{"_id":"572e49eb4f1c1b083f5ce050","slug":"tendar-nikala","type":"story","status":"publish","title_hn":"बनी सड़क का निकाला टेंडर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बनी सड़क का निकाला टेंडर
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Sun, 08 May 2016 01:32 AM IST
विज्ञापन
चंबाघाट स्थित ईएसआई डिस्पेंसरी की ओर जाने वाला मार्ग दिन प्रतिदिन खस्ता होता जा रहा है।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले में बनी हुई सड़कों के निर्माण के लिए टेंडर निकाले जाने के नित नए मामले सामने आ रहे हैं। अभी जिला पंचायत की ओर से इस तरह का मामला चर्चा में ही था कि, अब नगर पालिका परिषद ने टाइल्स बिछाई गई सड़क का टेंडर निकाल दिया है।
मोहल्ला पीरगढ़ में फ्लाई ओवर के नीचे डा.मिश्रा के अस्पताल के सामने एक माह पहले टाइल्स बिछाने का कार्य हो चुका है। अब पालिका ने इस स्थान पर टाइल्स बिछाने का टेंडर निकाल दिया है। इस कार्य पर करीब ढाई लाख रुपये की लागत आनी है। इसके अलावा मोहल्ला छेबड़ा में सीसी रोड का निर्माण कार्य भी करीब डेढ़ माह पहले कराया गया था। इसका भी टेंडर अब निकाला गया है। निर्माण पर करीब दो लाख रुपये खर्च आने हैं।
इससे सवाल उठ रहा है कि, क्या बनी सड़क का टेंडर निकालकर धनराशि खुर्दबुर्द करने की योजना है या टेंडर स्वीकृत होने से पहले ही अफसरों से मिलकर निर्माण करा दिया। अब उस पर लीपापोती की जा रही है, मगर अफसरों के पास इसके जवाब नहीं हैं। पहले भी इस तरह के मामले प्रकाश में आ चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
मोहल्ला पीरगढ़ में फ्लाई ओवर के नीचे डा.मिश्रा के अस्पताल के सामने एक माह पहले टाइल्स बिछाने का कार्य हो चुका है। अब पालिका ने इस स्थान पर टाइल्स बिछाने का टेंडर निकाल दिया है। इस कार्य पर करीब ढाई लाख रुपये की लागत आनी है। इसके अलावा मोहल्ला छेबड़ा में सीसी रोड का निर्माण कार्य भी करीब डेढ़ माह पहले कराया गया था। इसका भी टेंडर अब निकाला गया है। निर्माण पर करीब दो लाख रुपये खर्च आने हैं।
विज्ञापन
इससे सवाल उठ रहा है कि, क्या बनी सड़क का टेंडर निकालकर धनराशि खुर्दबुर्द करने की योजना है या टेंडर स्वीकृत होने से पहले ही अफसरों से मिलकर निर्माण करा दिया। अब उस पर लीपापोती की जा रही है, मगर अफसरों के पास इसके जवाब नहीं हैं। पहले भी इस तरह के मामले प्रकाश में आ चुके हैं।
विज्ञापन