोग के अध्यक्ष रमाशंकर सिंह ने बैंक को 3.40 लाख रुपये भुगतान की तिथि से 9 प्रतिशत ब्याज समेत लौटाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आर्थिक व मानसिक पीड़ा के लिए 15 हजार रुपये और वाद व्यय खर्च के रूप में 10 हजार रुपये भी बैंक को देने होंगे। उपभोक्ता फोरम में बैंक को एक महीने के भीतर पूरी धनराशि अदा करने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed