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शौकत पाशा का तीजा आज जुटेंगे 50 गांवों के तुर्क
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Wed, 30 Nov 2016 12:08 AM IST
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Murder
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डिडौली कोतवाली के फत्तेहपुर गांव निवासी हिस्ट्रीशीटर के बुधवार को तीजे पर तुर्क समाज के 50 गांवों के लोग इकटठा होंगे। पुलिस अफसर भी इसको गंभीरता से ले रहे हैं। सीओ सिटी ने प्रमुख लोगों से वार्ता कर कहा कि किसी भी तरह की अशांति न फैलाएं। बुधवार को हिस्ट्रशीटर शौकत पाशा का तीजा है। इसमें तुर्क समाज के 50 गांवों के लोगों के शरीक होने का दावा किया जा रहा है।
समाज के लोग फोन आदि से संपर्क कर लोगों से तीजे में पहुंचने के लिए कह रहे हैं। इसमें भारी तादाद में पहुंचने की संभावना है। क्योंकि शौकत पाशा की हत्या के बाद उसके परिवार से लोगों की सहानुभूति पैदा हुई है। दफीने में इसकी बानगी देखने को मिली। वहीं पुलिस अफसर भी तीजे पर जुटने वाली भीड़ पर नजर रखे हुए हैं। सीओ सिटी शील कुमार ने बुधवार को डिडौली कोतवाली में शौकत पाशा के भाई, बेटे समेत प्रमुख लोगों को बुलाकर तीजे में शांति बनाए रखने की अपील की।
महबूब को महंगी पड़ सकती है तुर्कों की नाराजगी
मुरादाबाद। शौकत पाशा मर्डर केस में कानूनी तौर पर महबूब को नुकसान हो या न हो लेकिन तुर्कों की नाराजगी महबूब को सियासी सफर में महंगी पड़ सकती है। दरअसल महबूब जिस अमरोहा विधानसभा सीट से विधानसभा में जाते रहे हैं वह तुर्क बहुल सीट है। इस सीट पर करीब 50 हजार तुर्क वोट हैं। जिनकी नाराजगी झेलना महबूब के लिए आसान काम नहीं होगा।
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शौकत की मौत के बाद जिस तरह तुर्क लामबंद हुए हैं उससे आने वाले दिनों इस सीट पर सियासी समीकरणों का अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है। फिर पार्टी के भीतर भी अमरोहा में ही महबूब के सियासी मुखालिफों की कोई कमी नहीं है। जाहिर है महबूब के मुखालिफ भी नहीं चाहेंगे कि महबूब इस मामले से आसानी से बाहर आ जाएं।
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समाज के लोग फोन आदि से संपर्क कर लोगों से तीजे में पहुंचने के लिए कह रहे हैं। इसमें भारी तादाद में पहुंचने की संभावना है। क्योंकि शौकत पाशा की हत्या के बाद उसके परिवार से लोगों की सहानुभूति पैदा हुई है। दफीने में इसकी बानगी देखने को मिली। वहीं पुलिस अफसर भी तीजे पर जुटने वाली भीड़ पर नजर रखे हुए हैं। सीओ सिटी शील कुमार ने बुधवार को डिडौली कोतवाली में शौकत पाशा के भाई, बेटे समेत प्रमुख लोगों को बुलाकर तीजे में शांति बनाए रखने की अपील की।
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महबूब को महंगी पड़ सकती है तुर्कों की नाराजगी
मुरादाबाद। शौकत पाशा मर्डर केस में कानूनी तौर पर महबूब को नुकसान हो या न हो लेकिन तुर्कों की नाराजगी महबूब को सियासी सफर में महंगी पड़ सकती है। दरअसल महबूब जिस अमरोहा विधानसभा सीट से विधानसभा में जाते रहे हैं वह तुर्क बहुल सीट है। इस सीट पर करीब 50 हजार तुर्क वोट हैं। जिनकी नाराजगी झेलना महबूब के लिए आसान काम नहीं होगा।
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शौकत की मौत के बाद जिस तरह तुर्क लामबंद हुए हैं उससे आने वाले दिनों इस सीट पर सियासी समीकरणों का अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है। फिर पार्टी के भीतर भी अमरोहा में ही महबूब के सियासी मुखालिफों की कोई कमी नहीं है। जाहिर है महबूब के मुखालिफ भी नहीं चाहेंगे कि महबूब इस मामले से आसानी से बाहर आ जाएं।