{"_id":"605241ea8ebc3ee61d7cec68","slug":"purified-your-body-jpnagar-news-mbd3832942137","type":"story","status":"publish","title_hn":"शरीर और आत्मा की करें शुद्धि, गंदी जगह से पूजा-प्रार्थना कबूल नहीं होती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शरीर और आत्मा की करें शुद्धि, गंदी जगह से पूजा-प्रार्थना कबूल नहीं होती
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रजबपुर। बुधवार को रजबपुर के गांव मोहम्मदपुर आश्रम पर बाबा जयगुरुदेव संगत के तत्वावधान में सत्संग का आयोजन किया गया। जिसमें बाबा जयगुरुदेव जी महाराज के आध्यात्मिक उत्तराधिकारी संत उमाकांत महाराज (उज्जैन वाले) ने प्रवचन दिए और अनुयायियों को नामदान दिया।
उन्होंने कहा कि यह मनुष्य शरीर कोई खाने पीने के लिए नहीं मिला है। किसी विशेष चीज के लिए मिला है। इसके लिए देवी देवता भी तरसते हैं। कोई संत सतगुरु मिल जाए और वह नाम रूपी रास्ता लेकर जीवों को पार लगाने आते हैं। बताया कि यह जन्म अच्छे कर्म करने के लिए मिलता है। लेकिन इसी में हम शरीर को पापी बना लेते हैं जबकि यह सत्य है कि एक दिन मृत्यु आनी है। आप मनुष्य शरीर को अंदर या बाहर से मांस-मछली शराब इत्यादि का सेवन करके गंदा कर लेते हैं। इस शरीर और आत्मा की शुद्धि कर लें। गंदी जगह से कोई प्रार्थना पूजा कबूल नहीं की जाती है। आप यह समझो कि मंदिर-मस्जिद आदि धार्मिक स्थलों पर मांस-मछली का मांस डाल दें तो क्या वहां कोई पूजा इबादत कर पाएगा। नहीं क्योंकि ये पवित्र स्थान होते हैं। आप भी उसकी पवित्रता का ध्यान रखते हैं। कहा कि सतगुरु ईश्वर की जानकारी देकर जीवों को जगाते हैं। वह किसी मनुष्य शरीर में रहकर जीवों को ईश्वर की रचना का आनंद कराते हैं। कहा कि सभी लोग शाकाहारी हो जाओ, जिससे आने वाले खराब समय से आपकी रक्षा हो सके। बहुत संभल कर चलना है यदि लोगों ने शराब और मांस नहीं छोड़ा तो कब्रिस्तान में जगह नहीं रहेगी। लाशों को उठाने वाले नहीं मिलेंगे। इसलिए आपको जो रास्ता जय गुरुदेव नाम का बताया गया है उस पर चलना है। सत्संग में अमरोहा समेत पश्चिमी प्रदेश के हजारों अनुयायी मौजूद रहे जिसमें वीरेंद्र प्रताप सिंह, तेजपाल सिंह, केके वर्मा, रवि, सुखबीर, देवराज, सतपाल सिंह, विक्रम सिंह, धर्मेंद्र सिंह, डॉक्टर संजीव सक्सेना, दीपक, यशपाल सिंह, मदन पाल सिंह, कुंवर पाल सिंह, ऋषि पाल सिंह, राजपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि यह मनुष्य शरीर कोई खाने पीने के लिए नहीं मिला है। किसी विशेष चीज के लिए मिला है। इसके लिए देवी देवता भी तरसते हैं। कोई संत सतगुरु मिल जाए और वह नाम रूपी रास्ता लेकर जीवों को पार लगाने आते हैं। बताया कि यह जन्म अच्छे कर्म करने के लिए मिलता है। लेकिन इसी में हम शरीर को पापी बना लेते हैं जबकि यह सत्य है कि एक दिन मृत्यु आनी है। आप मनुष्य शरीर को अंदर या बाहर से मांस-मछली शराब इत्यादि का सेवन करके गंदा कर लेते हैं। इस शरीर और आत्मा की शुद्धि कर लें। गंदी जगह से कोई प्रार्थना पूजा कबूल नहीं की जाती है। आप यह समझो कि मंदिर-मस्जिद आदि धार्मिक स्थलों पर मांस-मछली का मांस डाल दें तो क्या वहां कोई पूजा इबादत कर पाएगा। नहीं क्योंकि ये पवित्र स्थान होते हैं। आप भी उसकी पवित्रता का ध्यान रखते हैं। कहा कि सतगुरु ईश्वर की जानकारी देकर जीवों को जगाते हैं। वह किसी मनुष्य शरीर में रहकर जीवों को ईश्वर की रचना का आनंद कराते हैं। कहा कि सभी लोग शाकाहारी हो जाओ, जिससे आने वाले खराब समय से आपकी रक्षा हो सके। बहुत संभल कर चलना है यदि लोगों ने शराब और मांस नहीं छोड़ा तो कब्रिस्तान में जगह नहीं रहेगी। लाशों को उठाने वाले नहीं मिलेंगे। इसलिए आपको जो रास्ता जय गुरुदेव नाम का बताया गया है उस पर चलना है। सत्संग में अमरोहा समेत पश्चिमी प्रदेश के हजारों अनुयायी मौजूद रहे जिसमें वीरेंद्र प्रताप सिंह, तेजपाल सिंह, केके वर्मा, रवि, सुखबीर, देवराज, सतपाल सिंह, विक्रम सिंह, धर्मेंद्र सिंह, डॉक्टर संजीव सक्सेना, दीपक, यशपाल सिंह, मदन पाल सिंह, कुंवर पाल सिंह, ऋषि पाल सिंह, राजपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन