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नीट पेपर लीक मामला : कलक्ट्रेट पर गरजे कांग्रेसी
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अमरोहा। यूजीसी नीट परीक्षा को रद्द करते हुए सीबीआई जांच करने की मांग को लेकर कांग्रेस पदाधिकारी कलक्ट्रेट पर जमकर गरजे। धरना-प्रदर्शन के बाद राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। यूजीसी नीट परीक्षा में भ्रष्टाचार के कारण लाखों युवाओं का भविष्य दांव पर लगने की बात कही।
शुक्रवार को कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष ओमकार कटारिया व शहर अध्यक्ष फैज आलम राइनी के नेतृत्व में तमाम कांग्रेसी कलक्ट्रेट पहुंचे। यूजीसी नीट-2024 का परिणाम 4 जून को जारी हुआ था। जिसमें कई अनियमितताएं जाहिर हुईं। पेपर लीक का आरोप भी अभ्यर्थियों द्वारा लगाया गया। परीक्षा में तकनीकी गड़बड़ियां, कदाचार और अनुचित साधनों का प्रयोग किया गया। भाजपा शासित राज्य उत्तर प्रदेश, बिहार, गुजरात और हरियाणा में यूजीसी नीट परीक्षा से संबंधित भ्रष्टाचार के लिए कईं लोगों की गिरफ्तारियां भी हुईं।
नीट परीक्षा में भ्रष्टाचार के कारण लाखों युवाओं का भविष्य दांव पर लग गया है। अभिभावकों के लाखों रुपये बर्बाद हुए हैं, जिस कारण कई छात्र अवसाद में हैं। चूंकि नीट मेडिकल की परीक्षा है। ऐसी परीक्षाओं में कदाचार और भ्रष्टाचार से आए हुए चिकित्सक भविष्य में आम जनमानस के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ ही करेंगे। नीट परीक्षा में हुई धांधली के आरोपों को बल मिलता है।
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कांग्रेस पार्टी ने अपने घोषणापत्र में पेपर लीक के खिलाफ सख्त कानून लागू करके युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने का वादा किया था। इसलिए कांग्रेस सरकार से मांग करती है कि यूजीसी नीट परीक्षा को रद्द करते हुए सीबीआई जांच कराई जाए। साथ ही सभी धांधलियों की जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री अपने पद से तत्काल इस्तीफा दें।
इस दौरान अब्दुल सत्तार सैफी, अली हसन, चौधरी नरेंद्र सिंह, अमन कुमार, जाहिद, इसरत अली आदि मौजूद रहे।
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शुक्रवार को कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष ओमकार कटारिया व शहर अध्यक्ष फैज आलम राइनी के नेतृत्व में तमाम कांग्रेसी कलक्ट्रेट पहुंचे। यूजीसी नीट-2024 का परिणाम 4 जून को जारी हुआ था। जिसमें कई अनियमितताएं जाहिर हुईं। पेपर लीक का आरोप भी अभ्यर्थियों द्वारा लगाया गया। परीक्षा में तकनीकी गड़बड़ियां, कदाचार और अनुचित साधनों का प्रयोग किया गया। भाजपा शासित राज्य उत्तर प्रदेश, बिहार, गुजरात और हरियाणा में यूजीसी नीट परीक्षा से संबंधित भ्रष्टाचार के लिए कईं लोगों की गिरफ्तारियां भी हुईं।
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नीट परीक्षा में भ्रष्टाचार के कारण लाखों युवाओं का भविष्य दांव पर लग गया है। अभिभावकों के लाखों रुपये बर्बाद हुए हैं, जिस कारण कई छात्र अवसाद में हैं। चूंकि नीट मेडिकल की परीक्षा है। ऐसी परीक्षाओं में कदाचार और भ्रष्टाचार से आए हुए चिकित्सक भविष्य में आम जनमानस के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ ही करेंगे। नीट परीक्षा में हुई धांधली के आरोपों को बल मिलता है।
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कांग्रेस पार्टी ने अपने घोषणापत्र में पेपर लीक के खिलाफ सख्त कानून लागू करके युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने का वादा किया था। इसलिए कांग्रेस सरकार से मांग करती है कि यूजीसी नीट परीक्षा को रद्द करते हुए सीबीआई जांच कराई जाए। साथ ही सभी धांधलियों की जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री अपने पद से तत्काल इस्तीफा दें।
इस दौरान अब्दुल सत्तार सैफी, अली हसन, चौधरी नरेंद्र सिंह, अमन कुमार, जाहिद, इसरत अली आदि मौजूद रहे।