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अमरोहा में इंदिरा आवास घोटाला, चार अधिकारी फंसे
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Fri, 03 Jun 2016 01:20 AM IST
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अवैध भवन मालिकों को शपथ पत्र देना होगा कि वे दोबारा डेविएशन नहीं करेंगे।
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अमरोहा जिले के जोया ब्लाक के गांव औरंगाबाद में लाखों रुपये का इंदिरा आवास घोटाला उजागर हुआ है। कमिश्नर के आदेश पर परियोजना निदेशक ने जांच की तो इसमें खंड विकास अधिकारी समेत चार अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए गए हैं और दंडात्मक कार्रवाई करने की संस्तुति की गई है।
इंदिरा आवासों के लिए चयनित 15 लाभार्थियों समेत पंचायत सचिव, पूर्व प्रधान, सहायक विकास अधिकारी और सेक्टर अधिकारी से साढ़े दस लाख रुपये की वसूली की कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
कमिश्नर सुभाष चंद्र शर्मा ने 10 मई 2016 को जिलाधिकारी अमरोहा वेदप्रकाश को जोया विकास खंड के गांव औरंगाबाद में हुए इंदिरा आवासों के घपले संबंधित शिकायतकर्ता मईनुद्दीन एवं अब्दुल कादिर के शिकायती पत्र के साथ जांच करने के आदेश भेजे। जिलाधिकारी ने इस प्रकरण की जांच जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक पदमकांत शुक्ला से कराई।
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परियोजना निदेशक ने जांच में पाया कि इंदिरा आवास योजना वित्तीय वर्ष 2014-15 में अपात्र पाए गए लाभार्थियों को लाभान्वित कराने के लिए उत्तरदायी तत्कालीन ग्राम प्रधान आमना खातून, ग्राम पंचायत सचिव राजवीर सिंह, सेक्टर अधिकारी शिशुपाल सिंह, सहायक विकास अधिकारी (आईएसबी), पटल सहायक सीके त्रिपाठी, खंड विकास विकास अधिकारी शौकत अली से स्पष्टीकरण मांगा गया।
स्पष्टीकरण के परीक्षण से 15 लाभार्थियों के चयन में घोर लापरवाही उजागर हुई। इस प्रकरण में लाभार्थियों का चयन गलत तरीके से किया जाना पाया गया। ग्राम पंचायत की बैठक में इस आशय का प्रस्ताव पास कराते हुए ग्राम पंचायत सचिव ने प्रस्ताव को अनुमोदित नहीं कराया।
सेक्टर अधिकारी और सहायक विकास अधिकारी ने लाभार्थियों एवं उस आधार का जिस पर लाभार्थियों को लाभान्वित किया जा रहा था, उसका सघन परीक्षण नहीं किया गया और न इस संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया।
इस तरह गलत तथ्य प्रस्तुत कर लाभार्थियों का चयन कराने के लिए मुख्य रूप से पूर्व ग्राम प्रधान आमना खातून के प्रति लापरवाही उदासीनता, ग्राम पंचायत सचिव, सेक्टर अधिकारी, खंड विकास अधिकारी और पटल सहायक को उत्तरदायी ठहराया गया है। साथ ही पूर्व प्रधान, लाभार्थियों समेत अधिकारियों से भी 10.500 लाख रुपये वसूल करने के कार्रवाई शुरू करने की संस्तुति की गई।
इस मामले में जांच करके रिपोर्ट मंडलायुक्त को भेज दी गई है। 10,50000 रुपये की रिकवरी की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। दोषी पाए गए ग्राम पंचायत विकास अधिकारी, सेक्टर अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी, पटल सहायक और बीडीओ पर विभागीय दंडात्मक कार्रवाई प्रचलन में है।-पदमकांत शुक्ला परियोजना निदेशक अमरोहा
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इंदिरा आवासों के लिए चयनित 15 लाभार्थियों समेत पंचायत सचिव, पूर्व प्रधान, सहायक विकास अधिकारी और सेक्टर अधिकारी से साढ़े दस लाख रुपये की वसूली की कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
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कमिश्नर सुभाष चंद्र शर्मा ने 10 मई 2016 को जिलाधिकारी अमरोहा वेदप्रकाश को जोया विकास खंड के गांव औरंगाबाद में हुए इंदिरा आवासों के घपले संबंधित शिकायतकर्ता मईनुद्दीन एवं अब्दुल कादिर के शिकायती पत्र के साथ जांच करने के आदेश भेजे। जिलाधिकारी ने इस प्रकरण की जांच जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक पदमकांत शुक्ला से कराई।
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परियोजना निदेशक ने जांच में पाया कि इंदिरा आवास योजना वित्तीय वर्ष 2014-15 में अपात्र पाए गए लाभार्थियों को लाभान्वित कराने के लिए उत्तरदायी तत्कालीन ग्राम प्रधान आमना खातून, ग्राम पंचायत सचिव राजवीर सिंह, सेक्टर अधिकारी शिशुपाल सिंह, सहायक विकास अधिकारी (आईएसबी), पटल सहायक सीके त्रिपाठी, खंड विकास विकास अधिकारी शौकत अली से स्पष्टीकरण मांगा गया।
स्पष्टीकरण के परीक्षण से 15 लाभार्थियों के चयन में घोर लापरवाही उजागर हुई। इस प्रकरण में लाभार्थियों का चयन गलत तरीके से किया जाना पाया गया। ग्राम पंचायत की बैठक में इस आशय का प्रस्ताव पास कराते हुए ग्राम पंचायत सचिव ने प्रस्ताव को अनुमोदित नहीं कराया।
सेक्टर अधिकारी और सहायक विकास अधिकारी ने लाभार्थियों एवं उस आधार का जिस पर लाभार्थियों को लाभान्वित किया जा रहा था, उसका सघन परीक्षण नहीं किया गया और न इस संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया।
इस तरह गलत तथ्य प्रस्तुत कर लाभार्थियों का चयन कराने के लिए मुख्य रूप से पूर्व ग्राम प्रधान आमना खातून के प्रति लापरवाही उदासीनता, ग्राम पंचायत सचिव, सेक्टर अधिकारी, खंड विकास अधिकारी और पटल सहायक को उत्तरदायी ठहराया गया है। साथ ही पूर्व प्रधान, लाभार्थियों समेत अधिकारियों से भी 10.500 लाख रुपये वसूल करने के कार्रवाई शुरू करने की संस्तुति की गई।
इस मामले में जांच करके रिपोर्ट मंडलायुक्त को भेज दी गई है। 10,50000 रुपये की रिकवरी की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। दोषी पाए गए ग्राम पंचायत विकास अधिकारी, सेक्टर अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी, पटल सहायक और बीडीओ पर विभागीय दंडात्मक कार्रवाई प्रचलन में है।-पदमकांत शुक्ला परियोजना निदेशक अमरोहा