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Amroha News: नाबालिग की सुपुर्दगी पर उठाए सवाल पुलिसकर्मियों पर रिश्वत लेने का आरोप
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अमरोहा। मंडी धनौरा क्षेत्र में घर से नाराज होकर गईं तीन नाबालिग बहनों में से एक की सुपुर्दगी को लेकर नया मोड़ आ गया है। किशोरियों के भाई ने बाल कल्याण समिति में शिकायती पत्र देकर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। एक नाबालिग बहन को बालिग बताकर सुपुर्दगी पर सवाल उठाए और पुलिस कर्मियों पर रिश्वत लेने का भी आरोप लगाया है।
ये मामला मंडी धनौरा थाने से जुड़ा है। यहां रहने वाली नाबालिग तीन बहनें घर से नाराज होकर चली गई थीं। काफी तलाश के बाद जब उनका पता नहीं चला तो किशोरियों का भाई परिवार के साथ मंडी धनौरा थाने में गुमशुदगी दर्ज कराने जा रहा था।
आरोप है कि रास्ते में मलंगपुर गांव निवासी युवकों ने प्राथमिकी दर्ज कराने पर जान से मारने की धमकी दी। आरोप है कि थाने पहुंचने पर दरोगा संजीव तोमर और सिपाही रजत कुमार ने उनसे बहनों की तलाश के नाम पर 15 हजार रुपये लिए।
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कहा कि हरिद्वार से बरामद करने के बाद पुलिस ने उसकी बहनों से मिलने नहीं दिया और न ही मेडिकल परीक्षण की जानकारी दी। आरोप है कि उसकी 17 वर्षीय बहन को बिना किसी आयु संबंधी प्रमाण के विवेचक ने बालिग मान लिया तथा उसके बयान दर्ज कर सुपुर्दगी की कार्रवाई की गई।
बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अखिलेश भारद्वाज ने बताया कि शिकायत पत्र के आधार पर तीनों बहनों की उम्र का मेडिकल करने के निर्देश दिए गए हैं। विवेचक की भूमिका संदिग्ध लग रही है। प्राथमिकी में नाबालिग बच्ची को विवेचक ने बिना किसी उम्र प्रमाण के सुपुर्दगी में दे दिया। किशोरी के भाई ने पुलिस कर्मियों पर पैसे लेने का भी आरोप लगाया है। मामले में संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए एसपी को पत्र लिखा जा रहा है।
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ये मामला मंडी धनौरा थाने से जुड़ा है। यहां रहने वाली नाबालिग तीन बहनें घर से नाराज होकर चली गई थीं। काफी तलाश के बाद जब उनका पता नहीं चला तो किशोरियों का भाई परिवार के साथ मंडी धनौरा थाने में गुमशुदगी दर्ज कराने जा रहा था।
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आरोप है कि रास्ते में मलंगपुर गांव निवासी युवकों ने प्राथमिकी दर्ज कराने पर जान से मारने की धमकी दी। आरोप है कि थाने पहुंचने पर दरोगा संजीव तोमर और सिपाही रजत कुमार ने उनसे बहनों की तलाश के नाम पर 15 हजार रुपये लिए।
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कहा कि हरिद्वार से बरामद करने के बाद पुलिस ने उसकी बहनों से मिलने नहीं दिया और न ही मेडिकल परीक्षण की जानकारी दी। आरोप है कि उसकी 17 वर्षीय बहन को बिना किसी आयु संबंधी प्रमाण के विवेचक ने बालिग मान लिया तथा उसके बयान दर्ज कर सुपुर्दगी की कार्रवाई की गई।
बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अखिलेश भारद्वाज ने बताया कि शिकायत पत्र के आधार पर तीनों बहनों की उम्र का मेडिकल करने के निर्देश दिए गए हैं। विवेचक की भूमिका संदिग्ध लग रही है। प्राथमिकी में नाबालिग बच्ची को विवेचक ने बिना किसी उम्र प्रमाण के सुपुर्दगी में दे दिया। किशोरी के भाई ने पुलिस कर्मियों पर पैसे लेने का भी आरोप लगाया है। मामले में संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए एसपी को पत्र लिखा जा रहा है।