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कीटनाशक मिले आटे की रोटियां खाने से, 8 बीमार
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Sun, 20 Mar 2016 12:58 AM IST
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हसनपुर में जहरीले आटे की रोटियां खाने से बीमार लोग।
- फोटो : amar ujala
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कीटनाशक मिली आटे की रोटियां खाने से शुक्रवार रात एक ही परिवार के सात लोगों समेत आठ की तबियत खराब हो गई। गंभीर हालत में परिजनों ने सभी को हसनपुर के एक निजी चिकित्सक के यहां भर्ती कराया है। यहां सभी की हालत में सुधार बताया जा रहा है।
कोतवाली क्षेत्र के गांव भैंसरोली निवासी जगपाल पुत्र मवासी ने आदमपुर थाना क्षेत्र के गांव मुबारिजपुर में पालेज लगा रखी है। शुक्रवार की शाम को ये परिजनों के साथ पालेज में कीटनाशक दवा का छिड़काव करने के लिए गए थे। रोटी बनाने के लिए साथ में आटा भी ले गए। जिस थैले में कीटनाशक दवा रखी थी, भूलवश उसी थैले में आटा भी रख लिया। बताया जा रहा है कि, इसी दौरान कीटनाशक आटे में मिल गया।
मुबारिजपुर पहुंचने के बाद शनिवार सुबह दवा का छिड़काव करना था, लेकिन उससे पहले इन लोगों ने आटा की रोटियां बनाकर खा ली। इसके बाद जगपाल के साथ धर्मपाल पुत्र जगपाल, मुकेश पुत्र सूरज, लेखराज पुत्र जगपाल, सुरेश पुत्र रमेश, दिनेश पुत्र रमेश, सतीश पुत्र रमेश निवासी भैसरोली और बाईखेड़ा निवासी राजपाल पुत्र बाबू पालेज में काम करने लगे, लेकिन इस बीच एक-एक कर सबकी तबियत खराब होने लगी तो ये बाईखेड़ा के एक डाक्टर के यहां पहुंचे।
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बाद में परिजन भी पहुंच गए और हसनपुर के एक निजी चिकित्सक के यहां भर्ती कराया। यहां पर उपचार चल रहा है। उपचार कर रहे चिकित्सक डॉ. शिव स्वरूप का कहना है कि, सभी की हालत में सुधार है। खतरे की कोई बात नहीं है।
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कोतवाली क्षेत्र के गांव भैंसरोली निवासी जगपाल पुत्र मवासी ने आदमपुर थाना क्षेत्र के गांव मुबारिजपुर में पालेज लगा रखी है। शुक्रवार की शाम को ये परिजनों के साथ पालेज में कीटनाशक दवा का छिड़काव करने के लिए गए थे। रोटी बनाने के लिए साथ में आटा भी ले गए। जिस थैले में कीटनाशक दवा रखी थी, भूलवश उसी थैले में आटा भी रख लिया। बताया जा रहा है कि, इसी दौरान कीटनाशक आटे में मिल गया।
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मुबारिजपुर पहुंचने के बाद शनिवार सुबह दवा का छिड़काव करना था, लेकिन उससे पहले इन लोगों ने आटा की रोटियां बनाकर खा ली। इसके बाद जगपाल के साथ धर्मपाल पुत्र जगपाल, मुकेश पुत्र सूरज, लेखराज पुत्र जगपाल, सुरेश पुत्र रमेश, दिनेश पुत्र रमेश, सतीश पुत्र रमेश निवासी भैसरोली और बाईखेड़ा निवासी राजपाल पुत्र बाबू पालेज में काम करने लगे, लेकिन इस बीच एक-एक कर सबकी तबियत खराब होने लगी तो ये बाईखेड़ा के एक डाक्टर के यहां पहुंचे।
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बाद में परिजन भी पहुंच गए और हसनपुर के एक निजी चिकित्सक के यहां भर्ती कराया। यहां पर उपचार चल रहा है। उपचार कर रहे चिकित्सक डॉ. शिव स्वरूप का कहना है कि, सभी की हालत में सुधार है। खतरे की कोई बात नहीं है।