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एक को मरा जान छोड़ा, दूसरे को मौत के घाट उतारा
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Mon, 20 Feb 2017 11:58 PM IST
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Murder
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नौगावां सादात थाना क्षेत्र के गांव दाऊसराय में रविवार को धारदार हथियार से सौतेले भाई का गला रेतकर घायल करने का आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। समय से पता चलने पर एक भाई की जिंदगी तो बचा ली गई, लेकिन आरोपी ने दूसरे सौतेले भाई को बर्बरता पूर्वक मौत के घाट उतार दिया। जैसी की आशंका जताई जा रही थी।
छोटे सौतेले भाई का शव गांव के उत्तर-पूर्व में स्थित रिंग रोड के पास गेहूं के खेत से डेढ़ किमी दूर बरामद हुआ है। उसका गला और पेट बुरी तरह से चाकू से काटा गया था। उधर, दिल्ली में भर्ती घायल विकास की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। वारदात को अंजाम देने में शेरसिंह ने अपने एक साथी की मदद ली थी, जो फरार बताया जा रहा है।
शहर से तीन किलोमीटर दूर गांव दाऊद सराय निवासी राजमिस्त्री वेगनाथ सिंह ने पहली पत्नी बसंती की मौत के बाद अमरोहा के मोहल्ला मोहम्मदी सराय निवासी कमलेश पत्नी वीर सिंह को प्रेम प्रसंग के बाद अपने साथ रख लिया था। पहली पत्नी से उसे तीन पुत्र रूपचंद, विकास उर्फ गुड्डू (12) और वेदप्रकाश (9) थे।
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बड़ा बेटा ताऊ के साथ रहता है। वहीं, कमलेश को अपने पहले पति वीर सिंह से शेर सिंह (22) और दो अन्य बच्चे हैं, जो पिता के साथ रहते हैं। शेर सिंह अपराधी प्रवृत्ति का है और अपनी मां के वेगनाथ सिंह के साथ जाने से रंजिश रखता था। वो वेगनाथ सिंह के साथ कई बार मारपीट और हमला कर चुका था।
हत्या के एक मामले में जमानत पर छूटा शेर सिंह तीन दिन पहले दाऊद सराय मां के घर आया था यहीं रह रहा था। शेर सिंह ने रविवार तड़के चार बजे सौतेले भाई विकास को शौच के बहाने रामचरण के गन्ने के खेत में ले जाकर उसका गला चाकू से रेत डाला था। इसके बाद छोटे सौतेले भाई वेदप्रकाश को लेकर गायब हो गया था।
खेत के रास्ते पर तड़पते में मिले विकास को जिला अस्पताल से मेरठ और वहां से दिल्ली रेफर किया गया था, जहां उसकी हालत में अब सुधार है। पुलिस और ग्रामीणों ने आसपास के खेतों में तलाशी अभियान चलाया था, लेकिन गायब वेदप्रकाश और आरोपी शेर सिंह का कहीं पता नहीं चला था।
सोमवार को मामले में पुलिस के हाथ कामयाबी हाथ लगी और आरोपी को पुलिस ने शहर के ही लकड़ा चौराहे से धर दबोचा। पुलिस की कड़ाई से पूछताछ में उसने जो राज उगले उससे पुलिस के भी रोंगटे खड़े हो गए। रंजिश में अंधा आरोपी शेर सिंह सौतेले भाई विकास की हत्या में तो कामयाब नहीं हो पाया, लेकिन छोटे भाई वेदप्रकाश को मौत की नींद सुलाने में वो कामयाब हो चुका था।
हत्यारोपी की निशानदेही पर पुलिस शव को बरामद करने पहुंची तो उसकी हालत को देख कर सभी रूह कांप उठी। गला बुरी तरह से काटा गया था। चाकू से पेट भी फाड़ दिया गया था, आंतें बाहर निकल आई थी। पीठ की तरफ भी चाकू से वार किए गए थे।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हालांकि कागज अपूर्ण रहने से सोमवार को पोस्टमार्टम नहीं हो पाया। पुलिस ने मामले में शेर सिंह को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि साथी सोनू फरार बताया जा रहा है।
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छोटे सौतेले भाई का शव गांव के उत्तर-पूर्व में स्थित रिंग रोड के पास गेहूं के खेत से डेढ़ किमी दूर बरामद हुआ है। उसका गला और पेट बुरी तरह से चाकू से काटा गया था। उधर, दिल्ली में भर्ती घायल विकास की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। वारदात को अंजाम देने में शेरसिंह ने अपने एक साथी की मदद ली थी, जो फरार बताया जा रहा है।
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शहर से तीन किलोमीटर दूर गांव दाऊद सराय निवासी राजमिस्त्री वेगनाथ सिंह ने पहली पत्नी बसंती की मौत के बाद अमरोहा के मोहल्ला मोहम्मदी सराय निवासी कमलेश पत्नी वीर सिंह को प्रेम प्रसंग के बाद अपने साथ रख लिया था। पहली पत्नी से उसे तीन पुत्र रूपचंद, विकास उर्फ गुड्डू (12) और वेदप्रकाश (9) थे।
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बड़ा बेटा ताऊ के साथ रहता है। वहीं, कमलेश को अपने पहले पति वीर सिंह से शेर सिंह (22) और दो अन्य बच्चे हैं, जो पिता के साथ रहते हैं। शेर सिंह अपराधी प्रवृत्ति का है और अपनी मां के वेगनाथ सिंह के साथ जाने से रंजिश रखता था। वो वेगनाथ सिंह के साथ कई बार मारपीट और हमला कर चुका था।
हत्या के एक मामले में जमानत पर छूटा शेर सिंह तीन दिन पहले दाऊद सराय मां के घर आया था यहीं रह रहा था। शेर सिंह ने रविवार तड़के चार बजे सौतेले भाई विकास को शौच के बहाने रामचरण के गन्ने के खेत में ले जाकर उसका गला चाकू से रेत डाला था। इसके बाद छोटे सौतेले भाई वेदप्रकाश को लेकर गायब हो गया था।
खेत के रास्ते पर तड़पते में मिले विकास को जिला अस्पताल से मेरठ और वहां से दिल्ली रेफर किया गया था, जहां उसकी हालत में अब सुधार है। पुलिस और ग्रामीणों ने आसपास के खेतों में तलाशी अभियान चलाया था, लेकिन गायब वेदप्रकाश और आरोपी शेर सिंह का कहीं पता नहीं चला था।
सोमवार को मामले में पुलिस के हाथ कामयाबी हाथ लगी और आरोपी को पुलिस ने शहर के ही लकड़ा चौराहे से धर दबोचा। पुलिस की कड़ाई से पूछताछ में उसने जो राज उगले उससे पुलिस के भी रोंगटे खड़े हो गए। रंजिश में अंधा आरोपी शेर सिंह सौतेले भाई विकास की हत्या में तो कामयाब नहीं हो पाया, लेकिन छोटे भाई वेदप्रकाश को मौत की नींद सुलाने में वो कामयाब हो चुका था।
हत्यारोपी की निशानदेही पर पुलिस शव को बरामद करने पहुंची तो उसकी हालत को देख कर सभी रूह कांप उठी। गला बुरी तरह से काटा गया था। चाकू से पेट भी फाड़ दिया गया था, आंतें बाहर निकल आई थी। पीठ की तरफ भी चाकू से वार किए गए थे।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हालांकि कागज अपूर्ण रहने से सोमवार को पोस्टमार्टम नहीं हो पाया। पुलिस ने मामले में शेर सिंह को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि साथी सोनू फरार बताया जा रहा है।