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बान नदी की आन बचाने को मनरेगा बनेगी भगीरथ
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Thu, 26 May 2016 01:15 AM IST
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वरुणा नदी।
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बान नदी की आन बचाने के लिए अमर उजाला की ओर से चलाए जा रहे अभियान को बड़ी सफलता मिली है। अब मनरेगा नदी के लिए भगीरथ बनेगी। बुधवार को डीएम वेद प्रकाश ने कलक्ट्रेट सभागार में ग्राम प्रधान, लेखपाल और अफसरों की बैठक लेत हुए 31 मई से बान नदी की खुदाई प्रारंभ कराने के आदेश जारी किए हैं।
बाढ़ खंड विभाग के अभिशासी अभियंता को खुदाई पर आने वाले खर्चे का आंकलन करते हुए दो दिन के अंदर एस्टीमेट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। जिले के 42 गांवों में नदी की खुदाई कराई जाएगी। गांवों को चिह्नित कर लिया गया है।
उन्होंने ने कहा कि सभी संबंधित गांवों में मुनादी कराई जाएगी। जिन किसान ने नदी परिसर में अपनी फसल एवं पेड़ लगाए हैं, उन्हे 30 मई तक अपने खर्चे से कटवा लें, अन्यथा वह फसल एवं पेड़ सरकारी संपत्ति मानी जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित थाने की पुलिस का सहयोग लिया जाएगा। उन्होंने आम लोगों से भी इस कार्य में सहयोगी बनने की भी अपील की है।
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सूख चुकी बान नदी को पुनर्जीवित कराने के लिए अमर उचाला की ओर से प्रशासन का काफी समय से ध्यान खींचा जा रहा था। इसी क्रम में अमर उजाला को बड़ी सफलता मिली है। बुधवार को जिलाधिकारी वेद प्रकाश ने ग्राम प्रधान, लेखपाल और विभागीय अफसरों की कलक्ट्रेट में बान नदी खुदाई के संबंध में बैठक ली। नदी खुदाई की कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।
डीएम ने 31 मई से बान नदी की खुदाई प्रारंभ कराने के अफसरों को निर्देश जारी किए हैं। साथ ही अधिशासी अभियंता को 2 दिन में आवश्यक कार्ययोजना (एस्टीमेट) बनाकर प्रस्तुत करने को कहा है। संबंधित लेखपालों को ग्राम वार नदी की सीमा की लंबाई बताने के निर्देश दिए हैं। जिले के 42 गांवों मेें नदी की खुदाई कराई जाएगी।
गांवों में मुनादी कराकर किसानों को नदी क्षेत्र से अपनी फसल और पेड़ काटने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश पर अमल न करने पर फसल व पेड़ सरकारी संपत्ति मानी जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित थाने की पुलिस का सहयोग लिया जाएगा। अधिशासी अभियंता बाढ़खंड ने बताया कि बान नदी की औसतन चौड़ाई 35 मीटर है। बान नदी की खुदाई जनपद अमरोहा के 42 राजस्व गांवों में करायी जाएगी। गांवों का चिन्हांकन कर लिया गया है।
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बाढ़ खंड विभाग के अभिशासी अभियंता को खुदाई पर आने वाले खर्चे का आंकलन करते हुए दो दिन के अंदर एस्टीमेट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। जिले के 42 गांवों में नदी की खुदाई कराई जाएगी। गांवों को चिह्नित कर लिया गया है।
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उन्होंने ने कहा कि सभी संबंधित गांवों में मुनादी कराई जाएगी। जिन किसान ने नदी परिसर में अपनी फसल एवं पेड़ लगाए हैं, उन्हे 30 मई तक अपने खर्चे से कटवा लें, अन्यथा वह फसल एवं पेड़ सरकारी संपत्ति मानी जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित थाने की पुलिस का सहयोग लिया जाएगा। उन्होंने आम लोगों से भी इस कार्य में सहयोगी बनने की भी अपील की है।
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सूख चुकी बान नदी को पुनर्जीवित कराने के लिए अमर उचाला की ओर से प्रशासन का काफी समय से ध्यान खींचा जा रहा था। इसी क्रम में अमर उजाला को बड़ी सफलता मिली है। बुधवार को जिलाधिकारी वेद प्रकाश ने ग्राम प्रधान, लेखपाल और विभागीय अफसरों की कलक्ट्रेट में बान नदी खुदाई के संबंध में बैठक ली। नदी खुदाई की कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।
डीएम ने 31 मई से बान नदी की खुदाई प्रारंभ कराने के अफसरों को निर्देश जारी किए हैं। साथ ही अधिशासी अभियंता को 2 दिन में आवश्यक कार्ययोजना (एस्टीमेट) बनाकर प्रस्तुत करने को कहा है। संबंधित लेखपालों को ग्राम वार नदी की सीमा की लंबाई बताने के निर्देश दिए हैं। जिले के 42 गांवों मेें नदी की खुदाई कराई जाएगी।
गांवों में मुनादी कराकर किसानों को नदी क्षेत्र से अपनी फसल और पेड़ काटने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश पर अमल न करने पर फसल व पेड़ सरकारी संपत्ति मानी जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित थाने की पुलिस का सहयोग लिया जाएगा। अधिशासी अभियंता बाढ़खंड ने बताया कि बान नदी की औसतन चौड़ाई 35 मीटर है। बान नदी की खुदाई जनपद अमरोहा के 42 राजस्व गांवों में करायी जाएगी। गांवों का चिन्हांकन कर लिया गया है।