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कांवड़ियों के रेले में फंसी एंबुलेंस, नवजात की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Mon, 15 Aug 2016 01:16 AM IST
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- फोटो : getty images
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मुरादाबाद में दिल्ली रोड पर कांवड़ियों के रेले में एंबुलेंस फंसने की वजह से नौगावां सादात से रेफर किए गए नवजात ने दम तोड़ दिया। रविवार सुबह अमरोहा के नर्सिंग होम में जन्म के बाद बालक की हालत बिगड़ने पर उसे मुरादाबाद लाया जा रहा था। जाम में फंसी एंबुलेंस को रास्ता देने की परिजनों ने लाख गुहार लगाई मगर पुलिसकर्मियों का कलेजा नहीं पसीजा। बच्चे की मौत से परिजनों में कोहराम मचा है।
कस्बे के बगला मोहल्ला निवासी अफजल मेहंदी की पत्नी हसन जैहरा को रविवार की सुबह प्रसव पीड़ा हुई। उसे अमरोहा के एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। सुबह साढ़े दस बजे आपरेशन के बाद हसन जहरा ने बेटे को जन्म दिया। आधे घंटे तक नवजात न तो रोया और न ही कोई हलचल की तो चिकित्सकों ने बाहर के लिए रेफर कर दिया। परिजन उसे मुरादाबाद के निजी अस्पताल में ले जा रहे थे। एंबुलेंस में नवजात व अफजल मेहंदी का बड़ा भाई हैदर मेहंदी व परिजन दूसरी गाड़ी में साथ चल रहे थे। पाकबड़ा पहुंचने के बाद परिजनों की गाड़ी को पुलिस ने रोक लिया।
उधर एंबुलेंस मुरादाबाद में चौधरी चरण सिंह तिराहे तक पहुंच गई। यहां कांवड़ियों का बड़ा जाम मिल गया। कांवड़ियों की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों ने एंबुलेंस रोक ली। लाख मिन्नतों के बाद भी उनका कलेजा नहीं पसीजा। परिजन गिड़गिड़ाते रहे, मगर कोई असर नहीं हुआ। उधर नवजात अंतिम सांस गिन रहा था। बच्चे की नब्ज छूटती देख हैदर मेहंदी उसे गोद में उठाकर भागा।
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एंबुलेंस चालक ने आक्सीजन का सिलेंडर हाथ में ले लिया। दोनों ने बालक को बचाने के लिए खूब दौड़ लगाई। नवजात को गोदी में लेकर कुछ ही दूर पहुंचे थे कि उसकी सांस थम गईं। परिजनों में कोहराम मच गया। नवजात की मौत के बाद गमजदा परिजन यहीं से वापस हो गए। नर्सिंग होम में दाखिल हसन जैहरा को नवजात की मौत के बारे में नहीं बताया गया है।
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कस्बे के बगला मोहल्ला निवासी अफजल मेहंदी की पत्नी हसन जैहरा को रविवार की सुबह प्रसव पीड़ा हुई। उसे अमरोहा के एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। सुबह साढ़े दस बजे आपरेशन के बाद हसन जहरा ने बेटे को जन्म दिया। आधे घंटे तक नवजात न तो रोया और न ही कोई हलचल की तो चिकित्सकों ने बाहर के लिए रेफर कर दिया। परिजन उसे मुरादाबाद के निजी अस्पताल में ले जा रहे थे। एंबुलेंस में नवजात व अफजल मेहंदी का बड़ा भाई हैदर मेहंदी व परिजन दूसरी गाड़ी में साथ चल रहे थे। पाकबड़ा पहुंचने के बाद परिजनों की गाड़ी को पुलिस ने रोक लिया।
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उधर एंबुलेंस मुरादाबाद में चौधरी चरण सिंह तिराहे तक पहुंच गई। यहां कांवड़ियों का बड़ा जाम मिल गया। कांवड़ियों की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों ने एंबुलेंस रोक ली। लाख मिन्नतों के बाद भी उनका कलेजा नहीं पसीजा। परिजन गिड़गिड़ाते रहे, मगर कोई असर नहीं हुआ। उधर नवजात अंतिम सांस गिन रहा था। बच्चे की नब्ज छूटती देख हैदर मेहंदी उसे गोद में उठाकर भागा।
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एंबुलेंस चालक ने आक्सीजन का सिलेंडर हाथ में ले लिया। दोनों ने बालक को बचाने के लिए खूब दौड़ लगाई। नवजात को गोदी में लेकर कुछ ही दूर पहुंचे थे कि उसकी सांस थम गईं। परिजनों में कोहराम मच गया। नवजात की मौत के बाद गमजदा परिजन यहीं से वापस हो गए। नर्सिंग होम में दाखिल हसन जैहरा को नवजात की मौत के बारे में नहीं बताया गया है।