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कोरोना काल में 'बीमार’ जुलाई-अगस्त की चुनौतियों से लड़ने को रहे तैयार
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'Sick' in Corona era ready to fight July-August challenges
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अमरोहा। कोरोना के शुरुआती चरण में जिले में मिले संक्रमितों में कोई लक्षण नहीं मिला। अब पॉजिटिव मरीजों में कोरोना के लक्षण मिलने लगे हैं। जो कोरोना काल में ‘बीमार’ जुलाई और अगस्त के महीने में सेहत महकमे के लिए चुनौती बनेगी। एक ओर कोरोना से मिलते जुलते लक्षणों वाले जल और मच्छर जनित बीमारियां होगी तो दूसरी ओर कोरोना। वहीं हालात ऐसे ही रहे तो बिना कोरोना टेस्ट मरीजों का इलाज करना डाक्टरों के लिए भी मुश्किल होगा। ऐसे में अभी से कोरोना के साथ दूसरी बीमारियों से लड़ने के लिए तैयार रहे।
जिले में बुधवार तक 88 कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं। इसमें से 72 संक्रमित स्वस्थ हो चुके हैं। शुरुआती चरण में जिले में पॉजिटिव मरीजों में कोरोना के लक्षण नहीं पाए गए। जांच में संक्रमित मिले। लेकिन अब संक्रमितों में तेज बुखार, सर्दी जुकाम, खांसी और सांस लेने में परेशानी के लक्षण मिलने लगे हैं, ऐसे छह से सात केस मिले चुके हैं। दूसरी ओर मानसून की दस्तक होने वाली है। बारिश के बाद मरीजों की संख्या में 30 से 35 फीसदी की वृद्धि हो जाती है। डाक्टरों के मुताबिक मौसम का बदलना इसकी खास वजह होती है। जुलाई और अगस्त का महीना जलजनित और मच्छर जनित बीमारियों के लिए मुफीद होती है। रात के समय तापमान में गिरावट आती है तो दिन में तापमान बढ़ जाता है। मौसम की ये बदमिजाजी लोगों की सेहत बिगाड़ने के लिए काफी होती है। हर कोई वायरल फीवर से पीड़ित होता है। वहीं वायरल के साथ-साथ डेंगू, मलेरिया, टायफाइड का भी प्रकोप बढ़ जाता है। इन बीमारियों के कुछ लक्षण कोरोना से मिलते जुलते होते हैं, जो मरीज को परेशानी डाल सकता है। इसलिए इन बीमारियों से लड़ने के लिए तैयार रहे। सोशल डिस्टेंस का पालन करें। बाजार खुलने के बाद भी अनावश्यक बाहर न निकले।
आने वाले महीने मरीजों के मुश्किलें भरे हो सकते हैं। जुलाई और अगस्त के महीने में संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। जल-मच्छर जनित बीमारियों अधिक होती है। ऐसे में कोरोना को देखते हुए लोग अधिक एहतियात बरतें। वरना परेशानी हो सकती है। - डॉ. जावेद अख्तर सिद्दीकी, डिस्टिक एपेडियोलॉजिस्टि
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बीमार जुलाई-अगस्त में इस हाल में पहुंचते हैं मरीज
हाई ग्रेड फीवर
हल्का फीवर
फीवर के साथ उल्टी की शिकायत
फीवर के साथ बदन दर्द की शिकायत
इन-इन बीमारियां की भी रहेगी आशंका
मलेरिया
डायरिया
फूड प्वाइजनिंग
गेस्ट्रोइंट्राइटिस
वायरल फीवर
टाइफाइड
पीलिया
त्वचा संबंधी बीमारी
सलाह
खुली और बासी चीजें न खाएं
कटे और सड़े फल न खाएं
स्वच्छ और उबला पानी पीएं
आसपास साफ-सफाई रखें
मच्छरदानी का प्रयोग करें
हवादार कमरे में सोएं
घर के पास गड्ढों में पानी न भरने दे
कूलर का पानी बदलते रहें
हाथ बार-बार धुलते रहे
बिना मतलब घर से बाहर न निकलें
मास्क या गमछे का इस्तेमाल करें
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जिले में बुधवार तक 88 कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं। इसमें से 72 संक्रमित स्वस्थ हो चुके हैं। शुरुआती चरण में जिले में पॉजिटिव मरीजों में कोरोना के लक्षण नहीं पाए गए। जांच में संक्रमित मिले। लेकिन अब संक्रमितों में तेज बुखार, सर्दी जुकाम, खांसी और सांस लेने में परेशानी के लक्षण मिलने लगे हैं, ऐसे छह से सात केस मिले चुके हैं। दूसरी ओर मानसून की दस्तक होने वाली है। बारिश के बाद मरीजों की संख्या में 30 से 35 फीसदी की वृद्धि हो जाती है। डाक्टरों के मुताबिक मौसम का बदलना इसकी खास वजह होती है। जुलाई और अगस्त का महीना जलजनित और मच्छर जनित बीमारियों के लिए मुफीद होती है। रात के समय तापमान में गिरावट आती है तो दिन में तापमान बढ़ जाता है। मौसम की ये बदमिजाजी लोगों की सेहत बिगाड़ने के लिए काफी होती है। हर कोई वायरल फीवर से पीड़ित होता है। वहीं वायरल के साथ-साथ डेंगू, मलेरिया, टायफाइड का भी प्रकोप बढ़ जाता है। इन बीमारियों के कुछ लक्षण कोरोना से मिलते जुलते होते हैं, जो मरीज को परेशानी डाल सकता है। इसलिए इन बीमारियों से लड़ने के लिए तैयार रहे। सोशल डिस्टेंस का पालन करें। बाजार खुलने के बाद भी अनावश्यक बाहर न निकले।
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आने वाले महीने मरीजों के मुश्किलें भरे हो सकते हैं। जुलाई और अगस्त के महीने में संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। जल-मच्छर जनित बीमारियों अधिक होती है। ऐसे में कोरोना को देखते हुए लोग अधिक एहतियात बरतें। वरना परेशानी हो सकती है। - डॉ. जावेद अख्तर सिद्दीकी, डिस्टिक एपेडियोलॉजिस्टि
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बीमार जुलाई-अगस्त में इस हाल में पहुंचते हैं मरीज
हाई ग्रेड फीवर
हल्का फीवर
फीवर के साथ उल्टी की शिकायत
फीवर के साथ बदन दर्द की शिकायत
इन-इन बीमारियां की भी रहेगी आशंका
मलेरिया
डायरिया
फूड प्वाइजनिंग
गेस्ट्रोइंट्राइटिस
वायरल फीवर
टाइफाइड
पीलिया
त्वचा संबंधी बीमारी
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खुली और बासी चीजें न खाएं
कटे और सड़े फल न खाएं
स्वच्छ और उबला पानी पीएं
आसपास साफ-सफाई रखें
मच्छरदानी का प्रयोग करें
हवादार कमरे में सोएं
घर के पास गड्ढों में पानी न भरने दे
कूलर का पानी बदलते रहें
हाथ बार-बार धुलते रहे
बिना मतलब घर से बाहर न निकलें
मास्क या गमछे का इस्तेमाल करें