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इस सड़क पर चलकर तो दिखाइए
ब्यूरो/अमर उजाला, अमरोहा
Updated Thu, 21 Apr 2016 01:06 AM IST
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इस मार्ग से गुजरने वाले राहगीर अनहोनी की आशंका से ग्रस्त रहते हैं। जनपद की 35.78 किलोमीटर रिंग रोड का निर्माण कार्य करोड़ों रुपये की लागत से वर्ष 2011-12 में पूरा हुआ था। शुरू में इसकी चौड़ाई तीन मीटर रखी गई थी। पहले चरण में हुए चौड़ीकरण के तहत रिंग रोड को साढ़े पांच मीटर चौड़ा बनाया गया।
लेकिन, रोड ज्यादा समय तक टिक नहीं सकी। कुछ ही महीनों में सड़क का उखड़ना और टूटना शुरू हो गया। जोकि मानकों की अनदेखी को बयां कर रही थी। चार साल में ही सड़क गहरे गड्ढे में तब्दील हो गई है। वाहन चालक भी इस रोड से गुजरने से कतराने लगे हैं।
ये है रिंग रोड का दायरा
रिंग रोड अमरोहा के नए रोडवेज बस अड्डे के पीछे से शुरू होकर कैलसा रोड, कांठ रोड, नौगावां रोड, धनौरा रोड, अतरासी रोड को क्रास करती हुई कलक्ट्रेट के पीछे होती हुई जोया रोड पर आकर मिलती है।
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मोड़ सबसे खतरनाक स्थिति में
रिंग रोड के टर्न सबसे खराब स्थिति में हैं। नब्बे डिग्री के टर्न पर कई फीट गहरे गड्ढे बन चुके हैं। इनके बीच से होकर जब वाहन को मोड़ा जाता है तो चालकों की सांसें अटक जाती हैं। वाहन चालक सड़क पर दुर्घटना से देर भली नियम पर अमल करके ही आगे बढ़ते हैं।
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कल्याणपुरा में टूट गई पुलिया
रिंग रोड पर स्थित कल्याणपुरा गांव में एक पुरानी पुलिया है। जो भारी वाहनों का अत्यधिक दबाव पड़ने से टूट चुकी है। पुलिया टूटने से काफी बड़ा गड्ढा बन गया है। दिन -ात इस टूटी पुलिया से ट्रैफिक गुजर रहा है। जरा सी लापरवाही यहां आकर जानलेवा साबित हो सकती है।
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मरम्मत के लिए भेजा अनुमोदन
लोनिवि ने वर्ष 2014 में नाबार्ड को सुदृढ़ीकरण के लिए 3412.33 लाख रुपये की लागत का अनुमोदन बनाकर भेजा था। लेकिन, नाबार्ड ने अनुमोदन को स्वीकार नहीं किया। इसके बाद केंद्रीय मार्ग निधि से करीब पचास करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली। विभाग को निधि से तीन लाख रुपये भी मिल चुके हैं। अब विभाग ने धनराशि अवमुक्त करने की डिमांड भेजी है।
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-दूसरे चरण में रिंग रोड का सुदृढ़ीकरण कराया जाएगा। कार्य योजना का अनुमोदन केंद्रीय मार्ग निधि ने स्वीकार कर लिया है। धनराशि अवमुक्त करने के लिए डिमांड भेज दी गई है। धनराशि मिलते ही निर्माण कार्य आरंभ कराया जाएगा।
-अजय गोयल, अधिशासी अभियंता, लोनिवि
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लेकिन, रोड ज्यादा समय तक टिक नहीं सकी। कुछ ही महीनों में सड़क का उखड़ना और टूटना शुरू हो गया। जोकि मानकों की अनदेखी को बयां कर रही थी। चार साल में ही सड़क गहरे गड्ढे में तब्दील हो गई है। वाहन चालक भी इस रोड से गुजरने से कतराने लगे हैं।
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ये है रिंग रोड का दायरा
रिंग रोड अमरोहा के नए रोडवेज बस अड्डे के पीछे से शुरू होकर कैलसा रोड, कांठ रोड, नौगावां रोड, धनौरा रोड, अतरासी रोड को क्रास करती हुई कलक्ट्रेट के पीछे होती हुई जोया रोड पर आकर मिलती है।
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मोड़ सबसे खतरनाक स्थिति में
रिंग रोड के टर्न सबसे खराब स्थिति में हैं। नब्बे डिग्री के टर्न पर कई फीट गहरे गड्ढे बन चुके हैं। इनके बीच से होकर जब वाहन को मोड़ा जाता है तो चालकों की सांसें अटक जाती हैं। वाहन चालक सड़क पर दुर्घटना से देर भली नियम पर अमल करके ही आगे बढ़ते हैं।
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कल्याणपुरा में टूट गई पुलिया
रिंग रोड पर स्थित कल्याणपुरा गांव में एक पुरानी पुलिया है। जो भारी वाहनों का अत्यधिक दबाव पड़ने से टूट चुकी है। पुलिया टूटने से काफी बड़ा गड्ढा बन गया है। दिन -ात इस टूटी पुलिया से ट्रैफिक गुजर रहा है। जरा सी लापरवाही यहां आकर जानलेवा साबित हो सकती है।
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मरम्मत के लिए भेजा अनुमोदन
लोनिवि ने वर्ष 2014 में नाबार्ड को सुदृढ़ीकरण के लिए 3412.33 लाख रुपये की लागत का अनुमोदन बनाकर भेजा था। लेकिन, नाबार्ड ने अनुमोदन को स्वीकार नहीं किया। इसके बाद केंद्रीय मार्ग निधि से करीब पचास करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली। विभाग को निधि से तीन लाख रुपये भी मिल चुके हैं। अब विभाग ने धनराशि अवमुक्त करने की डिमांड भेजी है।
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-दूसरे चरण में रिंग रोड का सुदृढ़ीकरण कराया जाएगा। कार्य योजना का अनुमोदन केंद्रीय मार्ग निधि ने स्वीकार कर लिया है। धनराशि अवमुक्त करने के लिए डिमांड भेज दी गई है। धनराशि मिलते ही निर्माण कार्य आरंभ कराया जाएगा।
-अजय गोयल, अधिशासी अभियंता, लोनिवि